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दिगारा और कोछाभांवर से ‘उड़ान’ भरेगी झांसी
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झांसी। हवाई अड्डे की स्थापना के लिए सेना की हवाई पट्टी के विस्तारीकरण की फाइल बंद हो गई है। इसके लिए अब कानपुर रोड पर दिगारा और कोछाभांवर में एक हजार एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। दिगारा में 500 एकड़ जमीन चिह्नित भी कर कर ली गई है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग को भेजा जाएगा।
हवाई अड्डे की स्थापना की कवायद पिछले दो दशकों से जारी है। लेकिन, ये परियोजना धरातल पर अब तक नहीं उतर पाई है। पहले इसके लिए सदर तहसील के मौजा सफा और चमरौआ में 200 हेक्टेअर जमीन चिह्नित की गई थी, परंतु बाद में ये योजना यहां फाइलों में ही दबकर रह गई। इसके बाद लंबे समय तक ग्वालियर रोड स्थित सेना की हवाई पट्टी का विस्तार कर नागरिक विमानन सेवा शुरू करने की योजना बनाई जाती रही। लेकिन, आसपास की जमीन लेने में आ रही दिक्कतों के चलते यहां भी ये योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
अब कानपुर रोड से सटे दिगारा और कोछाभांवर में हवाई अड्डा बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसका निर्माण एक हजार एकड़ जमीन पर किया जाएगा। राजस्व विभाग ने दिगारा में पुनर्वास और फील्ड फायरिंग रेंज की 500 एकड़ जमीन चिह्नित करने का काम पूरा कर लिया गया है। यह पूरी जमीन आबादी रहित है, जिसे लेने में ज्यादा अड़चन नहीं आएगी। अब शेष 500 एकड़ जमीन की तलाश दिगारा से सटे कोछाभांवर में की जा रही है। प्राथमिक स्तर पर किए गए सर्वे में कोछाभांवर में कुछ काश्तकारों व आबादी की जमीन आ रही है, जो नियमानुसार खरीदी जाएगी।
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इसलिए उपयोगी है दिगारा और कोछाभांवर की जमीन
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- ये दोनों ही स्थान कानपुर रोड फोरलेन से सटे हुए हैं।
- झांसी-खजुराहो फोरलेन का स्टार्टिंग प्वाइंट दिगारा में है। ओरछा व खजुराहो आने जाने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी।
- सरकारी जमीन की पर्याप्त उपलब्धता होने से जमीन हासिल करना आसान होगा। हवाई अड्डे के निर्माण पर खर्च कम आएगा।
- गरौठा तहसील में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर तक पहुंचना होगा आसान।
- हवाई अड्डे तक आने-जाने के लिए शहर में प्रवेश नहीं करना होगा।
27 सीटर विमान से होगी शुरूआत
झांसी। योजना के अनुसार हवाई अड्डे के निर्माण के बाद शुरूआत में यहां से 27 सीटर पर विमान लखनऊ व अन्य चुनिंदा स्थानों के लिए उड़ाए जाएंगे। इसके अलावा झांसी आने वाले वीवीआईपी दतिया में नहीं उतरना होगा। वे यहां से सीधे आ जा सकेंगे। सवारियों की संख्या बढ़ने पर बाद में बड़े विमान भी यहां से उड़ान भरेंगे।
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हवाई अड्डे की स्थापना की कवायद पिछले दो दशकों से जारी है। लेकिन, ये परियोजना धरातल पर अब तक नहीं उतर पाई है। पहले इसके लिए सदर तहसील के मौजा सफा और चमरौआ में 200 हेक्टेअर जमीन चिह्नित की गई थी, परंतु बाद में ये योजना यहां फाइलों में ही दबकर रह गई। इसके बाद लंबे समय तक ग्वालियर रोड स्थित सेना की हवाई पट्टी का विस्तार कर नागरिक विमानन सेवा शुरू करने की योजना बनाई जाती रही। लेकिन, आसपास की जमीन लेने में आ रही दिक्कतों के चलते यहां भी ये योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
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अब कानपुर रोड से सटे दिगारा और कोछाभांवर में हवाई अड्डा बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसका निर्माण एक हजार एकड़ जमीन पर किया जाएगा। राजस्व विभाग ने दिगारा में पुनर्वास और फील्ड फायरिंग रेंज की 500 एकड़ जमीन चिह्नित करने का काम पूरा कर लिया गया है। यह पूरी जमीन आबादी रहित है, जिसे लेने में ज्यादा अड़चन नहीं आएगी। अब शेष 500 एकड़ जमीन की तलाश दिगारा से सटे कोछाभांवर में की जा रही है। प्राथमिक स्तर पर किए गए सर्वे में कोछाभांवर में कुछ काश्तकारों व आबादी की जमीन आ रही है, जो नियमानुसार खरीदी जाएगी।
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इसलिए उपयोगी है दिगारा और कोछाभांवर की जमीन
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- ये दोनों ही स्थान कानपुर रोड फोरलेन से सटे हुए हैं।
- झांसी-खजुराहो फोरलेन का स्टार्टिंग प्वाइंट दिगारा में है। ओरछा व खजुराहो आने जाने वाले पर्यटकों को सुविधा होगी।
- सरकारी जमीन की पर्याप्त उपलब्धता होने से जमीन हासिल करना आसान होगा। हवाई अड्डे के निर्माण पर खर्च कम आएगा।
- गरौठा तहसील में बनने वाले डिफेंस कॉरिडोर तक पहुंचना होगा आसान।
- हवाई अड्डे तक आने-जाने के लिए शहर में प्रवेश नहीं करना होगा।
27 सीटर विमान से होगी शुरूआत
झांसी। योजना के अनुसार हवाई अड्डे के निर्माण के बाद शुरूआत में यहां से 27 सीटर पर विमान लखनऊ व अन्य चुनिंदा स्थानों के लिए उड़ाए जाएंगे। इसके अलावा झांसी आने वाले वीवीआईपी दतिया में नहीं उतरना होगा। वे यहां से सीधे आ जा सकेंगे। सवारियों की संख्या बढ़ने पर बाद में बड़े विमान भी यहां से उड़ान भरेंगे।