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डिफेंस कॉरिडोर: 20 कंपनियों से करार, तीन ही ले रहीं आकार, साढ़े चार साल बाद भी ज्यादातर प्लॉट खाली
Tue, 16 Jun 2026 09:24 AM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 16 Jun 2026 09:24 AM IST
सार
गरौठा तहसील के एरच कस्बे से सटे छह गांवों में 1034 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई थी। इस क्षेत्र में रक्षा उपकरणों और सैन्य सामग्री के निर्माण के लिए 20 कंपनियों ने निवेश की रुचि दिखाई है।
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डिफेंस कॉरिडोर, झांसी
- फोटो : संवाद
विस्तार
डिफेंस कॉरिडोर की घोषणा हुए करीब साढ़े चार साल बीत चुके हैं, लेकिन झांसी नोड में अभी भी ज्यादातर प्लॉट खाली पड़े हैं। 20 कंपनियों के साथ करार और जमीन आवंटन के बावजूद केवल तीन इकाइयों में ही निर्माण गतिविधियां नजर आ रही हैं। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि मानचित्र स्वीकृत होते ही बाकी कंपनियां भी परियोजनाओं पर काम शुरू कर देंगी।
प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट को जोड़ते हुए रक्षा औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। झांसी नोड के लिए पहले चरण में झांसी से 70 किमी दूर गरौठा तहसील के एरच कस्बे से सटे छह गांवों में 1034 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई थी। इस क्षेत्र में रक्षा उपकरणों और सैन्य सामग्री के निर्माण के लिए 20 कंपनियों ने निवेश की रुचि दिखाई है।
हालांकि, जमीन आवंटन और करार के बावजूद अब तक केवल रक्षा मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल), भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की इकाई तथा एक अन्य निजी कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू किया है। शेष कंपनियों की परियोजनाएं अभी शुरुआती चरण में हैं।
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इन कंपनियों को आवंटित हुई जमीन
भारत डायनामिक्स लिमिटेड, लॉरेंस डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड, सवर्न इंफ्राटेल प्राइवेट लिमिटेड, मुरारी इंजीनियरिंग, डब्ल्यूबी इलेक्ट्रॉनिक्स, सदाशिव शक्ति डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड, ग्लोबल इंजीनियर्स लिमिटेड, फेरेटेरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ग्लोबल टेक्नोक्रेट्स प्राइवेट लिमिटेड, एविग्वे टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, ज्योमा सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, नेक्स्टस्टार्ट टेकविजन, नवभारत डिफेंस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड, डब्ल्यूटीएफ इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, भारत सरकार की एमएसएमई इकाई समेत चार अन्य कंपनियों को झांसी नोड में भूमि आवंटित की गई है।
बीडीएल की इकाई का 80 फीसदी निर्माण पूरा
19 नवंबर 2021 को झांसी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की विनिर्माण इकाई का शिलान्यास किया था। कंपनी यहां 400 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। 455 एकड़ क्षेत्र में बन रही इस इकाई का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इकाई में सेना के लिए अत्याधुनिक मिसाइलों और ग्रैड रॉकेट्स का निर्माण किया जाएगा। इसके शुरू होने पर करीब 150 लोगों को प्रत्यक्ष और 500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, अगले वर्ष तक इकाई के संचालन की उम्मीद है।
इनका यह है कहना
डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में 20 कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इनमें से तीन कंपनियों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। शेष कंपनियां मानचित्र स्वीकृत होने के बाद अपनी परियोजनाओं पर काम शुरू करेंगी। - अजय कुमार अहिरवार, सहायक अभियंता, यूपीडा
डिफेंस कॉरिडोर वीडियो...
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प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट को जोड़ते हुए रक्षा औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। झांसी नोड के लिए पहले चरण में झांसी से 70 किमी दूर गरौठा तहसील के एरच कस्बे से सटे छह गांवों में 1034 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई थी। इस क्षेत्र में रक्षा उपकरणों और सैन्य सामग्री के निर्माण के लिए 20 कंपनियों ने निवेश की रुचि दिखाई है।
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हालांकि, जमीन आवंटन और करार के बावजूद अब तक केवल रक्षा मंत्रालय की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल), भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की इकाई तथा एक अन्य निजी कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू किया है। शेष कंपनियों की परियोजनाएं अभी शुरुआती चरण में हैं।
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इन कंपनियों को आवंटित हुई जमीन
भारत डायनामिक्स लिमिटेड, लॉरेंस डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड, सवर्न इंफ्राटेल प्राइवेट लिमिटेड, मुरारी इंजीनियरिंग, डब्ल्यूबी इलेक्ट्रॉनिक्स, सदाशिव शक्ति डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड, ग्लोबल इंजीनियर्स लिमिटेड, फेरेटेरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ग्लोबल टेक्नोक्रेट्स प्राइवेट लिमिटेड, एविग्वे टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, विजयन त्रिशूल डिफेंस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, ज्योमा सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, नेक्स्टस्टार्ट टेकविजन, नवभारत डिफेंस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड, डब्ल्यूटीएफ इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, भारत सरकार की एमएसएमई इकाई समेत चार अन्य कंपनियों को झांसी नोड में भूमि आवंटित की गई है।
बीडीएल की इकाई का 80 फीसदी निर्माण पूरा
19 नवंबर 2021 को झांसी दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) की विनिर्माण इकाई का शिलान्यास किया था। कंपनी यहां 400 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। 455 एकड़ क्षेत्र में बन रही इस इकाई का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इकाई में सेना के लिए अत्याधुनिक मिसाइलों और ग्रैड रॉकेट्स का निर्माण किया जाएगा। इसके शुरू होने पर करीब 150 लोगों को प्रत्यक्ष और 500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, अगले वर्ष तक इकाई के संचालन की उम्मीद है।
इनका यह है कहना
डिफेंस कॉरिडोर के झांसी नोड में 20 कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इनमें से तीन कंपनियों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। शेष कंपनियां मानचित्र स्वीकृत होने के बाद अपनी परियोजनाओं पर काम शुरू करेंगी। - अजय कुमार अहिरवार, सहायक अभियंता, यूपीडा
डिफेंस कॉरिडोर वीडियो...
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