फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: Mobile phones of two doctors hacked; money demanded via WhatsApp

Jhansi: दो डॉक्टरों के हैक हुए मोबाइल, व्हाट्सएप के जरिये मांगी गई रकम, रोजाना चार-पांच मामले आ रहे सामने

Fri, 26 Jun 2026 11:30 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Fri, 26 Jun 2026 11:30 AM IST
सार

साइबर थाने में रोजाना औसतन चार-पांच मामले इस तरह के पहुंच रहे हैं।जालसाजों ने वरिष्ठ चिकित्सकों के मोबाइल फोन हैक कर रिश्तेदारों एवं दोस्तों से रुपये मांगे हैं।

विज्ञापन
Jhansi: Mobile phones of two doctors hacked; money demanded via WhatsApp
साइबर क्राइम - फोटो : एएनआई

विस्तार

साइबर जालसाजों के मोबाइल एवं व्हाट्सएप हैक करके रिश्तेदारों और दोस्तों से पैसे मांगने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर थाने में रोजाना औसतन चार-पांच मामले इस तरह के पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को वरिष्ठ महिला चिकित्सक डाॅ. मृदृला कपूर एवं डाॅ. प्रतीक के भी मोबाइल फोन हैक हो गए। जालसाजों ने उनके मोबाइल फोन हैक करके फोन नंबर गैलरी तक पहुंच बनाकर उनके जानने वालों से मुसीबत में होने की बात कहते हुए पैसों की मांग की।
विज्ञापन


डाॅ. मृदृला के पुत्र डा. निशांत सूद ने बताया बृहस्पतिवार शाम चार बजे उनकी मां डा.मृदृला के मोबाइल फोन पर खुद को डिलीवरी बॉय बताने वाले का फोन आया। इस दौरान ओटीपी के बहाने कॉल फारवर्ड ऑप्शन एक्टिवेट कर दिया। इसके बाद ओटीपी के सहारे व्हाट्स एप हैक कर लिया। इसके बाद व्हाट्सएप में जिनके नाम थे, उन तक खुद को मुसीबत में होने की बात कहते हुए पैसों के लिए मैसेज के साथ ही बार कोड भी भेज दिया। डा. निशांत के मुताबिक कुछ देर में कई रिश्तेदारों के फोन आने पर उनको इसका पता चला। डा. प्रतीक का भी मोबाइल फोन हैक करके उनके परिचितों को भी इसी तरह के मैसेज भेजे गए।
विज्ञापन


साइबर थाना प्रभारी अरविंद कुमार का कहना है रोजाना ही इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। औसतन चार-पांच शिकायतें पुलिस के पास पहुंचती हैं। इनसे सावधान एवं सजग रहने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


साइबर विशेषज्ञ डाॅ. राजीव त्रिपाठी के मुताबिक जालसाज पहले किसी तरह ओटीपी या वेरिफिकेशन कोड हासिल कर लेते हैं। इसके बाद व्हाट्सएप अकाउंट दूसरे मोबाइल में सक्रिय कर लेते हैं। अकाउंट हाथ लगते ही वे परिचितों को संदेश भेजकर रुपये मांगते हैं। कई बार प्रोफाइल फोटो और पुराने चैट होने के कारण लोग संदेश को सही मानकर पैसे भेज देते हैं। ठगी का शिकार हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बचने के लिए व्हाट्सएप पर निश्चित तौर पर टू स्टेप वेरिफिकेशन लगाकर रखें। इससे ठगी से बचा जा सकेगा। पैसों को मांगने संबंधी किसी संदेश पर बिना पुष्टि किए रकम न भेजें। किसी भी ओटीपी, वेरिफिकेशन कोड या स्क्रीन शेयरिंग की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।


ऐसे लगाएं व्हाट्सएप में टू-स्टेप वेरिफिकेशन
व्हाट्सएप खोलें
ऊपर दाईं ओर बने तीन डॉट (⋮) पर क्लिक करें।
सेटिंग में जाएं
अकाउंट का विकल्प चुनें।
यहां टू-स्टेप वेरिफिकेशन पर टैप करें।
सक्रिय करें पर क्लिक करें।
अपनी पसंद का 6 अंकों का पिन बनाएं।
पिन को दोबारा दर्ज कर पुष्टि करें।
ईमेल आईडी जोड़ें, ताकि पिन भूलने पर अकाउंट रिकवर किया जा सके।
सेव पर क्लिक करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed