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Jhansi: नए सोलर प्लांट लगाने की तैयारी... पुराने खा रहे धूल, बिजली उपकेंद्रों पर लगाई गई प्लेटें बनी शोपीस

Wed, 17 Sep 2025 12:08 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Wed, 17 Sep 2025 12:08 PM IST
सार

न तो सौर ऊर्जा उत्पादन पर किसी का ध्यान है और न ही इनकी देखरेख ही की जा रही है। करोड़ों रुपये कीमत से लगाए गए गए प्लेटें धूल खा रही हैं। निगम झांसी-ललितपुर समेत विभिन्न जिलों में कुल 391 दफ्तरों में सोलर प्लांट लगाने जा रहा है। 

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Jhansi: Preparations to install new solar plants... old ones gathering dust
बिजली उपकेन्द्र पर लगी सोलर प्लेटें - फोटो : संवाद

विस्तार

बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यालयों में अधिक से अधिक यूनिट उत्पादन के लिए लगाए गए सोलर पैनल शोपीस बनकर रह गए हैं। न तो सौर ऊर्जा उत्पादन पर किसी का ध्यान है और न ही इनकी देखरेख ही की जा रही है। करोड़ों रुपये कीमत से लगाए गए गए प्लेटें धूल खा रही हैं। वहीं, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम झांसी-ललितपुर समेत विभिन्न जिलों में कुल 391 दफ्तरों में सोलर प्लांट लगाने जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत के अनुसार नए पैनल लगाए जाएंगे।

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दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से 2017-18 के बीच बिजली उपकेंद्रों पर सोलर प्लांट लगवाए गए थे। जहां जितनी जगह, वहां उतनी क्षमता का ऑनग्रिड प्लांट स्थापित किया गया था। काम पूर्ण हुआ और उपकेंद्रों पर बिजली मिलनी शुरू हुई। उद्देश्य था कि सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली से उपकेंद्र को बिजली मुहैया हो सके। कहीं कोई दिक्कत आए तो उपकेंद्रों पर अंधेरा न हो। एक वर्ष तक तो उपकेंद्रों को सोलर से बिजली मिली। इसके बाद, इन प्लांट की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। न तो जिम्मेदार एजेंसी ने मरम्मत कराई, न ही जिम्मेदारों ने ही कोई देखरेख की। यदि नंदनपुरा और नगरा को छोड़ दिया जाए तो महानगर का कोई भी सोलर प्लांट बिजली उत्पादन नहीं कर रहा है।
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एक प्लांट पर खर्च हुए थे 5 लाख से अधिक

अधिकारियों की माने तो बिजलीघरों पर एक सोलर प्लांट लगाने पर 5 लाख से अधिक रुपये खर्च किए गए थे। यह जिम्मेदारी डिस्कॉम स्तर पर एक निजी एजेंसी को दी गई थी। झांसी से लेकर अन्य स्थानों पर स्थित उपकेंद्रों पर सोलर प्लांट 5 से 8 किलोवाट क्षमता के स्थापित किए गए थे। इन्हें बिजलीघरों से आपूर्ति के लिए जोड़ा गया। कंपनी ने यह पैनल लगा तो दिए लेकिन बाद में कोई सुध लेने वाला नहीं रहा। मुन्नालाल पावर हाउस, सीपरी बाजार, सूतीमिल, नगरा, आवास विकास, गल्ला मंडी, उनाव गेट, नंदनपुरा, उनाव गेट, मेडिकल समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के बिजलीघरों सोलर पैनल लगाए गए थे।
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झांसी विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता रवींद्र सिंह ने बताया कि पूर्व में उपकेंद्रों पर सोलर प्लांट स्थापित किए गए थे। कुछ जगहों पर यह सुचारू हैं। जहां पर यह खराब है उनकी जांच कराकर ठीक कराया जाएगा। यह प्लांट डिस्कॉम स्तर की कंपनी ने लगाए थे और देखरेख की जिम्मेदारी भी उन्हीं की थी।

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