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Jhansi: पिता के साथ चलकर आया बेटा कफन में लौटा, मामूली सर्जरी से गई जान, मेडिकल प्रशासन ने तलब की रिपोर्ट

Sun, 25 Jan 2026 06:22 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Sun, 25 Jan 2026 06:22 AM IST
सार

मेडिकल कॉलेज में नाक में बढ़े मांस की सर्जरी नाै वर्षीय बच्चे के लिए मौत का सबब बन गई। मामूली बताई गई सर्जरी के बाद अचानक हालत बिगड़ी और इलाज के दौरान बच्चे की जान चली गई।

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Jhansi: Son who came walking with his father returns wrapped in a shroud
मेडिकल कॉलेज, झांसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में नाक में बढ़े मांस की सर्जरी नाै वर्षीय बच्चे के लिए मौत का सबब बन गई। मामूली बताई गई सर्जरी के बाद अचानक हालत बिगड़ी और इलाज के दौरान बच्चे की जान चली गई। जिस बेटे को पिता उम्मीद लेकर इलाज के लिए लाया था, वही बेटा कफन में लिपटकर घर पहुंचा। यह घटना 19 दिन पहले हुई लेकिन तब जिम्मेदार लोगों ने इसे दबाने का प्रयास किया। अब कॉलेज प्रशासन ने बच्चे के उपचार व उसकी जांच की रिपोर्ट ईएनटी विभाग से तलब की है। साथ ही डेथ ऑडिट कराने का फैसला लिया गया है।
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चिरगांव के तुलसी आश्रम निवासी जितेंद्र एक दुकान पर नौकरी करता है। उसके बड़े बेटे नौ वर्षीय कृष्णा कुमार की नाक में मांस (नेजल पॉलिप्स) बढ़ गया था। उसे एक नथुने से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। 25 दिसंबर को जितेंद्र अपने बेटे को दिखाने मेडिकल कॉलेज आया था। जितेंद्र ने बताया कि ईएनटी की ओपीडी में डॉक्टर तौसीफ अंसारी ने दवा लिखकर सात दिन बाद बुलाया। एक जनवरी को वह बेटे को लेकर पहुंचा और राहत मिलने की बात डॉक्टर को बताई। फिर भी डॉ. तौसीफ ने ऑपरेशन कराने के लिए कहा, जिस पर उसने असमर्थता जताई। डॉक्टर ने तीन जनवरी को फिर आने के लिए कहा। वह उस दिन पहुंचा तो कृष्णा का ऑपरेशन करने के लिए भर्ती फाइल बनवा दी। इसके बाद उसकी सभी जरूरी जांचें कराईं। जांच रिपोर्ट सही आने पर पांच जनवरी की सुबह कृष्णा को ऑपरेशन के लिए थियेटर में बुला लिया।
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जितेंद्र ने बताया कि ऑपरेशन शुरू होने के करीब 40 मिनट बाद महिला डाॅक्टर दौड़ती आई और थियेटर में चली गई। इस बीच कुछ दवाएं थियेटर में उपलब्ध कराने के नाम पर 2500 रुपये लेने वाले कर्मी ने एक हजार रुपये लौटा दिए। कुछ देर में बच्चे को स्ट्रेचर से इमरजेंसी की आईसीयू पहुंचा दिया। उसने स्ट्रेचर पर बच्चे को देखा तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी और शरीर ठंडा था। इमरजेंसी में करीब दो घंटे बाद कृष्णा को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद एक वाहन से घर भेज दिया। पिता का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से बेटे की मौत हुई है। इतना सब कुछ होने के बावजूद ईएनटी विभागाध्यक्ष डाॅ. एसके कश्यप पल्ला झाड़ रहे हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशन से बच्चे की मौत के मामले की कोई जानकारी नहीं है। वहीं, डॉ. तौसीफ अंसारी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान हार्ट फेल होने से बच्चे की मृत्यु हुई थी।
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ईएनटी विभाग में ऑपरेशन से नौ वर्षीय बालक की मौत का मामला पता चला है। उपचार और जांच की रिपोर्ट तलब की है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि किसी भी तरह की लापरवाही सामने आएगी तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
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