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न्याय की जगह मिलती दुत्कार
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Fri, 21 Aug 2015 01:32 AM IST
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झांसी। महिला थाने में फरियादियों की सुनवाई नहीं होती है। यदि कोई आता है,
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तो दुत्कार के सिवाय कुछ नहीं मिलता। इससे ससुरालियों के उत्पीड़न से
परेशान महिलाएं न्याय के लिए भटक रही हैं। गुरुवार को एसएसपी कार्यालय आई
पीड़िता ने शिकायती पत्र देकर अपनी पीड़ा बयां की।
सीपरी बाजार थानांतर्गत नंदनपुरा निवासी अशोक यादव की बेटी प्रीति यादव ने बताया कि उसका विवाह 26 फरवरी 2014 को बरुआसागर थानांतर्गत गांव बरगुवां निवासी एक युवक से हुआ था। शादी के कुछ समय के बाद से ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट कर ससुराल से निकाल दिया। पीड़िता ने बताया कि वह 27 अप्रैल से अब तक कई बार महिला थाने पर शिकायत कर चुकी है, मगर वहां सुनवाई नहीं हो रही है।
उल्टा उसे डांटा फटकारा जाता है, जबकि उसके पति को थाने पर ससम्मान बैठाया जाता है। उसने बताया कि विगत दिनों जब उसने महिला थाने पर पति के रुतबे को देखा तो उसे न्याय मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है।
सीपरी बाजार थानांतर्गत नंदनपुरा निवासी अशोक यादव की बेटी प्रीति यादव ने बताया कि उसका विवाह 26 फरवरी 2014 को बरुआसागर थानांतर्गत गांव बरगुवां निवासी एक युवक से हुआ था। शादी के कुछ समय के बाद से ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट कर ससुराल से निकाल दिया। पीड़िता ने बताया कि वह 27 अप्रैल से अब तक कई बार महिला थाने पर शिकायत कर चुकी है, मगर वहां सुनवाई नहीं हो रही है।
उल्टा उसे डांटा फटकारा जाता है, जबकि उसके पति को थाने पर ससम्मान बैठाया जाता है। उसने बताया कि विगत दिनों जब उसने महिला थाने पर पति के रुतबे को देखा तो उसे न्याय मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है।