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Jhansi News: एथलेटिक्स में ‘लंबी छलांग’ लगाने काे तैयार झांसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। हॉकी के जादूगर दद्दा मेजर ध्यानचंद की नगर झांसी एथलेटिक्स में छोटे-छोटे कदमों से लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है। लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह 6.76 मीटर की छलांग लगाकर देश की सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीट बन चुकी हैं। वहीं, अंशु रजक, सिद्धांत, हेमंत राजपूत और संध्या राजपूत भी अलग-अलग इवेंट में अपनी छाप छोड़ने के लिए पसीना बहा रहे हैं। हालांकि, झांसी में एथलेटिक्स इवेंट की तैयारी कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के संसाधनों का अभाव है।
-शैली ने तोड़ा गुरु अंजू बॉबी का रिकॉर्ड
एथलेटिक्स में झांसी की सबसे चमकदार तस्वीरों में शैली सिंह का नाम सबसे आगे है। अभाव में पली-बढ़ीं, सीमित संसाधनों के बावजूद वह अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर लंबी कूद में देश की सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीटों की सूची में शामिल हो गई हैं। वह 2018 में जूनियर नेशनल में अंडर-16 में 5.94 मीटर की छलांग लगाकर राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़कर स्वर्ण पदक हासिल करके चर्चा में आईं। 2019 में जूनियर नेशनल में 6.15 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। 2021 में नैरोबी में आयोजित अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया। शैली के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षण 2023 में एशियाई चैंपियनशिप में आया, जब उन्होंने 6.76 मीटर की छलांग लगाकर अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया और यही रिकार्ड भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ महिला प्रदर्शन बना। 2023 में ही बैकांक में आयोजित एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल किया। वर्ष 2025 में फेडरेशन कप रिकाॅर्ड में 6.64 मीटर की छलांग लगाकर अपनी गुरु अंजू बॉबी का 23 साल पुराना रिकार्ड 6.59 मीटर को तोड़ा और स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद एशियाई खेलों में कांस्य और जून 2026 में ताइपे सिटी में आयोजित एथलेटिक्स ओपन में स्वर्ण पदक हासिल किया। वर्तमान में 6.67 मीटर की छलांग लगाकर जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई किया है।
-तेज रफ्तार से भारतीय टीम शामिल हुईं अंशु
स्प्रिंट में अंशु रजक ने अपनी रफ्तार से अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2026 में ओरेगन में आयोजित अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4×100 मीटर रिले में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने विश्व मंच पर दस्तक दी। इसी वर्ष हांगकांग में आयोजित 22वीं अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने 4×100 मीटर रिले में प्रतिभाग किया। राष्ट्रीय स्तर पर भी अंशु का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा। 2026 में तुमकुर में हुई राष्ट्रीय जूनियर अंडर-20 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 100 मीटर में कांस्य पदक जीता। कोयंबटूर की 38वीं जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में 2023 में 100 मीटर में रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण और 200 मीटर में स्वर्ण पदक हासिल किया। 2024 में ओडिशा में 100 मीटर में रजत पदक जीता। 100 मीटर में 10.65 सेकंड और 200 मीटर में 21.60 सेकंड उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
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नीरज के पदचिह्नों पर चलना चाहते हैं सिद्धांत
सिद्धांत ने दिल्ली विश्वविद्यालय एथलेटिक्स मीट 2026 में अंडर-18 जैवलिन थ्रो में 53.83 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले सीबीएसई स्कूल गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 2024 और 2025 में लगातार रजत पदक जीते। राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। सिंद्धांत दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को अपना आदर्श मानते हैं और उनके पदचिह्नों पर चलकर देश का नाम रोशन करने के लिए दिल्ली में अभ्यास कर रहे हैं।
हेमंत राजपूत की रफ्तार भी कम नहीं
हेमंत राजपूत ने भी स्प्रिंट में लंबे समय तक अपना दम दिखाया है। 2018 में यूथ स्टेट चैंपियनशिप में 100 मीटर में रजत पदक जीतने के बाद उसी वर्ष औरंगाबाद की यूथ नेशनल चैंपियनशिप में भी 100 मीटर में रजत पदक हासिल किया। नेपाल में आयोजित इंडो-नेपाल चैंपियनशिप में उन्होंने 100 मीटर में 10.85 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता। 2019 में स्कूल स्टेट चैंपियनशिप, रिलायंस फाउंडेशन स्टेट चैंपियनशिप और अन्य प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के बाद 2020 में मुंबई में रिलायंस फाउंडेशन नेशनल चैंपियनशिप की 4×100 मीटर रिले में रजत पदक हासिल किया। 2023 में वाराणसी की यूपी स्टेट यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर में 10.81 सेकंड के साथ रजत और चंडीगढ़ में नेशनल ओपन अंडर-23 प्रतियोगिता में 100 मीटर में पांचवां स्थान हासिल किया।
- संध्या ने लंबी दौड़ में जगाई बड़ी उम्मीद
महाराजा अग्रसेन एसवीएम इंटर कॉलेज, झांसी की कक्षा नौ पास छात्रा संध्या राजपूत ने 59वें नेशनल स्कूल गेम्स 2025-26, लखनऊ में 3000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने लंबी रेस के इवेंट में बड़ी उम्मीद जगाई है।
इन्होंने भी बिखेरी चमक
झांसी के धीरज परिहार (वर्ल्ड रेलवे), एएन राय ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का परचम लहराया। वहीं ओम प्रकाश यादव, बृजेंद्र यादव, अर्जुन सिंह, रऊफ खान, अतीक अहमद, महेश कुशवाहा, आशा सिंह, राम सिंह, राकेश बधवार, नरेंद्र यादव, रश्मि औनियाल, अनीता बाल्दे आशा, दीपा ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाई।
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द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच संधू का झांसी से गहरा नाता
द्रोणचार्य अवॉर्डी एथलेटिक्स कोच हरगोविंद सिंह संधू का झांसी से गहरा नाता है। वह राजस्थान श्रीगंगानगर के रहने वाले हैं। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के बाद रेलवे में भर्ती हो गए और झांसी को अपनी कर्मस्थली बनाया। उन्होंने एथलेटिक्स कोच के रूप में देश का बड़ा नाम किया। भारतीय ओलंपिक संघ की मौजूदा अध्यक्ष उड़नपरी पीटी उषा, साहनी विल्सन जैसे बड़े स्टार एथलीटों ने संधू की निगरानी में अपने खेल को निखारा और देश का नाम रोशन किया। वह दो ओलंपिक खेलों में भारतीय टीम के कोच रहे। 1998 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित हुए।
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झांसी। हॉकी के जादूगर दद्दा मेजर ध्यानचंद की नगर झांसी एथलेटिक्स में छोटे-छोटे कदमों से लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है। लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह 6.76 मीटर की छलांग लगाकर देश की सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीट बन चुकी हैं। वहीं, अंशु रजक, सिद्धांत, हेमंत राजपूत और संध्या राजपूत भी अलग-अलग इवेंट में अपनी छाप छोड़ने के लिए पसीना बहा रहे हैं। हालांकि, झांसी में एथलेटिक्स इवेंट की तैयारी कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के संसाधनों का अभाव है।
-शैली ने तोड़ा गुरु अंजू बॉबी का रिकॉर्ड
एथलेटिक्स में झांसी की सबसे चमकदार तस्वीरों में शैली सिंह का नाम सबसे आगे है। अभाव में पली-बढ़ीं, सीमित संसाधनों के बावजूद वह अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर लंबी कूद में देश की सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीटों की सूची में शामिल हो गई हैं। वह 2018 में जूनियर नेशनल में अंडर-16 में 5.94 मीटर की छलांग लगाकर राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़कर स्वर्ण पदक हासिल करके चर्चा में आईं। 2019 में जूनियर नेशनल में 6.15 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। 2021 में नैरोबी में आयोजित अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया। शैली के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षण 2023 में एशियाई चैंपियनशिप में आया, जब उन्होंने 6.76 मीटर की छलांग लगाकर अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया और यही रिकार्ड भारत का दूसरा सर्वश्रेष्ठ महिला प्रदर्शन बना। 2023 में ही बैकांक में आयोजित एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल किया। वर्ष 2025 में फेडरेशन कप रिकाॅर्ड में 6.64 मीटर की छलांग लगाकर अपनी गुरु अंजू बॉबी का 23 साल पुराना रिकार्ड 6.59 मीटर को तोड़ा और स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद एशियाई खेलों में कांस्य और जून 2026 में ताइपे सिटी में आयोजित एथलेटिक्स ओपन में स्वर्ण पदक हासिल किया। वर्तमान में 6.67 मीटर की छलांग लगाकर जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई किया है।
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-तेज रफ्तार से भारतीय टीम शामिल हुईं अंशु
स्प्रिंट में अंशु रजक ने अपनी रफ्तार से अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2026 में ओरेगन में आयोजित अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4×100 मीटर रिले में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने विश्व मंच पर दस्तक दी। इसी वर्ष हांगकांग में आयोजित 22वीं अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने 4×100 मीटर रिले में प्रतिभाग किया। राष्ट्रीय स्तर पर भी अंशु का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा। 2026 में तुमकुर में हुई राष्ट्रीय जूनियर अंडर-20 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 100 मीटर में कांस्य पदक जीता। कोयंबटूर की 38वीं जूनियर नेशनल प्रतियोगिता में 2023 में 100 मीटर में रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण और 200 मीटर में स्वर्ण पदक हासिल किया। 2024 में ओडिशा में 100 मीटर में रजत पदक जीता। 100 मीटर में 10.65 सेकंड और 200 मीटर में 21.60 सेकंड उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
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नीरज के पदचिह्नों पर चलना चाहते हैं सिद्धांत
सिद्धांत ने दिल्ली विश्वविद्यालय एथलेटिक्स मीट 2026 में अंडर-18 जैवलिन थ्रो में 53.83 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले सीबीएसई स्कूल गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 2024 और 2025 में लगातार रजत पदक जीते। राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। सिंद्धांत दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को अपना आदर्श मानते हैं और उनके पदचिह्नों पर चलकर देश का नाम रोशन करने के लिए दिल्ली में अभ्यास कर रहे हैं।
हेमंत राजपूत की रफ्तार भी कम नहीं
हेमंत राजपूत ने भी स्प्रिंट में लंबे समय तक अपना दम दिखाया है। 2018 में यूथ स्टेट चैंपियनशिप में 100 मीटर में रजत पदक जीतने के बाद उसी वर्ष औरंगाबाद की यूथ नेशनल चैंपियनशिप में भी 100 मीटर में रजत पदक हासिल किया। नेपाल में आयोजित इंडो-नेपाल चैंपियनशिप में उन्होंने 100 मीटर में 10.85 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता। 2019 में स्कूल स्टेट चैंपियनशिप, रिलायंस फाउंडेशन स्टेट चैंपियनशिप और अन्य प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के बाद 2020 में मुंबई में रिलायंस फाउंडेशन नेशनल चैंपियनशिप की 4×100 मीटर रिले में रजत पदक हासिल किया। 2023 में वाराणसी की यूपी स्टेट यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 100 मीटर में 10.81 सेकंड के साथ रजत और चंडीगढ़ में नेशनल ओपन अंडर-23 प्रतियोगिता में 100 मीटर में पांचवां स्थान हासिल किया।
- संध्या ने लंबी दौड़ में जगाई बड़ी उम्मीद
महाराजा अग्रसेन एसवीएम इंटर कॉलेज, झांसी की कक्षा नौ पास छात्रा संध्या राजपूत ने 59वें नेशनल स्कूल गेम्स 2025-26, लखनऊ में 3000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने लंबी रेस के इवेंट में बड़ी उम्मीद जगाई है।
इन्होंने भी बिखेरी चमक
झांसी के धीरज परिहार (वर्ल्ड रेलवे), एएन राय ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का परचम लहराया। वहीं ओम प्रकाश यादव, बृजेंद्र यादव, अर्जुन सिंह, रऊफ खान, अतीक अहमद, महेश कुशवाहा, आशा सिंह, राम सिंह, राकेश बधवार, नरेंद्र यादव, रश्मि औनियाल, अनीता बाल्दे आशा, दीपा ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाई।
द्रोणाचार्य अवॉर्डी कोच संधू का झांसी से गहरा नाता
द्रोणचार्य अवॉर्डी एथलेटिक्स कोच हरगोविंद सिंह संधू का झांसी से गहरा नाता है। वह राजस्थान श्रीगंगानगर के रहने वाले हैं। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के बाद रेलवे में भर्ती हो गए और झांसी को अपनी कर्मस्थली बनाया। उन्होंने एथलेटिक्स कोच के रूप में देश का बड़ा नाम किया। भारतीय ओलंपिक संघ की मौजूदा अध्यक्ष उड़नपरी पीटी उषा, साहनी विल्सन जैसे बड़े स्टार एथलीटों ने संधू की निगरानी में अपने खेल को निखारा और देश का नाम रोशन किया। वह दो ओलंपिक खेलों में भारतीय टीम के कोच रहे। 1998 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित हुए।