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झांसी: मेडिकल कॉलेज...ढाई माह से बंद है प्रोस्टेट और किडनी से पथरी निकालने की सर्जरी
Thu, 13 Nov 2025 02:51 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 13 Nov 2025 02:51 PM IST
सार
मेडिकल कॉलेज में मात्र 30 हजार रुपये का उपकरण खराब होने से प्रोस्टेट की सर्जरी ढाई माह से बंद है। यही नहीं लेजर मशीन का उपकरण खराब होने से किडनी से पथरी निकालना भी महीनों से बंद है।
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मेडिकल कॉलेज, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेडिकल कॉलेज में मात्र 30 हजार रुपये का उपकरण खराब होने से प्रोस्टेट की सर्जरी ढाई माह से बंद है। यही नहीं लेजर मशीन का उपकरण खराब होने से किडनी से पथरी निकालना भी महीनों से बंद है। इससे रोगियों को ऑपरेशन की तारीख पर तारीख दी जा रही है।
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी चलने के साथ सर्जरी होती है। ओपीडी में रोजाना औसतन 80 रोगी आते हैं। अधिकांश रोगियों में प्रोस्टेट बढ़ा होने अथवा किडनी, यूरिन ब्लैडर में पथरी आदि की शिकायत होती है। जिन रोगियों को दवाओं से राहत नहीं मिलती, उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। रोजाना औसतन दो रोगियों की प्रोस्टेट और एक की किडनी से पथरी निकालने की सर्जरी होती थी, जो करीब ढाई माह से बंद है। रोगियों को तारीख पर तारीख दी जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि प्रोस्टेट की सर्जरी बंद होने की वजह मात्र 30 हजार रुपये की कीमत का उपकरण वर्किंग एलीमेंट खराब होना है। वहीं, किडनी से पथरी निकालने की आरआईआरएस सर्जरी (रेट्रोग्रेड इंटरनल सर्जरी) भी ढाई माह से ज्यादा समय से बंद है। इसकी वजह लेजर मशीन का उपकरण खराब होना है। इन दोनों उपकरणों को सही कराने के लिए डॉक्टर कई बार पत्र लिख चुके हैं मगर कोई परिणाम नहीं निकला।
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सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार बनौरिया का कहना है कि खराब हुए उपकरणों को सही कराने के बाबत कॉलेज प्रशासन को अवगत करा दिया है। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि वर्किंग एलीमेंट व लेजर मशीन का खराब उपकरण जल्द सही कराया जाएगा ताकि सर्जरी शुरू हो सके।
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सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी चलने के साथ सर्जरी होती है। ओपीडी में रोजाना औसतन 80 रोगी आते हैं। अधिकांश रोगियों में प्रोस्टेट बढ़ा होने अथवा किडनी, यूरिन ब्लैडर में पथरी आदि की शिकायत होती है। जिन रोगियों को दवाओं से राहत नहीं मिलती, उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी जाती है। रोजाना औसतन दो रोगियों की प्रोस्टेट और एक की किडनी से पथरी निकालने की सर्जरी होती थी, जो करीब ढाई माह से बंद है। रोगियों को तारीख पर तारीख दी जा रही है।
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सूत्र बताते हैं कि प्रोस्टेट की सर्जरी बंद होने की वजह मात्र 30 हजार रुपये की कीमत का उपकरण वर्किंग एलीमेंट खराब होना है। वहीं, किडनी से पथरी निकालने की आरआईआरएस सर्जरी (रेट्रोग्रेड इंटरनल सर्जरी) भी ढाई माह से ज्यादा समय से बंद है। इसकी वजह लेजर मशीन का उपकरण खराब होना है। इन दोनों उपकरणों को सही कराने के लिए डॉक्टर कई बार पत्र लिख चुके हैं मगर कोई परिणाम नहीं निकला।
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सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार बनौरिया का कहना है कि खराब हुए उपकरणों को सही कराने के बाबत कॉलेज प्रशासन को अवगत करा दिया है। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि वर्किंग एलीमेंट व लेजर मशीन का खराब उपकरण जल्द सही कराया जाएगा ताकि सर्जरी शुरू हो सके।