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विभाग समाप्त होने की आशंका से जलनिगम कर्मी सांसत में!

Thu, 25 Mar 2021 12:19 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Mar 2021 12:19 AM IST
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Jal nigam department finish suspence
झांसी। जलनिगम कार्यालय समाप्त होने की आशंका के कारण विभागीय कर्मचारी सांसत में हैं। लखनऊ में बीते रोज हुई बोर्ड बैठक में क्या हुआ, इस बारे में कर्मचारियों को कुछ पता नहीं चल रहा है। इससे उन्हें आशंका है कि स्थानीय कार्यालय को समाप्त कर कानपुर कार्यालय से जोड़ दिया जाएगा। यदि ऐसा हो गया तो झांसी में चल रहे अम्रुत योजना समेत अन्य कार्य प्रभावित हो जाएंगे।
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बुंदेलखंड में पेयजल का संकट है। कमी को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने क्षेत्र में हर घर नल योजना शुरू की है। इसके माध्यम से गांवों में घर-घर तक पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा अटल मिशन फॉर रिजूवेशन एंड अरबन ट्रांसफारमेशन (अम्रुत) योजना के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में पेयजल के लिए काम चल रहा है। अम्रुत का काम जलनिगम कर रहा है। जबकि, हर घर नल योजना लघु सिंचाई विभाग के पास थी और हाल ही में इसे लघु सिंचाई विभाग से जल निगम में हस्तांतरित कर दिया गया है, लेकिन अब तक कोई शासनादेश जल निगम के पास नहीं आया है। इस बीच जलनिगम के मुख्य अभियंता कार्यालय को झांसी से कानपुर शिफ्ट करने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया।
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यह आशंका तब और गहरा गई, जब चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज दिया। इतना ही नहीं, बीते रोज लखनऊ में हुई जल निगम की बोर्ड बैठक में क्या निर्णय हुआ, कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है, जबकि बैठक से पूर्व इस मुद्दे पर निर्णय की संभावना थी।
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यदि विभाग का झांसी कार्यालय बंद करके कानपुर शिफ्ट किया जाता है तो स्थानीय काम प्रभावित होना तय है। क्योंकि, अब तक लागू व्यवस्था के अनुसार यदि कोई काम जरूरी होता है तो मुख्य अभियंता से इसकी स्वीकृति मिल जाती है। फिर कानपुर के चक्कर लगाने पड़ेंगे। इतना ही नहीं, 700 करोड़ रुपये की लागत से अम्रुत योजना का काम प्रगति पर चल रहा है। इसे 2022 तक पूरा किया जाना है। यह भी प्रभावित होने की आशंका है।
सूत्रों की मानें तो बोर्ड बैठक के बारे में जानकारी नहीं मिलने से कर्मचारी सांसत में हैं। इसकी एक वजह और है, जलनिगम के कर्मचारियों को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। इसलिए भी आशंकाओं को बल मिल रहा है। इसीलिए प्रदेश भर के तीन हजार से अधिक कर्मचारी लखनऊ में वेतन की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।

यदि जलनिगम की बोर्ड बैठक में झांसी कार्यालय को समाप्त करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया होगा तो बुंदेलखंड के सात जिलों में ग्रामीण क्षेत्र की 83.56 लाख व शहरी क्षेत्र की 24.69 लाख आबादी को पेयजल की समस्या हो जाएगी। हर घर स्वच्छ जल उपलब्ध कराने में भी बाधा आएगी। - रविशंकर, क्षेत्रीय अध्यक्ष, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश जल निगम
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