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महिलाओं को मशरूमकी खेती करना सिखाएंगे मास्टर ट्रेनर
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झांसी। पराली का प्रबंधन और मशरूम की खेती की जानकारी स्वयं सहायता समूह की महिलाआें तक पहुंचाने के लिए मास्टर ट्रेनर को विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। पराली से होने वाले फायदे और मशरूम उत्पादन में पराली का उपयोग कर आय बढ़ाने के बारे में बताया गया।
कृषि विभाग के उप संभागीय सभागार में विशेषज्ञ प्रवीण शर्मा ने मशरूम की खेती के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इससे आमदनी बहुत जल्द दोगुनी हो सकती है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को खेती से जोड़ें, इससे पराली प्रबंधक का कार्य प्रभावी ढंग से होगा और आमदनी में बढ़ोत्तरी होगी। उप कृषि निदेशक के के सिंह ने कहा कि पराली के प्रबंधन से महिलाएं मशरूम उत्पादन कर आमदनी बढ़ा सकती हैं। मास्टर ट्रेनर द्वारा दी गई जानकारी न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित चौपाल और किसान पाठशालाओं में दी जाए।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और अन्य विभागों के सहयोग से लिे की सभी 64 न्याय पंचायतों में किसान पाठशाला के माध्यम से किसानों को कृषि, पशुपालन, रेशम, मत्स्य तथा दुग्ध आदि क्षेत्रों में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, पराली प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, एफपीओ आदि को कैसे बढ़ाया जाए, इन विषयों पर पाठशालाओं में चर्चा होगी।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. पीके सोनी, जिला उद्यान अधिकारी विनय कुमार, सहायक निदेशक मत्स्य एके राव, सहायक निदेशक मृदा संजीव कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी संजय कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी विवेक आदि ने कृषि उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम प्रभारी दीपक कुशवाहा ने बताया कि सभी ब्लाक स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। विनय मोघे, नीरेंद्र धाकड़, राजीव गोयल, अनिल कुमार, प्रकाश पटेल आदि मौजूद रहे।
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कृषि विभाग के उप संभागीय सभागार में विशेषज्ञ प्रवीण शर्मा ने मशरूम की खेती के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इससे आमदनी बहुत जल्द दोगुनी हो सकती है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को खेती से जोड़ें, इससे पराली प्रबंधक का कार्य प्रभावी ढंग से होगा और आमदनी में बढ़ोत्तरी होगी। उप कृषि निदेशक के के सिंह ने कहा कि पराली के प्रबंधन से महिलाएं मशरूम उत्पादन कर आमदनी बढ़ा सकती हैं। मास्टर ट्रेनर द्वारा दी गई जानकारी न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित चौपाल और किसान पाठशालाओं में दी जाए।
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उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और अन्य विभागों के सहयोग से लिे की सभी 64 न्याय पंचायतों में किसान पाठशाला के माध्यम से किसानों को कृषि, पशुपालन, रेशम, मत्स्य तथा दुग्ध आदि क्षेत्रों में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, पराली प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, एफपीओ आदि को कैसे बढ़ाया जाए, इन विषयों पर पाठशालाओं में चर्चा होगी।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. पीके सोनी, जिला उद्यान अधिकारी विनय कुमार, सहायक निदेशक मत्स्य एके राव, सहायक निदेशक मृदा संजीव कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी संजय कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी विवेक आदि ने कृषि उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम प्रभारी दीपक कुशवाहा ने बताया कि सभी ब्लाक स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। विनय मोघे, नीरेंद्र धाकड़, राजीव गोयल, अनिल कुमार, प्रकाश पटेल आदि मौजूद रहे।