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इल्म से ही इंसान काबिल और कामयाब बनता है- मौलाना अलीम
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झांसी। शनिवार को अलीगोल स्थित मस्जिद नवाब में जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में मस्जिदों के इमामों को कुरान-ए-पाक वितरित किए गए। जलसे में ऑल इंडिया जमीयत-ए-उलमा हिंद के नायाब सदर मौलाना अब्दुल अलीम ने तकरीर के दौरान कहा कि इल्म से ही इंसान काबिल और कामयाब बनता है।
उन्होंने कहा कि आज हम इल्म से पीछे जा रहे हैं। जिससे हमारी कौम लगातार पीछे हो रही है। इल्म की दौलत ही सबसे बड़ी दौलत है। जिसमें जितना भी इल्म होगा वह इंसान तरीके और सलीकेदार होगा। कहा कि नबी ने भी इल्म को हासिल करने पर जोर दिया है। तकरीर में उन्होंने बताया कि जिस तरह हम बेटों की पढ़ाई पर तव्वजो देते हैं। उसी तरह से हमको बेटियों की पढ़ाई पर भी ध्यान देना होगा। जब दोनों ही इल्म हासिल कर लेंगे तो नस्ल भी काबिल होगी। हमको बेटियों का सम्मान करना चाहिए। चाहे वह किसी भी जाति या मजहब की हों। इस्लाम में किसी भी धर्म और जाति को गलत और बुरा कहने से मना किया गया है। हमको सभी धर्मों और उनके अनुयायियों की इज्जत करना चाहिए।
इस मौके पर मुफ्ती साबिर कासमी, मौलाना सैफुद्दीन, मौलाना एजाज, हाफिज अख्तर, हाफिज आबिद, मौलवी अजीम, सैय्यद ताबिश अली मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि आज हम इल्म से पीछे जा रहे हैं। जिससे हमारी कौम लगातार पीछे हो रही है। इल्म की दौलत ही सबसे बड़ी दौलत है। जिसमें जितना भी इल्म होगा वह इंसान तरीके और सलीकेदार होगा। कहा कि नबी ने भी इल्म को हासिल करने पर जोर दिया है। तकरीर में उन्होंने बताया कि जिस तरह हम बेटों की पढ़ाई पर तव्वजो देते हैं। उसी तरह से हमको बेटियों की पढ़ाई पर भी ध्यान देना होगा। जब दोनों ही इल्म हासिल कर लेंगे तो नस्ल भी काबिल होगी। हमको बेटियों का सम्मान करना चाहिए। चाहे वह किसी भी जाति या मजहब की हों। इस्लाम में किसी भी धर्म और जाति को गलत और बुरा कहने से मना किया गया है। हमको सभी धर्मों और उनके अनुयायियों की इज्जत करना चाहिए।
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इस मौके पर मुफ्ती साबिर कासमी, मौलाना सैफुद्दीन, मौलाना एजाज, हाफिज अख्तर, हाफिज आबिद, मौलवी अजीम, सैय्यद ताबिश अली मौजूद रहे।