{"_id":"66fd6228baf9791fa1003737","slug":"jhansi-salman-ajmeri-reached-the-urs-of-dawarpir-2024-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: दावरपीर के उर्स में पहुंचे सलमान अजमेरी, दतिया में कव्वालियां से सजी महफिल, कलामों पर झूमे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: दावरपीर के उर्स में पहुंचे सलमान अजमेरी, दतिया में कव्वालियां से सजी महफिल, कलामों पर झूमे श्रद्धालु
Wed, 02 Oct 2024 08:39 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: अनुज कुमार
Updated Wed, 02 Oct 2024 08:39 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच दतिया के दावरपीर के उर्स में देर रात तक सलमान अजमेरी की कव्वालियों पर लोग झूमते रहे।
विज्ञापन
कव्वालियों पर झूमते रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश के दतिया स्थित दावरपीर के उर्स में बुधवार को सलमान अजमेरी की कव्वालियां देर रात तक गूंजती रहीं। मेरे पीर किसी का मोहताज नहीं होने देंगे आदि कलामों पर श्रद्धालु झूमते रहे।
दतिया में 1-3 अक्तूबर तक आयोजित उर्स में बुधवार को सुबह 4 बजे गुल और संदल के साथ दरगाह पर हाजिरी का दौर शुरू हुआ। दोपहर को जोहर की नमाज के बाद 3 बजे से कव्वालियों का दौर शुरू हुआ। इस बीच सुबह से रात 8 बजे तक अकीदतमंद गुलपोशी और चादरपोशी के लिए आते रहे।
शाम 4 बजे दरगाह पर मुख्य चादर चढ़ाई गई। कांग्रेस से पूर्व राज्य मंत्री अवधेश नायक सहित खासोआम लोगों ने दावरपीर की मजार पर हाजिरी दी। दिनभर में करीब 40 हजार लोग जियारत के लिए पहुंचे।
विज्ञापन
उर्स के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी सुबह से जियारत और कव्वालियों का दौर चलेगा। शाम को मगरिब की नमाज के बाद शाम करीब 7 बजे मुख्य फातिहा होगी।इसके साथ ही कार्यक्रम संपन्न हो जाएगा।
दावरपीर बाबा सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक हैं। दतिया में जंगल के बीच बने मजार पर हिंदू और मुसलमान सभी आस्था रखते हैं। - मुलू उपाध्याय, अध्यक्ष, उर्स कमेटी
….........
यहां आने वाला कभी खाली हाथ नहीं जाता। जो भी आता है यहां से फैज पाता है। - इमाम और मुख्य खादिम हाफिज रियाज काजी
…......
30 साल से दावरपीर का उर्स हो रहा है। बाबा का बहुत नाम है। दतिया ही नहीं दूर-दूर से लोग जियारत के लिए आते हैं - रफीक खान, दतिया
विज्ञापन
दतिया में 1-3 अक्तूबर तक आयोजित उर्स में बुधवार को सुबह 4 बजे गुल और संदल के साथ दरगाह पर हाजिरी का दौर शुरू हुआ। दोपहर को जोहर की नमाज के बाद 3 बजे से कव्वालियों का दौर शुरू हुआ। इस बीच सुबह से रात 8 बजे तक अकीदतमंद गुलपोशी और चादरपोशी के लिए आते रहे।
विज्ञापन
शाम 4 बजे दरगाह पर मुख्य चादर चढ़ाई गई। कांग्रेस से पूर्व राज्य मंत्री अवधेश नायक सहित खासोआम लोगों ने दावरपीर की मजार पर हाजिरी दी। दिनभर में करीब 40 हजार लोग जियारत के लिए पहुंचे।
विज्ञापन
उर्स के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी सुबह से जियारत और कव्वालियों का दौर चलेगा। शाम को मगरिब की नमाज के बाद शाम करीब 7 बजे मुख्य फातिहा होगी।इसके साथ ही कार्यक्रम संपन्न हो जाएगा।
दावरपीर बाबा सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक हैं। दतिया में जंगल के बीच बने मजार पर हिंदू और मुसलमान सभी आस्था रखते हैं। - मुलू उपाध्याय, अध्यक्ष, उर्स कमेटी
….........
यहां आने वाला कभी खाली हाथ नहीं जाता। जो भी आता है यहां से फैज पाता है। - इमाम और मुख्य खादिम हाफिज रियाज काजी
…......
30 साल से दावरपीर का उर्स हो रहा है। बाबा का बहुत नाम है। दतिया ही नहीं दूर-दूर से लोग जियारत के लिए आते हैं - रफीक खान, दतिया