फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Lacks upkaran book in two minute

ताकते रह गए किसान, दो मिनट में बुक हो गए लाखों के कृषि उपकरण

Sun, 07 Feb 2021 01:08 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Feb 2021 01:08 AM IST
विज्ञापन
Lacks upkaran book in two minute
झांसी। लाखों रुपये की सब्सिडी वाले कृषि उपकरण पोर्टल खुलने के महज दो मिनट के भीतर ही बुक करा लिए गए। परेशान किसानों ने उपनिदेशक कृषि का घेराव कर शिकायत दर्ज कराई। किसानों का कहना था कि सिंडीकेट के जरिए सारे उपकरण बुक करा लिए गए।
विज्ञापन

कृषि यंत्रीकरण योजना के जरिए किसानों को अनुदान पर कृषि उपकरण मुहैया कराए जाते है। कल्टीवेटर, मिनी राइस मिल, पावर डिलर, लेजर, मल्टीक्राप, थ्रेसर, पावर चैफकटर, ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर, डिस्क प्लाऊ, ऑयल मिल विद फिल्टर, प्रेस रोटावेटर, स्ट्रारीपर, पैकिंग मशीन, आलू खुदाई मशीन जैसे उपकरणों पर सरकार 40-80 फीसदी तक अनुदान देती है। भारी- भरकम अनुदान होेने से कृषि उपकरणों के लिए जोर आजमाइश होती है। इनके लिए पांच फरवरी को पारदर्शी किसान सेवा पोर्टल खोला गया, लेकिन किसानों का कहना है पोर्टल खुला ही नहीं। पंजीकरण कराने को किसान रात भर इंतजार करते रहे, लेकिन पोर्टल नहीं खुला।
विज्ञापन

शनिवार की सुबह खुलने के दो मिनट बाद 9.31 बजे बुकिंग फुल दिखाकर साइट बंद कर दी गई। परेशान किसान शिकायत लेकर उप निदेशक कृषि कार्यालय पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष कमलेश लंबरदार, अविनाश भार्गव, पंकज यादव, अवधेश, अतुल, अनूप पाठक आदि का कहना है कि रात भर पोर्टल खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन पोर्टल नहीं खुला। उन्होंने इसके पीछे सिंडीकेट के हावी होने की बात कहते हुए जांच कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले भी सवालों के घेरे में आ चुकी ऑनलाइन प्रक्रिया
कृषि उपकरणों की ऑनलाइन बुकिंग पहले भी सवालों के घेरे में आ चुकी। जिस साइट पर इनकी बुकिंग होती है, उसे जानबूझकर हैंग कर दिया जाता है। जानकारों का दावा है मुख्यालय स्तर पर सांठगांठ होने से सिर्फ चंद मिनट को साइट खुलती है। इसी में उपकरण डीलर एवं बिचौलिये फर्जी टोकन बनवाकर सब्सिडी डकार जाते हैं। पहले भी कई बार यह खेल उजागर हो चुका, लेकिन इसे रोेकने को अब तक कोई उपाय नहीं हुए। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा।

किसानों से शिकायत मिली है कि उनको बुकिंग कराने का मौका नहीं मिला। उनकी इस समस्या से मुख्यालय को अवगत करा दिया जाएगा। ऑनलाइन बुकिंग का पूरा नियंत्रण मुख्यालय स्तर पर ही होता है।
- केके सिंह, प्रभारी उपनिदेशक कृषि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed