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20 के बाद रिटर्न पर देना होगा ब्याज
amarujala
Updated Thu, 17 Aug 2017 01:03 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स में जुलाई महीने का पहला रिटर्न 20 अगस्त तक जमा होगा। रिटर्न वे ही व्यापारी जमा कर सकेंगे, जिनका पंजीकरण जीएसटी में पूर्ण हो गया है। जिन व्यापारियों का पंजीकरण अधूरा हैं उनका रिटर्न स्वीकार नहीं होगा। इस तिथि के बाद रिटर्न भरने पर व्यापारी को टैक्स पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से जुर्माना देना होगा। साथ ही टैक्स भी इंटरनेट बैंकिंग से ही जमा होगा। हालांकि, समाधान योजना का लाभ लेने वाले व्यापारियों को अक्तूबर में ही पहला रिटर्न दाखिल करना है।
एक जुलाई से केंद्र सरकार ने एक देश, एक टैक्स का नारा देकर गुड्स एंड सर्विस टैक्स से लागू कर दिया। कारोबारियों को जीएसटी में अपना पहला रिटर्न 20 अगस्त तक जमा करना है। कारोबारियों को जुलाई महीने का रिटर्न जीएसटीआर 3 (बी) फार्म पर जमा करना है। इस फार्म को सरल बनाया गया है, ताकि व्यापारी को पहला रिटर्न दाखिल करने में समस्या न हो। ऐसे कारोबारी जो जीएसटी में पंजीकरण लेने के लिए फार्म ए भर चुके हैं, वे 20 तारीख से पहले फार्म बी भर लें, ताकि वे समय से रिटर्न दाखिल कर सके।
‘जिन व्यापारियों के जीएसटी में पंजीकरण अधूरे हैं, वे 20 तारीख से पहले प्रक्रिया को पूरा करा लें। क्योंकि, जिन व्यापारियों ने पंजीकरण को पूरा कर लिया है, वे ही रिटर्न दाखिल कर पाएंगे।’
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एसएस मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) वाणिज्यकर।
ये भी ध्यान दे
--------------
- टैक्स का भुगतान इंटरनेट बैंकिंग, डेविड क्रेडिट कार्ड, एईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर) अथवा आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास स्टेटमेंट) से होगा।
- सभी तरह के चालान ऑनलाइन ही जनरेट (तैयार) होेंगे।
- बैंक एकाउंट से सिर्फ दस हजार तक की धनराशि जमा होगी, किंतु इसके लिए भी चालान ऑनलाइन जनरेट होगा।
- 20 तारीख के बाद रिटर्न दाखिल करने पर टैक्स के साथ ही ब्याज जमा करना है।
- ब्याज का आकलन खुद ही करना है।
- समाधान योजना का लाभ लेने वाले कारोबारियों को पहला रिटर्न अक्तूबर में दाखिल करना है।
ऐसे होता हैं पंजीकरण
जीएसटी में पंजीकरण के लिए ए और बी दो फार्म भरने पड़ते हैं। ए फार्म में पेन नंबर, ई मेल आईडी और मोबाइल नंबर भरना पड़ता है। जबकि दूसरे फार्म में व्यापारी से संबंधित जानकारी भरनी पड़ती हैं। झांसी जोन के झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट जनपद के 31 हजार कारोबारियों में पचास फीसदी के ही अभी तक पूर्ण पंजीयन हो सके हैं।
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गुड्स एंड सर्विस टैक्स में जुलाई महीने का पहला रिटर्न 20 अगस्त तक जमा होगा। रिटर्न वे ही व्यापारी जमा कर सकेंगे, जिनका पंजीकरण जीएसटी में पूर्ण हो गया है। जिन व्यापारियों का पंजीकरण अधूरा हैं उनका रिटर्न स्वीकार नहीं होगा। इस तिथि के बाद रिटर्न भरने पर व्यापारी को टैक्स पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से जुर्माना देना होगा। साथ ही टैक्स भी इंटरनेट बैंकिंग से ही जमा होगा। हालांकि, समाधान योजना का लाभ लेने वाले व्यापारियों को अक्तूबर में ही पहला रिटर्न दाखिल करना है।
एक जुलाई से केंद्र सरकार ने एक देश, एक टैक्स का नारा देकर गुड्स एंड सर्विस टैक्स से लागू कर दिया। कारोबारियों को जीएसटी में अपना पहला रिटर्न 20 अगस्त तक जमा करना है। कारोबारियों को जुलाई महीने का रिटर्न जीएसटीआर 3 (बी) फार्म पर जमा करना है। इस फार्म को सरल बनाया गया है, ताकि व्यापारी को पहला रिटर्न दाखिल करने में समस्या न हो। ऐसे कारोबारी जो जीएसटी में पंजीकरण लेने के लिए फार्म ए भर चुके हैं, वे 20 तारीख से पहले फार्म बी भर लें, ताकि वे समय से रिटर्न दाखिल कर सके।
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‘जिन व्यापारियों के जीएसटी में पंजीकरण अधूरे हैं, वे 20 तारीख से पहले प्रक्रिया को पूरा करा लें। क्योंकि, जिन व्यापारियों ने पंजीकरण को पूरा कर लिया है, वे ही रिटर्न दाखिल कर पाएंगे।’
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एसएस मिश्रा, ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) वाणिज्यकर।
ये भी ध्यान दे
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- टैक्स का भुगतान इंटरनेट बैंकिंग, डेविड क्रेडिट कार्ड, एईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर) अथवा आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास स्टेटमेंट) से होगा।
- सभी तरह के चालान ऑनलाइन ही जनरेट (तैयार) होेंगे।
- बैंक एकाउंट से सिर्फ दस हजार तक की धनराशि जमा होगी, किंतु इसके लिए भी चालान ऑनलाइन जनरेट होगा।
- 20 तारीख के बाद रिटर्न दाखिल करने पर टैक्स के साथ ही ब्याज जमा करना है।
- ब्याज का आकलन खुद ही करना है।
- समाधान योजना का लाभ लेने वाले कारोबारियों को पहला रिटर्न अक्तूबर में दाखिल करना है।
ऐसे होता हैं पंजीकरण
जीएसटी में पंजीकरण के लिए ए और बी दो फार्म भरने पड़ते हैं। ए फार्म में पेन नंबर, ई मेल आईडी और मोबाइल नंबर भरना पड़ता है। जबकि दूसरे फार्म में व्यापारी से संबंधित जानकारी भरनी पड़ती हैं। झांसी जोन के झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट जनपद के 31 हजार कारोबारियों में पचास फीसदी के ही अभी तक पूर्ण पंजीयन हो सके हैं।