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Jhansi News: होली पर घर पहुंचने की ख्वाहिश में 1300 यात्रियों ने ट्रेन में खड़े होकर और लटककर किया सफर
Sun, 24 Mar 2024 03:44 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Sun, 24 Mar 2024 03:44 AM IST
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- भीड़ इतनी थी कि आरपीएफ के जवानों ने धकेलकर कोच के अंदर किए यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। होली के त्योहार पर हर कोई अपने घर पहुंचना चाहता है। लोगों में परिवार के साथ त्योहार मनाने की चाहत ऐसी है कि वे ट्रेन में जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। शनिवार को बिहार जाने वाली झांसी मंडल की प्रमुख ट्रेन ग्वालियर-बरौनी मेल में 1300 यात्रियों ने खड़े होकर और कोच के गेट पर लटककर सफर किया। ट्रेन में भीड़ का आलम यह रहा कि ट्रेन जब झांसी स्टेशन से चली तो आरपीएफ जवानों ने यात्रियों को धकेलकर कोच के अंदर किया। कमोबेश शनिवार को यह नजारा हर ट्रेन में नजर आया।
झांसी मंडल से बिहार की ओर जाने वाली प्रमुख ट्रेन ग्वालियर-बरौनी मेल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में सफर करते हैं। इस ट्रेन में पांच अनारक्षित कोचों में कुल 510 सीटें हैं। वहीं 11 स्लीपर कोच में 880, 3 थर्ड एसी कोच में 216 और एक सेकेंड एसी कोच में 54 समेत कुल 1660 सीटें हैं। मगर शनिवार को ट्रेन में क्षमता से अधिक तीन हजार यात्रियों ने सफर किया। हालात यह रहे कि ट्रेन के अनारक्षित कोच में ही क्षमता से ढाई गुना ज्यादा 1300 यात्री सवार हुए। वहीं आरक्षित कोचों का हाल भी अनारक्षित कोच जैसा नजर आया। पूरी ट्रेन में कहीं पैर रखने की जगह नहीं थी। बड़ी संख्या में यात्री कोच के अंदर खड़े और गेट पर लटके नजर आए। ट्रेन जब झांसी स्टेशन से रवाना की गई तो यहां भीड़ को काबू करने के लिए तैनात 10 आरपीएफ जवानों ने यात्रियों को धक्का देकर कोच के अंदर पहुंचाया।
झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेन में वैध टिकट रखने वालों को ही पर यात्रा करने अनुमति दी जाती है। यदि कोई नियम विरुद्ध यात्रा करता है तो ऑनबोर्ड टीटीई जुर्माना लगाते हैं। त्योहारी सीजन में भीड़ होना स्वाभाविक है।
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झांसी। होली के त्योहार पर हर कोई अपने घर पहुंचना चाहता है। लोगों में परिवार के साथ त्योहार मनाने की चाहत ऐसी है कि वे ट्रेन में जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। शनिवार को बिहार जाने वाली झांसी मंडल की प्रमुख ट्रेन ग्वालियर-बरौनी मेल में 1300 यात्रियों ने खड़े होकर और कोच के गेट पर लटककर सफर किया। ट्रेन में भीड़ का आलम यह रहा कि ट्रेन जब झांसी स्टेशन से चली तो आरपीएफ जवानों ने यात्रियों को धकेलकर कोच के अंदर किया। कमोबेश शनिवार को यह नजारा हर ट्रेन में नजर आया।
झांसी मंडल से बिहार की ओर जाने वाली प्रमुख ट्रेन ग्वालियर-बरौनी मेल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में सफर करते हैं। इस ट्रेन में पांच अनारक्षित कोचों में कुल 510 सीटें हैं। वहीं 11 स्लीपर कोच में 880, 3 थर्ड एसी कोच में 216 और एक सेकेंड एसी कोच में 54 समेत कुल 1660 सीटें हैं। मगर शनिवार को ट्रेन में क्षमता से अधिक तीन हजार यात्रियों ने सफर किया। हालात यह रहे कि ट्रेन के अनारक्षित कोच में ही क्षमता से ढाई गुना ज्यादा 1300 यात्री सवार हुए। वहीं आरक्षित कोचों का हाल भी अनारक्षित कोच जैसा नजर आया। पूरी ट्रेन में कहीं पैर रखने की जगह नहीं थी। बड़ी संख्या में यात्री कोच के अंदर खड़े और गेट पर लटके नजर आए। ट्रेन जब झांसी स्टेशन से रवाना की गई तो यहां भीड़ को काबू करने के लिए तैनात 10 आरपीएफ जवानों ने यात्रियों को धक्का देकर कोच के अंदर पहुंचाया।
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झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेन में वैध टिकट रखने वालों को ही पर यात्रा करने अनुमति दी जाती है। यदि कोई नियम विरुद्ध यात्रा करता है तो ऑनबोर्ड टीटीई जुर्माना लगाते हैं। त्योहारी सीजन में भीड़ होना स्वाभाविक है।
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