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कहीं फिर ट्रेन पर गिर न जाए हाइटेंशन तार
झांसी / ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2015 12:38 AM IST
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विद्युत विभाग गंभीर मुद्दों पर कार्य के प्रति कितना सजग है? इसकी बानगी महेंद्र पुरी कालोनी के पीछे रेलवे पटरी पार कर रही हाइटेंशन लाइन से देखी जा सकती है। एक हादसा बचने के पांच साल बाद भी इस लाइन को मानक के अनुरूप दुरुस्त नहीं किया जा सका है। जबकि रेलवे लगातार इस मामले को लेकर विद्युत विभाग से पत्राचार कर रहा है।
दरअसल, हंसारी पावर हाउस से मुन्नालाल सब स्टेशन आने वाली 33 केवी लाइन प्रेमनगर, नंदनपुरा, लहरगिर्द से होकर महेंद्र पुरी कालोनी के पीछे (झांसी- करारी स्टेशन के मध्य) स्थित रेल पटरी (भोपाल- नई दिल्ली मुख्य रेल मार्ग) पार करके आती है। वर्ष 2009 में यह लाइन खंभे समेत रेलवे ट्रैक पर गिर पड़ी थी। टूटे तार मौके से गुजर रही शताब्दी एक्सप्रेस पर आकर गिर गए थे। संयोग से बड़ा हादसा बच गया था। बाद में रेलवे ने ओएचई बंद कराने के बाद तारों को हटाया, तब कहीं जाकर ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हो सकी थी। घटना के बाद विद्युत विभाग ने पटरियों के दोनों तरफ एक-एक खंभे पर ही लाइन को दोबारा खींच दिया था। जबकि रेलवे ने पूर्व की तरह दोनों तरफ दो खंभे व गार्डिंग करने को कहा था, जिससे दोबारा कोई हादसा न हो। बदलते मौसम के कारण अब एक खंभा खतरा बना हुआ है। रेलवे लगातार विद्युत विभाग से पत्राचार कर लाइन दुरुस्त करने की मांग कर रहा है, मगर विद्युत विभाग की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस संबंध में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता (नगर) राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्य के लिए स्टीमेट बनाया जा रहा है। जल्द ही इस कार्य को पूरा कराया जाएगा।
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दरअसल, हंसारी पावर हाउस से मुन्नालाल सब स्टेशन आने वाली 33 केवी लाइन प्रेमनगर, नंदनपुरा, लहरगिर्द से होकर महेंद्र पुरी कालोनी के पीछे (झांसी- करारी स्टेशन के मध्य) स्थित रेल पटरी (भोपाल- नई दिल्ली मुख्य रेल मार्ग) पार करके आती है। वर्ष 2009 में यह लाइन खंभे समेत रेलवे ट्रैक पर गिर पड़ी थी। टूटे तार मौके से गुजर रही शताब्दी एक्सप्रेस पर आकर गिर गए थे। संयोग से बड़ा हादसा बच गया था। बाद में रेलवे ने ओएचई बंद कराने के बाद तारों को हटाया, तब कहीं जाकर ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना हो सकी थी। घटना के बाद विद्युत विभाग ने पटरियों के दोनों तरफ एक-एक खंभे पर ही लाइन को दोबारा खींच दिया था। जबकि रेलवे ने पूर्व की तरह दोनों तरफ दो खंभे व गार्डिंग करने को कहा था, जिससे दोबारा कोई हादसा न हो। बदलते मौसम के कारण अब एक खंभा खतरा बना हुआ है। रेलवे लगातार विद्युत विभाग से पत्राचार कर लाइन दुरुस्त करने की मांग कर रहा है, मगर विद्युत विभाग की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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इस संबंध में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता (नगर) राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्य के लिए स्टीमेट बनाया जा रहा है। जल्द ही इस कार्य को पूरा कराया जाएगा।
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