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लैंडरोवर हो या जगुआर, झांसी वाले शान से चलाते हैं लग्जरी कार
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मर्सिडीज।
झांसी। बुंदेलखंड के लोग महंगी और लग्जरी गाड़ियों के खासे शौकीन हैं। सड़कों पर बीएमडब्ल्यू, जगुआर, लैंडरोवर जैसी कारें खूब दौड़ रही हैं। इनमें अधिकतर कारें जिले के उद्योगपतियों और राजनेताओं के नाम पर हैं। जबकि कुछ बाहरी जिलों से लाकर पंजीकृत कराई गई हैं। जिले में कोरोना काल में 84 महंगी गाड़ियों का पंजीकरण हुआ है।
बुंदेलखंड के लोगों में वाहनों को लेकर काफी क्रेज है। झांसी मंडल में कुल 136450 कारों का पंजीकरण हैं। इनमें करीब 660 कारें ऐसी हैं, जो काफी महंगी हैं। जिले में करीब 20 बीएमडब्ल्यू, 30 ऑडी, मर्सिडीज बेंज 20, लैंडरोवर पांच, जगुआर तीन हैं। इसके अलावा मिनी कूपर केवल एक है। मंडल भर में फॉर्च्यूनर कारों की तादाद सबसे ज्यादा है। जिले में करीब 100 से अधिक फॉर्च्यूनर कारें पंजीकृत हैं। झांसी के साथ ही ललितपुर में भी ऑडी और फॉर्च्यूनर के शौकीन लोग हैं। बुंदेलखंड में महंगी गाड़ियों के शौकीनों में उद्योगपति, राजनेता और कारोबारी शामिल हैं।
साल दर साल बढ़ता रहा पंजीकरण
महंगी गाड़ियों के शौकीनों की तादाद जिले में साल दर साल बढ़ी है। साल 2010 में महज चार महंगी गाड़ियां पंजीकृत थीं। जबकि साल 2016 में 107 गाड़ियां पंजीकृत हुईं। आलम यह है कि कोरोना काल के बाद भी साल 2020 में 84 महंगी गाड़ियां खरीदी गईं।
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मंडल में महंगी गाड़ियों की तादाद काफी है। 10 साल में 660 गाड़ियों का पंजीकरण हुआ है। इनमें अधिकांश गाड़ियां नई खरीदी गई हैं और कुछ गाड़ियां बाहर से लाई गई हैं।
सत्येंद्र कुमार, एआरटीओ
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बुंदेलखंड के लोगों में वाहनों को लेकर काफी क्रेज है। झांसी मंडल में कुल 136450 कारों का पंजीकरण हैं। इनमें करीब 660 कारें ऐसी हैं, जो काफी महंगी हैं। जिले में करीब 20 बीएमडब्ल्यू, 30 ऑडी, मर्सिडीज बेंज 20, लैंडरोवर पांच, जगुआर तीन हैं। इसके अलावा मिनी कूपर केवल एक है। मंडल भर में फॉर्च्यूनर कारों की तादाद सबसे ज्यादा है। जिले में करीब 100 से अधिक फॉर्च्यूनर कारें पंजीकृत हैं। झांसी के साथ ही ललितपुर में भी ऑडी और फॉर्च्यूनर के शौकीन लोग हैं। बुंदेलखंड में महंगी गाड़ियों के शौकीनों में उद्योगपति, राजनेता और कारोबारी शामिल हैं।
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साल दर साल बढ़ता रहा पंजीकरण
महंगी गाड़ियों के शौकीनों की तादाद जिले में साल दर साल बढ़ी है। साल 2010 में महज चार महंगी गाड़ियां पंजीकृत थीं। जबकि साल 2016 में 107 गाड़ियां पंजीकृत हुईं। आलम यह है कि कोरोना काल के बाद भी साल 2020 में 84 महंगी गाड़ियां खरीदी गईं।
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मंडल में महंगी गाड़ियों की तादाद काफी है। 10 साल में 660 गाड़ियों का पंजीकरण हुआ है। इनमें अधिकांश गाड़ियां नई खरीदी गई हैं और कुछ गाड़ियां बाहर से लाई गई हैं।
सत्येंद्र कुमार, एआरटीओ