झांसी मेडिकल अग्निकांड : 36 घंटे बाद भी धुंधली है तस्वीर, अब तक केवल 7 बच्चों की पहचान; छह का पता नहीं
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अग्निकांड के त्रिस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शनिवार सुबह पहुंचे उप मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन टीमें मामले की जांच करेंगी। सात दिन में रिपोर्ट देनी है।
विस्तार
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा वार्ड (एसएनसीयू) में शुक्रवार रात लगी आग से झुलसे सभी दस नवजातों की पहचान हो गई है। इनमें झांसी के चार, ललितपुर के तीन, हमीरपुर के दो और जालौन का एक मासूम है। छह बच्चे अब भी लापता हैं। मेडिकल कॉलेज में 16 बच्चों का इलाज चल रहा है। इनमें चार गंभीर हैं। मेडिकल कॉलेज से एक बच्चे को छुट्टी दे दी गई। इनके अलावा झांसी के ही अन्य अस्पतालों में 22 बच्चे भर्ती हैं। इनमें आठ बच्चे गंभीर हैं। एसएनसीयू में कुल 55 बच्चे भर्ती थे। यहां शुक्रवार रात करीब पौने ग्यारह बजे शार्ट सर्किट से ऑक्सीजन कंसनट्रेटर में आग लग गई। इसके बाद अफरातफरी मच गई। वहीं, शनिवार सुबह पहुंचे उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने आग पीड़ितों की मदद के निर्देश दिए। लेकिन अग्निकांड के 36 घंटे बाद भी तस्वीर धुंधली है। अब तक केवल 7 बच्चों की पहचान हो पाई है। छह का पता नहीं चला है ।
डिप्टी सीएम ने त्रिस्तरीय जांच के दिए निर्देश
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अग्निकांड के त्रिस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शनिवार सुबह पहुंचे उप मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन टीमें मामले की जांच करेंगी। इन टीमों में शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग की टीम, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम और तीसरी मजिस्ट्रेट जांच होगी। तीनों जांच का मुख्य बिंदु आग लगने की वजह का पता लगाना है। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट सात दिन में देनी है।
मंडलायुक्त ने शुरू की जांच, नर्सिंग स्टाफ के दर्ज किए गए बयान
मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने शनिवार को अग्निकांड की जांच शुरू कर दी। ड्यूटी पर तैनात नौ डॉक्टर, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के बयान दर्ज किए गए। अब वह अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। उसके आधार पर शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों में हमीरपुर की दो जुड़वा बेटियां
अग्निकांड में ललितपुर की पूजा, संजना और भगवती के एक-एक बेटे की मौत हो गई। वहीं, हमीरपुर की नजमा की जुड़वा बेटियों की भी जान चली गई। जबकि झांसी की पूनम की बेटी और संध्या के बेटे की मौत हो गई।
इनके नवजातों का नहीं चला पता
झांसी के एरच की संध्या कंचन, बंगरा की कविता, राजगढ़ की नैंसी के नवजात शिशु का पता नहीं चल पाया है। वहीं, ललितपुर के फुलवारा की संजना, जालौन जनपद के पचनादेव की संतोषी, हमीरपुर के रिगवारा की सुखवती के बच्चे के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
नवजातों के बारे में जानकारी के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 6389831357 जारी किया है। इस पर संपर्क करके जानकारी ली जा सकती है। मृतकों के परिजन को सात-सात लाख और घायलों को 50,000 रुपये मुआवजा केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजन को सात लाख रुपये दिए जाएंगे। इनमें राज्य सरकार की ओर से पांच और केंद्र सरकार की ओर से दो लाख रुपये हैं। वहीं, राज्य सरकार की ओर से घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
पीएम मोदी ने घटना पर जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति शोक संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
डीएनए जांच से होगी शिनाख्त
नवजात के परिजनों के प्रति संवेदना है। जिन शिशुओं की शिनाख्त नहीं हो पा रही है। उनकी डीएनए जांच कराई जाएगी। तभी उनके माता-पिता को सौंपा जाएगा। एसएनसीयू में 49 नवजात भर्ती थे।
- ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री
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