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ग्राम पूराकलां का निरीक्षण
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Fri, 10 Jul 2015 01:54 AM IST
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तालबेहट/पूराकलां (ललितपुर)। नीति आयोग दिल्ली के निर्देशक जितेंद्र सिंह ने टीम के साथ विकास खंड तालबेहट के ग्राम पूराकलां का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दो विद्यालयों और गांव के शौचालय देखे। बाद में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में हो रही सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। इस मौके पर उन्हें गांव में जगह जगह गंदगी और अधूरे शौचालय मिलें।
टीम ने सबसे पहले गांव के प्राइमरी विद्यालय मुरीपाई और पूर्व माध्यमिक विद्यालय पूराकलां का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें शौचालय साफ नहीं मिले। विद्यालय के आसपास भी गंदगी मिली। इसके बाद गांव में बनाए गए क्रांति साहू और ध्यानी साहू के शौचालयाें को देखा, जो अधूरें मिले । इसके बाद उन्होंने गांव में घूमकर स्वच्छ भारत मिशन अभियान की समीक्षा की।
उन्हें गांव में गंदगी से सराबोर बजबजाती नालियां और जगह-जगह गंदगी के ढेर मिलें। भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। ग्रामीणाें ने बताया कि गांव में सफाई कराने के लिए चार कर्मचारी है। परन्तु अधिकारियों और जनप्रतिनिधियाें के खास होने के कारण वह गांव की सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं देतें हैं। इस मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी तालबेहट जगत सिंह राजपूत सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी साथ में रहे।
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बॉक्स में
हनौता, झरर एवं रानीपुरा के विद्यालयों का किया निरीक्षण
तालबेहट (ललितपुर)। नीति आयोग की टीम ने विकास खंड के ग्राम हनौता, झरर और रानीपुरा स्थित विद्यालयाें का भी निरीक्षण किया। टीम ने सबसे पहले विद्यालय के शौचालयाें को देखा। इसके अलावा उन्होंने मिड-डे मील बनाने और उसके वितरण की भी व्यवस्था के बारे में अध्यापकाें, रसोईयों एवं ग्रामीणों से जानकारी ली। कई विद्यालयों की सफाई व्यवस्था देखकर उन्होेंने संतोष जताया। इस मौके पर ग्रामीणों ने विद्यालयाें में बच्चाें के पीने के पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत ने विस्तृत जानकारी दी।
स्कूलों के पास लगे मिले गंदगी के ढे़र
पूराकलां (तालबेहट)। निरीक्षण के दौरान टीम को गांव में कई जगह गंदगी के ढेर मिले। परन्तु विद्यालयों के पास लगे गंदगी देख कर उन्होंने आसपास के लोगों से सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। जिस पर लोगों ने बताया कि गांव में तैनात सफाई कर्मचारी किसी अधिकारी के आने पर ही सफाई करने आते हैं। उन्हें यदि आपके आने की जानकारी होती तो वह यहां की सफाई करवा देतें।
बॉक्स में
साहब - मास्बाब नहीं आत स्कूल ----------
पूराकलां (तालबेहट)। पहली बार पूराकलां आए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह उस समय असमंजस में पड़ गए। जब भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने उनसे क्षेत्र के कुछ विद्यालयाें में कार्यरत अध्यापकों के न आने की शिकायत की। जिस पर उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत से जानकारी ली। परन्तु वह उन्हें संतुष्टि पूर्ण उत्तर न दे सके।
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टीम ने सबसे पहले गांव के प्राइमरी विद्यालय मुरीपाई और पूर्व माध्यमिक विद्यालय पूराकलां का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें शौचालय साफ नहीं मिले। विद्यालय के आसपास भी गंदगी मिली। इसके बाद गांव में बनाए गए क्रांति साहू और ध्यानी साहू के शौचालयाें को देखा, जो अधूरें मिले । इसके बाद उन्होंने गांव में घूमकर स्वच्छ भारत मिशन अभियान की समीक्षा की।
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उन्हें गांव में गंदगी से सराबोर बजबजाती नालियां और जगह-जगह गंदगी के ढेर मिलें। भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। ग्रामीणाें ने बताया कि गांव में सफाई कराने के लिए चार कर्मचारी है। परन्तु अधिकारियों और जनप्रतिनिधियाें के खास होने के कारण वह गांव की सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं देतें हैं। इस मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी तालबेहट जगत सिंह राजपूत सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी साथ में रहे।
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हनौता, झरर एवं रानीपुरा के विद्यालयों का किया निरीक्षण
तालबेहट (ललितपुर)। नीति आयोग की टीम ने विकास खंड के ग्राम हनौता, झरर और रानीपुरा स्थित विद्यालयाें का भी निरीक्षण किया। टीम ने सबसे पहले विद्यालय के शौचालयाें को देखा। इसके अलावा उन्होंने मिड-डे मील बनाने और उसके वितरण की भी व्यवस्था के बारे में अध्यापकाें, रसोईयों एवं ग्रामीणों से जानकारी ली। कई विद्यालयों की सफाई व्यवस्था देखकर उन्होेंने संतोष जताया। इस मौके पर ग्रामीणों ने विद्यालयाें में बच्चाें के पीने के पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत ने विस्तृत जानकारी दी।
स्कूलों के पास लगे मिले गंदगी के ढे़र
पूराकलां (तालबेहट)। निरीक्षण के दौरान टीम को गांव में कई जगह गंदगी के ढेर मिले। परन्तु विद्यालयों के पास लगे गंदगी देख कर उन्होंने आसपास के लोगों से सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। जिस पर लोगों ने बताया कि गांव में तैनात सफाई कर्मचारी किसी अधिकारी के आने पर ही सफाई करने आते हैं। उन्हें यदि आपके आने की जानकारी होती तो वह यहां की सफाई करवा देतें।
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साहब - मास्बाब नहीं आत स्कूल ----------
पूराकलां (तालबेहट)। पहली बार पूराकलां आए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह उस समय असमंजस में पड़ गए। जब भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने उनसे क्षेत्र के कुछ विद्यालयाें में कार्यरत अध्यापकों के न आने की शिकायत की। जिस पर उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत से जानकारी ली। परन्तु वह उन्हें संतुष्टि पूर्ण उत्तर न दे सके।