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Jhansi: यूट्यूब पर वीडियो देखकर वसूली करते थे साइबर जालसाज, कटेरा से पकड़े गए आरोपियों ने उगले अहम राज
Sat, 22 Aug 2026 12:16 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:16 PM IST
सार
जांच में बदमाशों के पास मध्य प्रदेश से जारी 65 मोबाइल नंबर भी मिले। जालसाज ठगी में इन नंबरों का ही इस्तेमाल करते थे।
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पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
कटेरा में तीन गांवों में चल रही साइबर ठगी के गिरोह के भंडाफोड़ के बाद जांच में कई चौंकाने वाली बात सामने आई है। गिरोह के मास्टर माइंड के तौर पर सामने आए शिवम यादव से पुलिस को कई अहम बातें पता चलीं। उसने पुलिस को बताया कि ठगी का शिकार तलाशने के लिए वह यू ट्यूब पर ई-ज्ञान नामक चैनल में वीडियो देखते थे। इसमें मध्य प्रदेश में तैनात शिक्षकों के मोबाइल नंबर मिल जाते थे।
मोबाइल नंबर मिलने के बाद उनको फोन करके मोबाइल में अश्लील वीडियो देखने की बात कहते हुए धमकाते थे। साइबर पुलिस को शिकायत मिलने की बात कहते हुए शिक्षकों को मुकदमा दर्ज होने और पुलिस कार्रवाई का डर भी दिखाते थे। जालसाजों ने पुलिस को बताया ऐसे फोन से कई शिक्षक बुरी तरह घबरा जाते थे। उनको यह जालसाज निशाना बनाकर आसानी से 7 से 10 हजार रुपये वसूल लेते थे। जांच में बदमाशों के पास मध्य प्रदेश से जारी 65 मोबाइल नंबर भी मिले। जालसाज ठगी में इन नंबरों का ही इस्तेमाल करते थे। पुलिस अब इन सभी नंबरों का ब्योरा खंगाल रही है, ताकि गिरोह के नेटवर्क और इसके जरिये ठगी के शिकार हुए लोगों की जानकारी जुटाई जा सके। साइबर थाना प्रभारी सत्येंद्र यादव ने बताया कि जालसाजों के पास से मिले मोबाइल का डेटा भी खंगाला जा रहा है। उससे भी तमाम अहम बातें पता चली हैं। इसकी मदद से दूसरे साइबर जालसाजों तक भी पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
एक वांछित ने किया सरेंडर, छह की तलाश
काडौर गांव निवासी गजेंद्र पुत्र रामेश्वर बृहस्पतिवार को पुलिस के सामने हाजिर हो गया। वहीं अब भी अंकेश, अरुण, राजेश, सौरभ और नीलू निवासी काडौर एवं कपिल निवासी खौरयाना को भी पुलिस तलाश रही है। साइबर थाना प्रभारी सत्येंद्र यादव की अगुआई में पुलिस ने शुक्रवार को भी कटेरा इलाके में दबिश देकर वांछितों को तलाशा। पुलिस आसपास के गांव में भी दबिश दे रही है।
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मोबाइल नंबर मिलने के बाद उनको फोन करके मोबाइल में अश्लील वीडियो देखने की बात कहते हुए धमकाते थे। साइबर पुलिस को शिकायत मिलने की बात कहते हुए शिक्षकों को मुकदमा दर्ज होने और पुलिस कार्रवाई का डर भी दिखाते थे। जालसाजों ने पुलिस को बताया ऐसे फोन से कई शिक्षक बुरी तरह घबरा जाते थे। उनको यह जालसाज निशाना बनाकर आसानी से 7 से 10 हजार रुपये वसूल लेते थे। जांच में बदमाशों के पास मध्य प्रदेश से जारी 65 मोबाइल नंबर भी मिले। जालसाज ठगी में इन नंबरों का ही इस्तेमाल करते थे। पुलिस अब इन सभी नंबरों का ब्योरा खंगाल रही है, ताकि गिरोह के नेटवर्क और इसके जरिये ठगी के शिकार हुए लोगों की जानकारी जुटाई जा सके। साइबर थाना प्रभारी सत्येंद्र यादव ने बताया कि जालसाजों के पास से मिले मोबाइल का डेटा भी खंगाला जा रहा है। उससे भी तमाम अहम बातें पता चली हैं। इसकी मदद से दूसरे साइबर जालसाजों तक भी पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
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एक वांछित ने किया सरेंडर, छह की तलाश
काडौर गांव निवासी गजेंद्र पुत्र रामेश्वर बृहस्पतिवार को पुलिस के सामने हाजिर हो गया। वहीं अब भी अंकेश, अरुण, राजेश, सौरभ और नीलू निवासी काडौर एवं कपिल निवासी खौरयाना को भी पुलिस तलाश रही है। साइबर थाना प्रभारी सत्येंद्र यादव की अगुआई में पुलिस ने शुक्रवार को भी कटेरा इलाके में दबिश देकर वांछितों को तलाशा। पुलिस आसपास के गांव में भी दबिश दे रही है।
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