लाॅकडाउन के बाद से ही झांसी जिले में चुनौतियां तेजी से बढ़ी हैं। पुलिस व अफसर अब तक पूरी मुस्तैदी के साथ काम करने में सफल रहे हैं। चैबीस घंटे मजदूरों के जिले मंे आने के कारण यह जिला संवेदनशील हो गया है। ऐसे में पुलिस व अफसरों को हर समय सतर्क रहने की जरूरत है। यह बात अपर पुलिस महानिदेशक जेएन सिंह ने र्सिर्कट हाऊस में पत्रकारों से मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के बाद से ही सबसे ज्यादा काम झांसी जिले में बढ़ गया है। मुंबई से लेकर इंदौर व अन्य मध्य प्रदेश के जिलों से आने वाले मजदूर झांसी से होकर निकल रहे हैं। ऐसे में झांसी जिले में कदम-कदम पर चुनौतियां बढ़ी हंै। हर समय मजदूरों के निकलने के कारण जिला संवेदनशील हो चुका है। ऐसे में पुलिस महकमे को हर समय सतर्क रहने की जरूरत है। बाॅर्डर थानों पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी व अधिकारी माॅॅस्क, ग्लब्स व सेनिटाइजर का हर समय उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यहां मजदूरों की बढ़ती तादाद को देखते हुए प्रतिदिन कम से कम एक ट्रेन चलाने की आवश्कता है, ताकि मजदूर समय से अपने घर पहुंच सकें। मजदूरों का पूरा ध्यान पुलिस रख रही है, उनको खाना व पानी भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बुधवार को 100 बसें चलाकर मजदूरों को उनके घर भेजा गया है। उन्होंने, इस बेहतर कार्य पर आईजी सुभाष सिंह बघेल, एसएसपी डी प्रदीप कुमार की भी सराहना की। लाॅकडाउन में पूरी तरह थमा अपराध उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन में अपराध पूरी तरह थमा है। लाॅकडाउन खुलने के बाद पुलिस इसी तरह अपनी ड्यूटी करेगी, ताकि अपराध न बढ़ सके। उन्होंने कहा है हाइवे से दो पहिया वाहन व अन्य साधन से निकलने वाले मजदूरों को रोककर पुुलिस परेशान कर न करे। इस तरह की कोई भी शिकायत उनके पास न आए। हाइवे पर भी उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की जाए। वर्दी पहनकर ड्यूटी करे पुलिस उन्हांेने निर्देश दिए हंै कि लाॅकडाउन के दौरान अफसर व पुलिसकर्मी हर हाल में वर्दी पहनकर ड्यूटी करें। उन्हांेने यह भी कहा कि हाॅट स्पाॅॅट इलाकों में 50 वर्ष से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यटी कतई न लगाई जाए।