फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Investigation into the case of suicide of a student upset over not getting scholarship started

Jhansi News: छात्रवृत्ति न मिलने से परेशान छात्रा के आत्महत्या करने के मामले की जांच शुरू

Sun, 23 Jun 2024 05:35 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2024 05:35 AM IST
विज्ञापन
Investigation into the case of suicide of a student upset over not getting scholarship started
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झांसी। छात्रवृत्ति न मिलने से परेशान छात्रा के आत्महत्या करने के मामले की जिला प्रशासन की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। जांच की जिम्मेदारी नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। एक सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
बड़ागांव थाना इलाके के ग्राम बराठा निवासी किसान कालका की बेटी संजना कुशवाहा (18) बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रही थी। वह एनसीसी कैडेट भी थी। पिता के पास ज्यादा जमीन न होने की वजह से उनकी आय सीमित थी। संजना ने आगे की पढ़ाई जारी रखने को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। उसे 28 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलनी थी, परंतु तमाम कोशिशों के बाद भी मिल नहीं पा रही थी। जबकि, इसके लिए वह लगातार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, समाज कल्याण विभाग और बैंक के चक्कर काट रही थी। इससे परेशान होकर उसने बृहस्पतिवार की रात फांसी लगातार का आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने छात्रवृत्ति न मिलने का अपना दर्द साझा किया था। इस मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। शनिवार को जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मामले की जांच के आदेश जारी किए। जांच की जिम्मेदारी नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। उन्हें बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, समाज कल्याण विभाग और संबंधित बैंक से छात्रवृत्ति के मामले में तथ्य इकट्ठा करने के निर्देश दिए गए है। एक सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन

0000000
फोटो----
छात्रा के आत्महत्या के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एक सप्ताह में जांच पूरी कर ली जाएगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - अविनाश कुमार, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

0000000
823 छात्र-छात्राओं को मिलेगी छात्रवृत्ति
झांसी। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि छात्रवृत्ति के लिए 20,873 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया था, जिनमें से 31 मार्च तक 20,050 को छात्रवृत्ति जारी कर दी गई थी। वंचित 823 की पत्रावलियों में मामूली खामी पाई गईं थीं, जिसके चलते तब उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी। इस वजह से शासन ने दोबारा पोर्टल खोला और आवेदकों को संशोधन का मौका दिया गया। शासन की ओर से इनके लिए छात्रवृत्ति भेजी जा रही है। ब्यूरो

0000000
सोशल मीडिया पर छाया रहा मुद्दा
छात्रवृत्ति न मिलने से परेशान छात्रा के आत्महत्या करने का मामला शनिवार को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर छाया रहा। लोगों ने अमर उजाला के शनिवार के अंक में छात्रा की आत्महत्या की खबर को साझा करते हुए सरकारी विभागों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए। एक्स पर भी लोगों ने छात्रा के प्रति संवेदनाएं जताईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed