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एक जनवरी से डब्बा हो जाएंगे टीवी
ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2015 12:16 AM IST
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झांसी। बगैर सेट टॉप बाक्स के टीवी का मजा सिर्फ 31 दिसंबर तक ही लिया जा सकता है। इसके बाद प्रसारण बंद हो जाएगा। शहर में ऐसे साढ़े चार हजार उपभोक्ता हैं, जिन्होंने मनोरंजन कर विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी अब तक सेट टॉप बाक्स नहीं लगवाए हैं।
मनोरंजन कर से होने वाली आय में बढ़ोत्तरी व इसकी चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सेट टॉप बाक्स की व्यवस्था की गई है। इसके लगने से केबल संचालक अपने कनेक्शन छुपा नहीं पाते हैं। विभाग के पास सेट टॉप बाक्स से लैस टीवी की पूरी संख्या रहती है, जिसके अनुसार विभाग मनोरंजन कर वसूल करता है।
वहीं, सेट टॉप बाक्स लगने से पिक्चर क्वालिटी में सुधार होता है। टीवी स्क्रीन पर डिजिटल पिक्चर आती है। लेकिन, उपभोक्ताओं को नुकसान यह है कि एक कनेक्शन पर एक ही टीवी चलाई जा सकती है। घर में यदि एक से अधिक टीवी हैं, तो सभी के लिए अलग-अलग बॉक्स लगाया जाना जरूरी हो जाता है। जबकि, साधारण केबल कनेक्शन से एक से अधिक टीवी भी चल जाती हैं।
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मनोरंजन कर विभाग ने सेट टॉप बाक्स लगाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक तय कर रखी है। इसके बाद बगैर सेट टॉप बाक्स के प्रसारण बंद हो जाएगा। विभाग के रिकॉर्ड में नगर में 25,640 केबल कनेक्शन हैं। इनमें से 21,050 ने सेट टॉप बाक्स लगवा लिए हैं। लेकिन, अब भी 4,590 इससे वंचित हैं। जबकि, विभाग द्वारा लगातार केबल संचालकों पर दबाव बनाया जा रहा है। बावजूद, उक्त उपभोक्ता अब तक बाक्स लगवाने को तैयार नहीं हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में संख्या है ‘शून्य’
झांसी। मनोरंजन कर विभाग के रिकॉर्ड में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में नौ हजार से अधिक केबल उपभोक्ता हैं, परंतु इनमें से अब तक किसी ने भी सेट टॉप बाक्स नहीं लगवाया है। वह केबल के साधारण कनेक्शन पर ही टीवी चला रहे हैं। सिर्फ नगर से सटे बबीना में साढ़े तीन सौ उपभोक्ताओं ने सेट टॉप बाक्स लगवाए हैं।
‘सेट टॉप बॉक्स लगवाने के लिए लगातार केबल संचालकों से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा इसका प्रचार-प्रसार कर उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया जा रहा है। बावजूद, अब तक भारी संख्या में उपभोक्ताओं ने इसे नहीं अपनाया है। ऐसे में उन्हें एक जनवरी से टीवी मनोरंजन से वंचित रहना होगा।’
- यशोदानंदन द्विवेदी, सहायक आयुक्त- मनोरंजन कर
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मनोरंजन कर से होने वाली आय में बढ़ोत्तरी व इसकी चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सेट टॉप बाक्स की व्यवस्था की गई है। इसके लगने से केबल संचालक अपने कनेक्शन छुपा नहीं पाते हैं। विभाग के पास सेट टॉप बाक्स से लैस टीवी की पूरी संख्या रहती है, जिसके अनुसार विभाग मनोरंजन कर वसूल करता है।
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वहीं, सेट टॉप बाक्स लगने से पिक्चर क्वालिटी में सुधार होता है। टीवी स्क्रीन पर डिजिटल पिक्चर आती है। लेकिन, उपभोक्ताओं को नुकसान यह है कि एक कनेक्शन पर एक ही टीवी चलाई जा सकती है। घर में यदि एक से अधिक टीवी हैं, तो सभी के लिए अलग-अलग बॉक्स लगाया जाना जरूरी हो जाता है। जबकि, साधारण केबल कनेक्शन से एक से अधिक टीवी भी चल जाती हैं।
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मनोरंजन कर विभाग ने सेट टॉप बाक्स लगाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक तय कर रखी है। इसके बाद बगैर सेट टॉप बाक्स के प्रसारण बंद हो जाएगा। विभाग के रिकॉर्ड में नगर में 25,640 केबल कनेक्शन हैं। इनमें से 21,050 ने सेट टॉप बाक्स लगवा लिए हैं। लेकिन, अब भी 4,590 इससे वंचित हैं। जबकि, विभाग द्वारा लगातार केबल संचालकों पर दबाव बनाया जा रहा है। बावजूद, उक्त उपभोक्ता अब तक बाक्स लगवाने को तैयार नहीं हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में संख्या है ‘शून्य’
झांसी। मनोरंजन कर विभाग के रिकॉर्ड में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में नौ हजार से अधिक केबल उपभोक्ता हैं, परंतु इनमें से अब तक किसी ने भी सेट टॉप बाक्स नहीं लगवाया है। वह केबल के साधारण कनेक्शन पर ही टीवी चला रहे हैं। सिर्फ नगर से सटे बबीना में साढ़े तीन सौ उपभोक्ताओं ने सेट टॉप बाक्स लगवाए हैं।
‘सेट टॉप बॉक्स लगवाने के लिए लगातार केबल संचालकों से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा इसका प्रचार-प्रसार कर उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया जा रहा है। बावजूद, अब तक भारी संख्या में उपभोक्ताओं ने इसे नहीं अपनाया है। ऐसे में उन्हें एक जनवरी से टीवी मनोरंजन से वंचित रहना होगा।’
- यशोदानंदन द्विवेदी, सहायक आयुक्त- मनोरंजन कर