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कृतिका और मंथन की दोस्ती के बीच आ गया था हुकुमेंद्र

Sat, 20 Feb 2021 01:04 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2021 01:04 AM IST
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Kritika and manthan friendship between come hukumendra
झांसी। कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद से ही कृतिका और मंथन के बीच गहरी दोस्ती थी। बाद के सालों में इस दोस्ती का हुकुमेंद्र भी हिस्सा बन गया था। शुरुआत में तो सब ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में मंथन को हुकुमेंद्र अखरने लगा था। हुकुमेंद्र अक्सर कृतिका को लेकर टिप्पणी करता रहता था, जो मंथन को कतई पसंद नहीं था। अक्सर मंथन कृतिका और हुकुमेंद्र के बीच होने वाली आपसी बातचीत का विरोध भी करता था। लेकिन, दोनों ने ही मंथन के विरोध का नजरअंदाज कर दिया। मंथन के दिल में दोनों के प्रति गुस्सा पनपने लगा, जिसका नतीजा शुक्रवार को हुई घटना रही।
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मंथन सिंह सेंगर और कृतिका त्रिवेदी दोनों ने 2014 में बुंदेलखंड महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। दोनों ने ही साथ में एनसीसी ज्वाइन की थी। शुरुआत से ही दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी। बीए अंतिम वर्ष में पहुंचते - पहुंचते हुकुमेंद्र सिंह भी उनकी इस दोस्ती का हिस्सा बन गया। शुरुआत में तीनों कॉलेज कैंपस में साथ में ही नजर आया करते थे। एनसीसी की ट्रेनिंग के दौरान स्वच्छ भारत अभियान में तीनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लॉकडाउन के दरम्यान में जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी निभाई। चूंकि, कृतिका और मंथन की पहले से ही गहरी दोस्ती थी, लेकिन बाद के दिनों में कृतिका और हुकुमेंद्र की भी अच्छी दोस्ती हो गई थी। अक्सर हुकुमेंद्र मंथन से कृतिका को लेकर टिप्पणी कर देता था। मंथन इसका विरोध करता था। साथ ही कृतिका को भी हुकुमेंद्र से दूर रहने को कहता था। लेकिन, दोनों ही मंथन की बात को नजर अंदाज करते आ रहे थे। मंथन अंदर ही अंदर घुटता जा रहा था। उसके साथियों के अनुसार उसका स्वभाव भी बदलने लगा था। पहले जहां कॉलेज में नियमित रूप से उपस्थित रहता था, तो वहीं वो अब दूरी बनाने लगा था। माना जा रहा है कि जब हुकुमेंद्र और कृतिका दोनों ने ही उसकी बात नहीं सुनी तो उसने ये रक्तरंजित कर देन वाला प्लान बनाया। पहले उसने हुकुमेंद्र को गोली मारी और बाद में कृतिका को उसके घर पहुंचकर मौत के घाट उतार दिया। खुद को भी वो खत्म करना चाहता था, लेकिन अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाया।
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प्रथम दृष्टया पुलिस इस पूरी घटना को इकतरफा प्रेम प्रसंग मान कर चल रही है। हालांकि, पड़ताल अभी जारी है। तीनों के मोबाइल खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा सहपाठी छात्र और शिक्षकों से भी पूछताछ की गई है। घटना को अंजाम देने वाले छात्र मंथन से भी पुलिस अलग - अलग बिंदुओं पर बातचीत कर रही है। जल्द ही घटना के पीछे की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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