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Jhansi News: अचानक कटा लखन का पत्ता, बालस्वरूप को नामांकन से रोका
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- नगर निगम : सत्ता पक्ष के पांच और विपक्ष का एक प्रत्याशी निर्विरोध कार्यकारिणी में पहुंचा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव शुरू होने से ठीक दो घंटे पहले शनिवार को एक होटल में भाजपा नेताओं की बैठक हुई। एक दिन पहले तक टिकट की रेस में आगे चल रहे बीजेपी पार्षद लखन कुशवाहा का पत्ता अचानक से कट गया। टिकट न मिलने पर भी बाल स्वरूप साहू नामांकन करने पर अड़ गए। जनप्रतिनिधियों के समझाने पर वह माने। दूसरी तरफ, विपक्ष से भी दूसरा प्रत्याशी नहीं उतरा और भाजपा के पांच, विपक्ष के एक प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन हो गया।
कार्यकारिणी चुनाव को लेकर शुक्रवार को विपक्ष ने तो एक प्रत्याशी तय कर लिया था, लेकिन भाजपा में प्रत्याशी तय नहीं हो पाए थे। पार्टी का हर धड़ा अपने गुट के पार्षद को कार्यकारिणी में पहुंचाने के लिए जोर आजमाइश कर रहा था। तय हुआ कि शनिवार को चुनाव से ठीक पहले पार्टी नेताओं की बैठक होगी। नाम तय करके सीधे प्रस्तावक के साथ प्रत्याशी को भेजकर नामांकन कराया जाएगा। हुआ भी वैसा ही। भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह, मुकेश सोनी, आशीष तिवारी, प्रवीण लखेरा और मोनिका गुप्ता को टिकट दे दिया। मगर टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे पार्षद लखन कुशवाहा का पत्ता कट जाने से सभी चौंक गए। लखन को दिनेश प्रताप सिंह का प्रस्तावक बनाया गया। यही नहीं, टिकट न मिलने पर भी पार्षद बाल स्वरूप साहू नामांकन करने पर अड़ गए। इससे भाजपा नेताओं में खलबली मच गई।
जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें समझाया। अगली बार कार्यकारिणी सदस्य बनाने का आश्वासन देकर नामांकन करने से किसी तरह रोका। वहीं, विपक्ष की तरफ से बसपा के महेश गौतम को प्रत्याशी बनाया गया। जबकि, कांग्रेस के पार्षद कन्हैया कपूर की भी चुनाव लड़ने की इच्छा थी। उनके पास भी विपक्ष के कई पार्षदों का समर्थन था। सभी की निगाह इस बात पर टिकी रही कि कहीं कन्हैया नामांकन न कर दें। अगर वह नामांकन करते तो सत्ता और विपक्ष दोनों को क्रॉस वोटिंग होने का डर था। खासकर विपक्ष के पार्षदों ने कन्हैया को नामांकन न करने के लिए मनाया। ऐसे में सभी छह प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया।
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इस दौरान मेयर बिहारी लाल आर्य, सांसद अनुराग शर्मा, विधायक रवि शर्मा, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल, नगर आयुक्त सत्य प्रकाश, बीजेपी महानगर अध्यक्ष हेमंत परिहार, विधायक प्रतिनिधि गोकुल दुबे, पार्षद प्रियंका साहू, पार्षद हरिओम मिश्रा, विकास खत्री, अंकित सहारिया मौजूद रहे।
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नफा न नुकसान, कार्यकारिणी में भाजपा, विपक्ष का पहले जैसा स्थान
12 सदस्यीय पिछली कार्यकारिणी में भाजपा के नौ और विपक्ष के तीन पार्षद सदस्य थे। इस बार जब बुधवार को लॉटरी निकाली गई तो विपक्ष का एक और बीजेपी के पांच प्रत्याशी बाहर हो गए। सभी का निर्विरोध निर्वाचन होने के बाद अब फिर से कार्यकारिणी में सत्ता पक्ष के नौ और विपक्ष के तीन सदस्य हो गए हैं। न तो किसी को नफा हुआ और न किसी को नुकसान।
बीजेपी ने जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की : कार्यकारिणी में भाजपा ने जातीय समीकरण साधने की कोशिश की। बीजेपी ने एक ब्राह्मण, एक क्षत्रिय, एक वैश्य के अलावा पिछड़े वर्ग के दो पार्षदों को कार्यकारिणी में भेजा है। जबकि, अनुसूचित वर्ग के दो सदस्य पहले से ही कार्यकारिणी में हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव शुरू होने से ठीक दो घंटे पहले शनिवार को एक होटल में भाजपा नेताओं की बैठक हुई। एक दिन पहले तक टिकट की रेस में आगे चल रहे बीजेपी पार्षद लखन कुशवाहा का पत्ता अचानक से कट गया। टिकट न मिलने पर भी बाल स्वरूप साहू नामांकन करने पर अड़ गए। जनप्रतिनिधियों के समझाने पर वह माने। दूसरी तरफ, विपक्ष से भी दूसरा प्रत्याशी नहीं उतरा और भाजपा के पांच, विपक्ष के एक प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन हो गया।
कार्यकारिणी चुनाव को लेकर शुक्रवार को विपक्ष ने तो एक प्रत्याशी तय कर लिया था, लेकिन भाजपा में प्रत्याशी तय नहीं हो पाए थे। पार्टी का हर धड़ा अपने गुट के पार्षद को कार्यकारिणी में पहुंचाने के लिए जोर आजमाइश कर रहा था। तय हुआ कि शनिवार को चुनाव से ठीक पहले पार्टी नेताओं की बैठक होगी। नाम तय करके सीधे प्रस्तावक के साथ प्रत्याशी को भेजकर नामांकन कराया जाएगा। हुआ भी वैसा ही। भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह, मुकेश सोनी, आशीष तिवारी, प्रवीण लखेरा और मोनिका गुप्ता को टिकट दे दिया। मगर टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे पार्षद लखन कुशवाहा का पत्ता कट जाने से सभी चौंक गए। लखन को दिनेश प्रताप सिंह का प्रस्तावक बनाया गया। यही नहीं, टिकट न मिलने पर भी पार्षद बाल स्वरूप साहू नामांकन करने पर अड़ गए। इससे भाजपा नेताओं में खलबली मच गई।
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जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें समझाया। अगली बार कार्यकारिणी सदस्य बनाने का आश्वासन देकर नामांकन करने से किसी तरह रोका। वहीं, विपक्ष की तरफ से बसपा के महेश गौतम को प्रत्याशी बनाया गया। जबकि, कांग्रेस के पार्षद कन्हैया कपूर की भी चुनाव लड़ने की इच्छा थी। उनके पास भी विपक्ष के कई पार्षदों का समर्थन था। सभी की निगाह इस बात पर टिकी रही कि कहीं कन्हैया नामांकन न कर दें। अगर वह नामांकन करते तो सत्ता और विपक्ष दोनों को क्रॉस वोटिंग होने का डर था। खासकर विपक्ष के पार्षदों ने कन्हैया को नामांकन न करने के लिए मनाया। ऐसे में सभी छह प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया।
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इस दौरान मेयर बिहारी लाल आर्य, सांसद अनुराग शर्मा, विधायक रवि शर्मा, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल, नगर आयुक्त सत्य प्रकाश, बीजेपी महानगर अध्यक्ष हेमंत परिहार, विधायक प्रतिनिधि गोकुल दुबे, पार्षद प्रियंका साहू, पार्षद हरिओम मिश्रा, विकास खत्री, अंकित सहारिया मौजूद रहे।
नफा न नुकसान, कार्यकारिणी में भाजपा, विपक्ष का पहले जैसा स्थान
12 सदस्यीय पिछली कार्यकारिणी में भाजपा के नौ और विपक्ष के तीन पार्षद सदस्य थे। इस बार जब बुधवार को लॉटरी निकाली गई तो विपक्ष का एक और बीजेपी के पांच प्रत्याशी बाहर हो गए। सभी का निर्विरोध निर्वाचन होने के बाद अब फिर से कार्यकारिणी में सत्ता पक्ष के नौ और विपक्ष के तीन सदस्य हो गए हैं। न तो किसी को नफा हुआ और न किसी को नुकसान।
बीजेपी ने जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की : कार्यकारिणी में भाजपा ने जातीय समीकरण साधने की कोशिश की। बीजेपी ने एक ब्राह्मण, एक क्षत्रिय, एक वैश्य के अलावा पिछड़े वर्ग के दो पार्षदों को कार्यकारिणी में भेजा है। जबकि, अनुसूचित वर्ग के दो सदस्य पहले से ही कार्यकारिणी में हैं।