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पानी न होने से ट्रेनों में यात्रियों का बुरा हाल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:13 AM IST
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water crisis jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
झांसी। विद्युत फाल्ट के कारण रेलवे स्टेशन में जलापूर्ति ठप होने से ट्रेनों में यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत पंजाब और कानपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को हुई।
पंजाब और कानपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इससे यहां की ट्रेन में पानी की अधिक मांग रहती है। शुक्रवार को पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस और कानपुर से आने वाली राप्ती सागर, साबरमती एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस गाड़ियों में पानी उपलब्ध कराने का मैसेज आया। मगर, झांसी में पानी नहीं भरा जा सका। इससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। पानी को लेकर यात्रियों ने हंगामा भी शुरू कर दिया।
45 हजार लीटर पानी की जरूरत
स्टेशन पर जिन हाइड्रेंट की मदद से कोचों में पानी भरा जाता है, वह 57 हजार लीटर पानी की टंकी से जुड़े हैं। एक कोच की चार टंकियों को भरने के लिए 18 सौ लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। इस हिसाब से एक ट्रेन के सभी कोचों को भरने के लिए कम से कम 45 हजार लीटर पानी की जरूरत पड़ती है।
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शुक्रवार को सिर्फ प्लेटफार्मों पर पीने के पानी, शौचालय और प्लेटफार्म सफाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया गया। पानी की कमी के कारण ज्यादातर ट्रेनें बिना सफाई के ही रवाना कर दी गईं।
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पंजाब और कानपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इससे यहां की ट्रेन में पानी की अधिक मांग रहती है। शुक्रवार को पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, पठानकोट एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, झेलम एक्सप्रेस और कानपुर से आने वाली राप्ती सागर, साबरमती एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस गाड़ियों में पानी उपलब्ध कराने का मैसेज आया। मगर, झांसी में पानी नहीं भरा जा सका। इससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। पानी को लेकर यात्रियों ने हंगामा भी शुरू कर दिया।
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45 हजार लीटर पानी की जरूरत
स्टेशन पर जिन हाइड्रेंट की मदद से कोचों में पानी भरा जाता है, वह 57 हजार लीटर पानी की टंकी से जुड़े हैं। एक कोच की चार टंकियों को भरने के लिए 18 सौ लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। इस हिसाब से एक ट्रेन के सभी कोचों को भरने के लिए कम से कम 45 हजार लीटर पानी की जरूरत पड़ती है।
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शुक्रवार को सिर्फ प्लेटफार्मों पर पीने के पानी, शौचालय और प्लेटफार्म सफाई के लिए पानी उपलब्ध करवाया गया। पानी की कमी के कारण ज्यादातर ट्रेनें बिना सफाई के ही रवाना कर दी गईं।