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झांसी और ललितपुर के 842 स्कूलों का हाल देखने नहीं पहुंचे अफसर

Fri, 19 Mar 2021 01:31 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Mar 2021 01:31 AM IST
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Jhansi and lalitpur 842 school officer not reached nirichad
झांसी। झांसी और ललितपुर में 842 स्कूलों का अफसरों ने निरीक्षण ही नहीं किया है। स्कूलों के निरीक्षण में अफसर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। एमडीएम प्राधिकरण के निदेशक की रिपोर्ट में सामने आया है कि अधिकारी केवल मुख्य मार्गों के किनारे बने स्कूलों का निरीक्षण करते हैं। जबकि गांवों के अंदर बने स्कूलों में आज तक कोई अफसर गया ही नहीं है। निदेशक ने इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम को पत्र लिखकर स्कूलों के निरीक्षण का रोस्टर बनाने के निर्देश दिए हैं।
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शासन ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था, पोषण और बच्चों के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए निरीक्षण की व्यवस्था लागू की है। निर्देशों के तहत साल में एक बार हर स्कूल का निरीक्षण किया जाना अनिवार्य है। इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर गठित टास्क फोर्स के सदस्यों और जिले के अन्य अधिकारियों पर जिम्मेदारी है। इन अधिकारियों को स्कूलों के निरीक्षण के बाद आख्या प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करनी होती है।
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पिछले दिनों मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक विजय किरन आनंद ने स्कूलों के निरीक्षण की स्थिति की जांच कराई, तो सामने आया कि झांसी में 1541 में से 322 और ललितपुर में 1373 में से 520 स्कूलों का निरीक्षण किया ही नहीं गया है। इनमें अधिकतर स्कूल ऐसे हैं, जो जिले के सुदूर क्षेत्रों में हैं। इससे साफ है कि अफसर उन्हीं स्कूलों तक गए हैं, जहां तक उनका वाहन जाता है। निदेशक ने डीएम को पत्र लिखकर रोस्टर बनाकर स्कूलों का निरीक्षण कराने के लिए कहा है।
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कई स्कूलों में जाते ही नहीं हैं शिक्षक
अफसर अधिकतर मुख्य सड़कों के किनारे बने स्कूलों में जाते हैं। ऐसे में शिक्षक भी जमकर मनमानी करते हैं। बुंदेलखंड के अधिकतर गांवों में सड़क मार्ग नहीं है। साथ ही, तमाम गांव पहाड़ी क्षेत्रों में आसपास हैं। इन स्कूलों में अफसर जाते नहीं हैं। इसके चलते शिक्षक भी स्कूल जाने बचते हैं।
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अफसर समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण करते हैं। शासन के निर्देशों के मुताबिक स्कूलों के निरीक्षण में तेजी लाई जाएगी।
जीएस राजपूत, एडी बेसिक
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