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दब गई 17 लाख के मनरेगा घपले की फाइल

Wed, 30 Dec 2020 01:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Dec 2020 01:05 AM IST
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Inside manarega 17 lack corruption file
झांसी। मनरेगा के तहत कराए कार्यों में लगातार कई गड़बड़ियां उजागर हो चुकीं लेकिन, आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। बामौर ब्लॉक के आलमपुरा समेत कई गांवों में बकरी आश्रय स्थल बनवाने के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल हुआ। करीब दो माह पहले आंतरिक जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी का खुलासा भी हो गया लेकिन, अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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मनरेगा के जरिए व्यक्तिगत लाभार्थी योजना के तहत बकरी आश्रय स्थल बनवाए जाने थे। लाभार्थी को 65 हजार से 1.10 लाख रुपये का लाभ दिया जाना था। जनपद में वर्ष 2019-20 एवं 20-21 में सौ से अधिक लाभार्थी चयनित हुए लेकिन, जब जांच कराई गई तब भारी गड़बड़ी पकड़ में आई। बामौर ब्लॉक के तमाम गांव ऐसे सामने आए जहां बकरी आश्रय स्थल के लिए जमीन तक तय नहीं हुई लेकिन, कागजों में काम पूरा दिखाते हुए भुगतान कर दिया गया। तत्कालीन पीडी डॉ.राजकुमार गौतम समेत अन्य अफसरों ने गांवों में जाकर जांच की और पिछले माह अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी। जांच रिपोर्ट में इस गड़बड़ी की पुष्टि भी हुई। जांच रिपोर्ट में करीब 17 लाख रुपये की गड़बड़ी का अनुमान लगाया गया है। पूरे मामले में मनरेगा सेल के अफसरों समेत तत्कालीन बीडीओ, ग्राम प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही। बताया जा रहा जांच शुरू होते ही कुछ जगहों पर आनन-फानन में दो-तीन फीट ऊंची दीवार बनाने की कोशिश भी शुरू हो गई लेकिन, स्पस्टीकरण तलब करने के सिवाय आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की पारदर्शिता सवालों के घेरे में आ गई है।
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निगरानी में लापरवाही के चलते हो रहे घपले
मनरेगा जैसे अहम कार्य की निगरानी में बरती जा रही लापरवाही के चलते घपले एवं फर्जीवाड़े के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं जबकि निगरानी के लिए मनरेगा सेल गठित किया गया। यहां उपायुक्त स्तर के अधिकारी भी तैनात किए गए लेकिन, फिर भी फर्जीवाड़े की शिकायतें लगातार सामने आ रही। बकरी आश्रय स्थल में घपले का मामला मार्च में ही निपटा दिया गया लेकिन, शिकायत होने के बाद इसका खुलासा हुआ।
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अगर गड़बड़ी पाई गई तब निश्चित तौर पर आरोपियों से रिकवरी कराने के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
आंद्रा वामसी
जिलाधिकारी
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