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झांसी: राष्ट्रीय राजमार्ग की सुंदरता पर लापरवाही का दंश, करोंड़ो खर्च के बाद भी नहीं हो सकी हरियाली
Thu, 06 Nov 2025 12:42 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 06 Nov 2025 12:42 PM IST
सार
झांसी और ग्वालियर के बीच कई स्थानों पर डिवाइडर और एवेन्यू (मु्ख्य सड़क के पास) पर पौधे तक नहीं दिखते हैं। नतीजतन, इसका लाभ हाईवे पर चलने वाले यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है।
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झांसी-ग्वालियर हाईवे के डिवाइडर पर गायब हरियाली
- फोटो : संवाद
विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने झांसी से ग्वालियर राजमार्ग-44 को सुंदर व प्रदूषण मुक्त बनाए जाने के लिए करोड़ों रुपये फूंक दिए लेकिन अब तक वहां हरियाली नहीं हो पाई है।
वन विकास निगम (मध्य प्रदेश) की लापरवाह कार्यप्रणाली के चलते राजमार्ग पर मानक के अनुसार पौधे भी नहीं रोपे गए। इन हालातों में एक साल पहले प्राधिकरण ने निगम से काम छीनकर खुद संभाल लिया लेकिन अब तक फूलों के पौधों से भरे डिवाइडर की कल्पना साकार नहीं हो पाई है।
झांसी-ग्वालियर हाईवे पर पेड़ गायब
झांसी और ग्वालियर के बीच कई स्थानों पर डिवाइडर और एवेन्यू (मु्ख्य सड़क के पास) पर पौधे तक नहीं दिखते हैं। नतीजतन, इसका लाभ हाईवे पर चलने वाले यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। नेशनल हाईवे क्रमांक 44 ग्वालियर-झांसी पर शुरू से ही देरी का साया रहा। इसका निर्माण 2008 में शुरू हुआ था लेकिन बीच में ठेकेदार भाग गया। वर्षों यह मार्ग उपेक्षित पड़ा रहा। यात्री परेशान होते रहे। खूब लिखापढ़ी हुई।
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वन विकास मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी
मामला कोर्ट में गया तब जाकर वर्ष 2016 में काम शुरू हुआ। वर्ष 2020 में काम पूरा हो गया। 98 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर भारी व हल्के वाहन दौड़ने लगे। लोगों की परेशानी कम हुई। हाईवे को खूबसूरत और पर्यावरण प्रदूषण से बचाए रखने के लिए एनएचएआई ने डिवाइडर और एवेन्यू पर पौधे लगवाने का ठेका वन विकास निगम मध्य प्रदेश को दिया।
शुरुआती वर्षों में करीब पांच करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन मानक के अनुसार काम नहीं हुआ। चार साल बाद भी हाईवे पर हरियाली नहीं दिखी। इन हालातों को देखते हुए प्राधिकरण ने मध्य प्रदेश वन विकास निगम से काम छीन लिया। अब एक साल से विभाग खुद इस दिशा में कार्यरत है।
डिवाइडर और एवेन्यू पर रोपने का प्रावधान
जानकारी के मुताबिक हर नेशनल हाईवे पर डिवाइडर पर पौधे रोपे जाते हैं। इसके अलावा डिवाइडर के मध्य से सड़क के दोनों ओर 80-80 फीट की दूरी पर भी पौधे रोपे जाते हैं ताकि नेशनल हाईवे की सीमा रेखा तय हो और बड़े-बड़े वृक्ष बन जाएं तो वे शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करें और प्रदूषण को कम कर सकें।
11 राज्यों को जोड़ता है एनएच 44
ग्वालियर-झांसी से निकला हुआ नेशनल हाईवे क्रमांक 44 बेहद महत्वपूर्ण है। देश का सबसे लंबा हाईवे है जो कि देश के उत्तर जम्मू कश्मीर से शुरू हुआ है और दक्षिण में कन्याकुमारी तक गया है। इसकी लंबाई 3745 किलोमीटर है। खास बात यह है कि यह देश के 11 राज्यों को जोड़ता है। इसमें जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं।
झांसी-ग्वालियर हाईवे का वीडियो...
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वन विकास निगम (मध्य प्रदेश) की लापरवाह कार्यप्रणाली के चलते राजमार्ग पर मानक के अनुसार पौधे भी नहीं रोपे गए। इन हालातों में एक साल पहले प्राधिकरण ने निगम से काम छीनकर खुद संभाल लिया लेकिन अब तक फूलों के पौधों से भरे डिवाइडर की कल्पना साकार नहीं हो पाई है।
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झांसी-ग्वालियर हाईवे पर पेड़ गायब
झांसी और ग्वालियर के बीच कई स्थानों पर डिवाइडर और एवेन्यू (मु्ख्य सड़क के पास) पर पौधे तक नहीं दिखते हैं। नतीजतन, इसका लाभ हाईवे पर चलने वाले यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। नेशनल हाईवे क्रमांक 44 ग्वालियर-झांसी पर शुरू से ही देरी का साया रहा। इसका निर्माण 2008 में शुरू हुआ था लेकिन बीच में ठेकेदार भाग गया। वर्षों यह मार्ग उपेक्षित पड़ा रहा। यात्री परेशान होते रहे। खूब लिखापढ़ी हुई।
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वन विकास मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी
मामला कोर्ट में गया तब जाकर वर्ष 2016 में काम शुरू हुआ। वर्ष 2020 में काम पूरा हो गया। 98 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर भारी व हल्के वाहन दौड़ने लगे। लोगों की परेशानी कम हुई। हाईवे को खूबसूरत और पर्यावरण प्रदूषण से बचाए रखने के लिए एनएचएआई ने डिवाइडर और एवेन्यू पर पौधे लगवाने का ठेका वन विकास निगम मध्य प्रदेश को दिया।
शुरुआती वर्षों में करीब पांच करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन मानक के अनुसार काम नहीं हुआ। चार साल बाद भी हाईवे पर हरियाली नहीं दिखी। इन हालातों को देखते हुए प्राधिकरण ने मध्य प्रदेश वन विकास निगम से काम छीन लिया। अब एक साल से विभाग खुद इस दिशा में कार्यरत है।
डिवाइडर और एवेन्यू पर रोपने का प्रावधान
जानकारी के मुताबिक हर नेशनल हाईवे पर डिवाइडर पर पौधे रोपे जाते हैं। इसके अलावा डिवाइडर के मध्य से सड़क के दोनों ओर 80-80 फीट की दूरी पर भी पौधे रोपे जाते हैं ताकि नेशनल हाईवे की सीमा रेखा तय हो और बड़े-बड़े वृक्ष बन जाएं तो वे शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करें और प्रदूषण को कम कर सकें।
11 राज्यों को जोड़ता है एनएच 44
ग्वालियर-झांसी से निकला हुआ नेशनल हाईवे क्रमांक 44 बेहद महत्वपूर्ण है। देश का सबसे लंबा हाईवे है जो कि देश के उत्तर जम्मू कश्मीर से शुरू हुआ है और दक्षिण में कन्याकुमारी तक गया है। इसकी लंबाई 3745 किलोमीटर है। खास बात यह है कि यह देश के 11 राज्यों को जोड़ता है। इसमें जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं।
झांसी-ग्वालियर हाईवे का वीडियो...
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