{"_id":"6a1290ca2d6baa9806008a18","slug":"jhansi-emergency-itself-on-ventilator-life-saving-medicines-finished-2026-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: इमरजेंसी खुद ‘वेंटिलेटर’ पर, जीवनरक्षक दवाएं खत्म, बाहर से मंगवानी पड़ रहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: इमरजेंसी खुद ‘वेंटिलेटर’ पर, जीवनरक्षक दवाएं खत्म, बाहर से मंगवानी पड़ रहीं
Sun, 24 May 2026 11:17 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 24 May 2026 11:17 AM IST
सार
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पिछले तीन दिन से कई जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक खत्म होने से गंभीर मरीजों के उपचार पर असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज, झांसी
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पिछले तीन दिन से कई जीवनरक्षक दवाओं का स्टॉक खत्म होने से गंभीर मरीजों के उपचार पर असर पड़ रहा है। हालत यह है कि मौत और जिंदगी के बीच जूझते हुए आने वाले मरीजों को तत्काल दवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। मजबूरन डॉक्टरों को तीमारदारों से बाहर मेडिकल स्टोर से दवाएं मंगवानी पड़ रही हैं।
मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इमरजेंसी में रोजाना गंभीर हालत में मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन कई जरूरी इंजेक्शन और दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को तुरंत उपचार देने में दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार हालत बेहद नाजुक होती है और हर मिनट अहम होता है, लेकिन दवा उपलब्ध न होने से उपचार प्रभावित हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, करीब दस प्रकार की दवाओं की कमी की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। इसके बावजूद अब तक पर्याप्त सप्लाई नहीं पहुंच सकी है। इमरजेंसी में भर्ती मरीजों के परिजनों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन
यह जीवनरक्षक दवाएं हैं खत्म
एड्रीनेलिन
दिल की धड़कन तेज करने और शरीर में ऑक्सीजन व रक्त प्रवाह बढ़ाने में प्रयोग होती है। आपात स्थिति में अचानक ऊर्जा देने का काम करती है।
नॉर-एड्रीनेलिन
रक्तचाप बढ़ाने और हृदय गति नियंत्रित करने में उपयोगी दवा है। गंभीर स्थिति में मरीज को स्थिर रखने में मदद करती है।
मिडाजोलम : सर्जरी से पहले बेहोशी, चिंता कम करने और गंभीर दौरों को नियंत्रित करने में इस्तेमाल होती है।
डोपामाइन
हार्ट अटैक, सेप्सिस और अचानक गिरे ब्लड प्रेशर की स्थिति में मरीज की हालत संभालने के लिए दी जाती है। यह हृदय को रक्त पंप करने में मदद करती है।
कुछ जीवनरक्षक दवाएं खत्म हो गई थीं। डिपो को डिमांड भेज दी गई है। आश्वासन मिला है कि रविवार तक सभी दवाओं की सप्लाई मिल जाएगी। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इमरजेंसी में रोजाना गंभीर हालत में मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन कई जरूरी इंजेक्शन और दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को तुरंत उपचार देने में दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार हालत बेहद नाजुक होती है और हर मिनट अहम होता है, लेकिन दवा उपलब्ध न होने से उपचार प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, करीब दस प्रकार की दवाओं की कमी की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। इसके बावजूद अब तक पर्याप्त सप्लाई नहीं पहुंच सकी है। इमरजेंसी में भर्ती मरीजों के परिजनों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन
यह जीवनरक्षक दवाएं हैं खत्म
एड्रीनेलिन
दिल की धड़कन तेज करने और शरीर में ऑक्सीजन व रक्त प्रवाह बढ़ाने में प्रयोग होती है। आपात स्थिति में अचानक ऊर्जा देने का काम करती है।
नॉर-एड्रीनेलिन
रक्तचाप बढ़ाने और हृदय गति नियंत्रित करने में उपयोगी दवा है। गंभीर स्थिति में मरीज को स्थिर रखने में मदद करती है।
मिडाजोलम : सर्जरी से पहले बेहोशी, चिंता कम करने और गंभीर दौरों को नियंत्रित करने में इस्तेमाल होती है।
डोपामाइन
हार्ट अटैक, सेप्सिस और अचानक गिरे ब्लड प्रेशर की स्थिति में मरीज की हालत संभालने के लिए दी जाती है। यह हृदय को रक्त पंप करने में मदद करती है।
कुछ जीवनरक्षक दवाएं खत्म हो गई थीं। डिपो को डिमांड भेज दी गई है। आश्वासन मिला है कि रविवार तक सभी दवाओं की सप्लाई मिल जाएगी। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज