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10वीं में सबसे फिसड्डी रहा झांसी, 12वीं में 50वें पायदान पर
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झांसी। झांसी में ये कैसी पढ़ाई हो रही है? यूपी बोर्ड का रिजल्ट जब जारी हुआ तो हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम ने सभी के होश उड़ा दिए। पास होने के मामले में 10वीं में जनपद का 75वां यानी सबसे अंतिम पायदान आया है। वहीं, इंटरमीडिएट में भी जिला 50वें पायदान पर रहा है। ऐसे में स्कूलों में होने वाली पढ़ाई पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
यूपी बोर्ड के रिजल्ट में इस बार झांसी का सबसे बुरा दौर देखने को मिला है। इस बार हाईस्कूल में 22095 और इंटरमीडिएट में 21505 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें 20.24 फीसदी परीक्षार्थी हाईस्कूल तो 15.60 प्रतिशत छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। प्रदेश स्तर की रैंक की बात करें तो हाईस्कूल में गौतमबुद्ध नगर टॉप पर रहा है। जबकि, झांसी सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है। वहीं, इंटरमीडिएट में बुंदेलखंड का ही बांदा जनपद टॉप पर रहा है। जबकि, झांसी का 50वां स्थान रहा है। ऐसे में जनपद के स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। कोरोना काल में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई, उसको स्कूल खुलने के बावजूद ठीक नहीं किया जा सका। इसी वजह से परीक्षा परिणाम ने प्रदेश भर में झांसी की बदनामी करा दी है।
पिछले दस सालों में ये रहा रिजल्ट
वर्ष 10वीं पास 12वीं पास
2011 62.97 70.91
2012 81.73 86.90
2013 77.74 94.80
2014 75.89 92.95
2015 78.47 92.99
2016 84.10 91.35
2017 74.21 86.00
2018 79.32 79.40
2019 82.76 74.24
2020 86.16 83.65
(नोट: आंकड़े प्रतिशत में। 2021 में छात्र प्रोन्नत हुए)
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यूपी बोर्ड के रिजल्ट में इस बार झांसी का सबसे बुरा दौर देखने को मिला है। इस बार हाईस्कूल में 22095 और इंटरमीडिएट में 21505 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें 20.24 फीसदी परीक्षार्थी हाईस्कूल तो 15.60 प्रतिशत छात्र-छात्राएं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। प्रदेश स्तर की रैंक की बात करें तो हाईस्कूल में गौतमबुद्ध नगर टॉप पर रहा है। जबकि, झांसी सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है। वहीं, इंटरमीडिएट में बुंदेलखंड का ही बांदा जनपद टॉप पर रहा है। जबकि, झांसी का 50वां स्थान रहा है। ऐसे में जनपद के स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। कोरोना काल में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई, उसको स्कूल खुलने के बावजूद ठीक नहीं किया जा सका। इसी वजह से परीक्षा परिणाम ने प्रदेश भर में झांसी की बदनामी करा दी है।
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पिछले दस सालों में ये रहा रिजल्ट
वर्ष 10वीं पास 12वीं पास
2011 62.97 70.91
2012 81.73 86.90
2013 77.74 94.80
2014 75.89 92.95
2015 78.47 92.99
2016 84.10 91.35
2017 74.21 86.00
2018 79.32 79.40
2019 82.76 74.24
2020 86.16 83.65
(नोट: आंकड़े प्रतिशत में। 2021 में छात्र प्रोन्नत हुए)