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झांसी: एसआईआर...कसौटी पर कसे जाएंगे 15.77 लाख मतदाता, 2003 की सूची के आधार पर होगा सत्यापन
Tue, 04 Nov 2025 07:59 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 04 Nov 2025 07:59 AM IST
सार
2025 के जो मतदाता खुद अथवा उनके माता-पिता 2003 में मतदाता नहीं थे, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से नोटिस दिया जाएगा। उन्हें अपनी पहचान का प्रमाण देना होगा। आयोग ने इसके लिए 12 विकल्प सुझाए हैं। इसे उपलब्ध न कराने पर नाम सूची से हटाए जाएंगे।
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मतदाता सूची, सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 22 साल बाद मतदाता सूची के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान मंगलवार से आरंभ होने जा रहा है। इस प्रक्रिया में 2025 की मतदाता सूची का 2003 की सूची से मिलान कराया जाएगा। इस दौरान 15.77 लाख मतदाताओं का सत्यापन होगा।
प्रमाण देने के लिए 12 विकल्प
2025 के जो मतदाता खुद अथवा उनके माता-पिता 2003 में मतदाता नहीं थे, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से नोटिस दिया जाएगा। उन्हें अपनी पहचान का प्रमाण देना होगा। आयोग ने इसके लिए 12 विकल्प सुझाए हैं। इसे उपलब्ध न करा पाने वालों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। अंतिम सूची 7 फरवरी को प्रकाशित होगी।
मतदाता सूची में दो बार नाम शामिल होने एवं मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए पूरे प्रदेश में यह अभियान आरंभ किया गया है। झांसी के चारों विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची पुनरीक्षित होगी। जिला निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पिछला एसआईआर 2003 में हुआ था। उस दौरान कुल 10,41,034 मतदाता सूची में थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 15,77,045 हो गई। यह संख्या काफी अधिक मानी जा रही है। सोमवार की देर रात तक 31,54,090 प्रपत्रों के मुद्रण और बीएलओ तक पहुंचाने की कवायद चलती रही। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रपत्र तहसीलवार बीएलओ को उपलब्ध कराया जाएगा।
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इस तरह बीएलओ करेंगे सत्यापित
बीएलओ प्रत्येक मतदाता को दो प्रपत्र देंगे। प्रपत्र में मतदाता को जन्मतिथि, आधार संख्या (वैकल्पिक), पिता या अभिभावक का नाम व एपिक नंबर, माता का नाम व एपिक नंबर, मोबाइल नंबर भरना होगा। जिनके पास वोटर आइडी है, वे उसमें दर्ज एपिक नंबर भर सकते हैं। इसके साथ एक नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो लगानी होगी। यदि किसी मतदाता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में है तो उससे जुड़ी जानकारी उसी प्रपत्र में भरनी होगी। पूरा प्रपत्र भरने के बाद मतदाता को इसे बीएलओ के पास जमा करना होगा। बीएलओ इसकी जांच करके हस्ताक्षरित एक प्रति मतदाता को देंगे। गणना प्रपत्र भरने के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार के दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है। जिनके नाम नोटिस जारी होगा, सिर्फ उन्हें ही पहचान का प्रमाण पत्र देना होगा।
22 साल में बढ़ गए 5,36,011 मतदाता
पिछले 22 साल के दौरान चारों विधानसभा क्षेत्र में 5,36,011 मतदाता बढ़ गए। यह संख्या काफी अधिक मानी जा रही है। इसमें सबसे अधिक मतदाता मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र में बढ़े। बबीना में 121797, सदर में 140761, मऊरानीपुर में 151049 एवं गरौठा विधानसभा क्षेत्र में 122404 मतदाताओं का इजाफा हुआ है।
एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ला ने बताया कि मंगलवार से अभियान की शुरुआत होगी। चार दिसंबर तक प्रपत्र जमा होंगे। नौ दिसंबर को इसका प्रकाशन होगा। आपत्तियां आदि की सुनवाई के बाद 7 फरवरी को अंतिम सूची का प्रकाशन होगा।
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प्रमाण देने के लिए 12 विकल्प
2025 के जो मतदाता खुद अथवा उनके माता-पिता 2003 में मतदाता नहीं थे, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से नोटिस दिया जाएगा। उन्हें अपनी पहचान का प्रमाण देना होगा। आयोग ने इसके लिए 12 विकल्प सुझाए हैं। इसे उपलब्ध न करा पाने वालों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। अंतिम सूची 7 फरवरी को प्रकाशित होगी।
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मतदाता सूची में दो बार नाम शामिल होने एवं मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए पूरे प्रदेश में यह अभियान आरंभ किया गया है। झांसी के चारों विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची पुनरीक्षित होगी। जिला निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पिछला एसआईआर 2003 में हुआ था। उस दौरान कुल 10,41,034 मतदाता सूची में थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 15,77,045 हो गई। यह संख्या काफी अधिक मानी जा रही है। सोमवार की देर रात तक 31,54,090 प्रपत्रों के मुद्रण और बीएलओ तक पहुंचाने की कवायद चलती रही। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रपत्र तहसीलवार बीएलओ को उपलब्ध कराया जाएगा।
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इस तरह बीएलओ करेंगे सत्यापित
बीएलओ प्रत्येक मतदाता को दो प्रपत्र देंगे। प्रपत्र में मतदाता को जन्मतिथि, आधार संख्या (वैकल्पिक), पिता या अभिभावक का नाम व एपिक नंबर, माता का नाम व एपिक नंबर, मोबाइल नंबर भरना होगा। जिनके पास वोटर आइडी है, वे उसमें दर्ज एपिक नंबर भर सकते हैं। इसके साथ एक नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो लगानी होगी। यदि किसी मतदाता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में है तो उससे जुड़ी जानकारी उसी प्रपत्र में भरनी होगी। पूरा प्रपत्र भरने के बाद मतदाता को इसे बीएलओ के पास जमा करना होगा। बीएलओ इसकी जांच करके हस्ताक्षरित एक प्रति मतदाता को देंगे। गणना प्रपत्र भरने के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार के दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है। जिनके नाम नोटिस जारी होगा, सिर्फ उन्हें ही पहचान का प्रमाण पत्र देना होगा।
22 साल में बढ़ गए 5,36,011 मतदाता
पिछले 22 साल के दौरान चारों विधानसभा क्षेत्र में 5,36,011 मतदाता बढ़ गए। यह संख्या काफी अधिक मानी जा रही है। इसमें सबसे अधिक मतदाता मऊरानीपुर विधानसभा क्षेत्र में बढ़े। बबीना में 121797, सदर में 140761, मऊरानीपुर में 151049 एवं गरौठा विधानसभा क्षेत्र में 122404 मतदाताओं का इजाफा हुआ है।
एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ला ने बताया कि मंगलवार से अभियान की शुरुआत होगी। चार दिसंबर तक प्रपत्र जमा होंगे। नौ दिसंबर को इसका प्रकाशन होगा। आपत्तियां आदि की सुनवाई के बाद 7 फरवरी को अंतिम सूची का प्रकाशन होगा।