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Jhansi: तेल के खेल में नगर निगम को लाखों का नुकसान, खंगाला जा रहा भुगतान का रिकॉर्ड, कसेगा शिकंजा
Fri, 19 Dec 2025 02:04 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Fri, 19 Dec 2025 02:04 PM IST
सार
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत बनकर तैयार मेजर ध्यानचंद और स्पेस म्यूजियम में तेल के खेल में नगर निगम को लाखों रुपये का नुकसान होने की बात उजागर हुई है।
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नगर निगम, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत बनकर तैयार मेजर ध्यानचंद और स्पेस म्यूजियम में तेल के खेल में नगर निगम को लाखों रुपये का नुकसान होने की बात उजागर हुई है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अब तक हुए भुगतान का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इसके बाद नगर निगम शिकंजा कसेगा।
लाखों रुपये के नुकसान की आशंका
रानी लक्ष्मीबाई पार्क में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 29 अगस्त 2023 में मेजर ध्यानचंद संग्रहालय की शुरुआत हुई थी। इसके बाद 11 मार्च 2024 को स्पेस म्यूजियम शुरू हो गया था। इसका संचालन अलग-अलग कंपनियों की ओर से किया जा रहा है। इन दोनों संग्रहालयों में डीजल की बहुत अधिक खपत होने पर नगर निगम प्रशासन को शक हुआ। बताया गया कि अप्रैल में ही दोनों संग्रहालयों में 5700 लीटर डीजल की खपत होने की बात सामने आई। नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने जब निगरानी शुरू कराई तो अब हर माह डीजल की खपत घटकर 600 से 700 लीटर पहुंच गई। यानी कि खपत में लगभग आठ गुना कमी आई। ऐसे में नगर निगम को तेल के खेल में अब तक लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।
खपत का ब्योरा नगर आयुक्त ने किया तलब
मौजूदा वित्तीय वर्ष में दोनों संग्रहालयों में माहवार हुई डीजल की खपत का ब्योरा नगर आयुक्त ने तलब कर दिया है। दूसरी तरफ, कंपनियों की ओर से भी स्पष्टीकरण का इंतजार है। इसके बाद नगर निगम कार्रवाई करेगा।
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लाखों रुपये के नुकसान की आशंका
रानी लक्ष्मीबाई पार्क में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 29 अगस्त 2023 में मेजर ध्यानचंद संग्रहालय की शुरुआत हुई थी। इसके बाद 11 मार्च 2024 को स्पेस म्यूजियम शुरू हो गया था। इसका संचालन अलग-अलग कंपनियों की ओर से किया जा रहा है। इन दोनों संग्रहालयों में डीजल की बहुत अधिक खपत होने पर नगर निगम प्रशासन को शक हुआ। बताया गया कि अप्रैल में ही दोनों संग्रहालयों में 5700 लीटर डीजल की खपत होने की बात सामने आई। नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने जब निगरानी शुरू कराई तो अब हर माह डीजल की खपत घटकर 600 से 700 लीटर पहुंच गई। यानी कि खपत में लगभग आठ गुना कमी आई। ऐसे में नगर निगम को तेल के खेल में अब तक लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।
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खपत का ब्योरा नगर आयुक्त ने किया तलब
मौजूदा वित्तीय वर्ष में दोनों संग्रहालयों में माहवार हुई डीजल की खपत का ब्योरा नगर आयुक्त ने तलब कर दिया है। दूसरी तरफ, कंपनियों की ओर से भी स्पष्टीकरण का इंतजार है। इसके बाद नगर निगम कार्रवाई करेगा।
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