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बीयू की एनएसएस डायरी में भारत के नक्शे से अक्साई चीन गायब, विवाद
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की डायरी में भारत का गलत नक्शा छाप दिया गया। नक्शे में अक्साई चीन के हिस्से को हटा दिया गया है। इससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वहीं, एनएसएस समन्वयक का कहना है कि उनके कार्यकाल में यह डायरी छपकर नहीं आई है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पुस्तिका छपी थी, जो कि सालों से एनएसएस कार्यालय में रखी हुई थी। कुछ छात्र इसे उठाकर ले गए। मामला संज्ञान में आने के बाद सभी से डायरी वापस मंगवा ली है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के एनएसएस की स्वयंसेवक कार्य दैनंदिनी पुस्तिका छापी गई। इस पुस्तिका के कवर पेज पर राष्ट्रीय सेवा योजना का लोगो के साथ भारत का नक्शा भी प्रकाशित किया गया है। यह डायरी एनएसएस स्वयंसेवकों के पास पहुंची तो विवाद खड़ा हो गया। नक्शे के ऊपरी हिस्से में अक्साई चीन ही गायब था। विवाद बढ़ा तो बीयू अधिकारियों के संज्ञान में भी मामला आया। आनन-फानन में बीयू अधिकारियों ने स्वयंसेवकों से डायरी वापस मंगवाई। वहीं, इस मामले में एनएसएस समन्वयक डॉ. मुन्ना तिवारी का कहना है कि डायरी पुरानी थी और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छपकर आई थी। सालों से यह एनएसएस ऑफिस में रखी हुई थी। कुछ स्वयंसेवक इसे उठाकर ले गए थे। बाद में सभी से डायरी वापस मंगवा ली है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में कोई डायरी छपकर ही नहीं आई। सारे कार्य ऑनलाइन ही हुए हैं।
एबीवीपी ने जताया विरोध, कार्रवाई की मांग
एनएसएस की डायरी पर अक्साई चीन गायब होने के मामले में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय कैंपस में जमकर नारेबाजी की। साथ ही, बीयू और प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि एनएसएस छात्रों के बीच एक ऐसी डायरी बांटी जा रही है, जिसमें देश के नक्शे से अक्साई चीन का हिस्सा गायब है, जो कि निश्चित ही भारत की संप्रभुता और अखंडता के साथ छेड़छाड़ व देशद्रोह की श्रेणी में आता है। इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए। इस दौरान विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष समरेंद्र प्रताप सिंह, हिमांशु राय, अमृत राज पटेल, प्रशांत कुशवाहा, सुभाष पटेल, अंकित श्रीवास्तव, सक्षम नायक व रजनीश मौजूद रहे।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के एनएसएस की स्वयंसेवक कार्य दैनंदिनी पुस्तिका छापी गई। इस पुस्तिका के कवर पेज पर राष्ट्रीय सेवा योजना का लोगो के साथ भारत का नक्शा भी प्रकाशित किया गया है। यह डायरी एनएसएस स्वयंसेवकों के पास पहुंची तो विवाद खड़ा हो गया। नक्शे के ऊपरी हिस्से में अक्साई चीन ही गायब था। विवाद बढ़ा तो बीयू अधिकारियों के संज्ञान में भी मामला आया। आनन-फानन में बीयू अधिकारियों ने स्वयंसेवकों से डायरी वापस मंगवाई। वहीं, इस मामले में एनएसएस समन्वयक डॉ. मुन्ना तिवारी का कहना है कि डायरी पुरानी थी और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छपकर आई थी। सालों से यह एनएसएस ऑफिस में रखी हुई थी। कुछ स्वयंसेवक इसे उठाकर ले गए थे। बाद में सभी से डायरी वापस मंगवा ली है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में कोई डायरी छपकर ही नहीं आई। सारे कार्य ऑनलाइन ही हुए हैं।
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एबीवीपी ने जताया विरोध, कार्रवाई की मांग
एनएसएस की डायरी पर अक्साई चीन गायब होने के मामले में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय कैंपस में जमकर नारेबाजी की। साथ ही, बीयू और प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन देकर इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि एनएसएस छात्रों के बीच एक ऐसी डायरी बांटी जा रही है, जिसमें देश के नक्शे से अक्साई चीन का हिस्सा गायब है, जो कि निश्चित ही भारत की संप्रभुता और अखंडता के साथ छेड़छाड़ व देशद्रोह की श्रेणी में आता है। इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए। इस दौरान विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष समरेंद्र प्रताप सिंह, हिमांशु राय, अमृत राज पटेल, प्रशांत कुशवाहा, सुभाष पटेल, अंकित श्रीवास्तव, सक्षम नायक व रजनीश मौजूद रहे।
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