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‘इनोवेशन हब’ बनाएंगे विश्वविद्यालय
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:45 AM IST
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bu, jhansi news
- फोटो : demo
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क्षेत्रीय विकास, छात्रों को रोजगार, शोध की उपयोगिता के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) ने विश्वविद्यालयों को ‘इनोवेशन हब’ स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। रूसा के स्टार्ट अप प्रोग्राम के अंतर्गत हब स्थापना के पीछे की सोच उद्योगों को विकसित कर छात्रों को रोजगार मुहैया कराना है। सभी यूनिवर्सिटी से इसके लिए प्रस्ताव मांगा गया है। प्रस्ताव पसंद आने पर रूसा यूनिवर्सिटी को चार करोड़ रुपये अनुदान देगा।
‘इनोवेशन हब’ बनाने के लिए विश्वविद्यालयों को औद्योगिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना होगा। खास बात यह है कि संस्थाओं के साथ सहयोग करने से पहले क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखना होगा। यूनिवर्सिटी का उद्योग घरानों के साथ मिलकर कार्य करने की योजना शुरू होने के बाद विभिन्न कोर्सों के छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवसाय संबंधी जानकारियां भी मिल सकेंगी। इसके अलावा अच्छे पैकेज पर नौकरी पाने का भी मौका होगा। शोधार्थियों द्वारा किए जाने वाले शोध कार्य भी विकास और नई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने में भागीदारी निभा सकेंगे। रूसा ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों से ‘इनोवेशन हब’ बनाने को लेकर प्रस्ताव मांगा है। यह प्रस्ताव 10 दिसंबर तक देना है। जिन प्रस्ताव में रूसा को व्यावहारिकता और संभावनाएं दिखेंगी, उसका चयन कर चार करोड़ रुपये अनुदान दिया जाएगा।
बीयू के कई कोर्स अहम साबित हो सकते
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की बात करें तो यहां कई प्रोफेशनल कोर्स चल रहे हैं। क्षेत्रीय परिदृश्य को ध्यान में रखें तो कृषि विज्ञान, फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी, बायोमेडिकल साइंस, मैथमेटिकल साइंस एंड कंप्यूटर एप्लीकेशन, फूड टेक्नोलॉजी समेत कई विभाग ‘इनोवेशन हब’ की स्थापना में अहम साबित हो सकते हैं।
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‘इनोवेशन हब’ को लेकर रूसा ने जो निर्देश दिए हैं, उसके बारे में सभी विभागाध्यक्षों को ई-मेल कर दिया गया है। जो भी प्रस्ताव आएंगे, उन्हें रूसा को भेजा जाएगा। - डॉ. यशोधरा शर्मा, रूसा नोडल अधिकारी, बीयू
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‘इनोवेशन हब’ बनाने के लिए विश्वविद्यालयों को औद्योगिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना होगा। खास बात यह है कि संस्थाओं के साथ सहयोग करने से पहले क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखना होगा। यूनिवर्सिटी का उद्योग घरानों के साथ मिलकर कार्य करने की योजना शुरू होने के बाद विभिन्न कोर्सों के छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवसाय संबंधी जानकारियां भी मिल सकेंगी। इसके अलावा अच्छे पैकेज पर नौकरी पाने का भी मौका होगा। शोधार्थियों द्वारा किए जाने वाले शोध कार्य भी विकास और नई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने में भागीदारी निभा सकेंगे। रूसा ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों से ‘इनोवेशन हब’ बनाने को लेकर प्रस्ताव मांगा है। यह प्रस्ताव 10 दिसंबर तक देना है। जिन प्रस्ताव में रूसा को व्यावहारिकता और संभावनाएं दिखेंगी, उसका चयन कर चार करोड़ रुपये अनुदान दिया जाएगा।
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बीयू के कई कोर्स अहम साबित हो सकते
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की बात करें तो यहां कई प्रोफेशनल कोर्स चल रहे हैं। क्षेत्रीय परिदृश्य को ध्यान में रखें तो कृषि विज्ञान, फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी, बायोमेडिकल साइंस, मैथमेटिकल साइंस एंड कंप्यूटर एप्लीकेशन, फूड टेक्नोलॉजी समेत कई विभाग ‘इनोवेशन हब’ की स्थापना में अहम साबित हो सकते हैं।
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‘इनोवेशन हब’ को लेकर रूसा ने जो निर्देश दिए हैं, उसके बारे में सभी विभागाध्यक्षों को ई-मेल कर दिया गया है। जो भी प्रस्ताव आएंगे, उन्हें रूसा को भेजा जाएगा। - डॉ. यशोधरा शर्मा, रूसा नोडल अधिकारी, बीयू