{"_id":"61e07a59cddd33068f3da5d5","slug":"in-double-murder-case-tantrik-and-fello-get-flife-semtense-jhansi-news-jhs213059492","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोहरे हत्याकांड के आरोपी तांत्रिक को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोहरे हत्याकांड के आरोपी तांत्रिक को आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या दो) विजय कुमार वर्मा ने दो युवकों की हत्या में तांत्रिक और उसके साथी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तांत्रिक ने युवकों को रकम दोगुना करने का झांसा देकर जंगल में बुलाया था। बाद में दोनों की हत्या कर रकम लूट ले गए थे। करीब चार साल चले ट्रायल के बाद न्यायालय ने सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल के मुताबिक थाना एरच के भस्नेह निवासी मोहन लाल के छोटे पुत्र माधव (21) एवं उसका दोस्त राहुल (20) की 17 अप्रैल 2017 को कुल्हाड़ी और दरांती से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। माधव भस्नेह में ही आढ़त चलाता था। दोनों का शव पठा रोड के जंगल में चार पहिया वाहन के पास पड़ा मिला। युवकों के शव के पास हवन वेदी बनी थी। वहां पूजन सामग्री के तौर पर नारियल, हवन सामग्री, नींबू, सिंदूर, सरसों, राई एवं बूंदी के लड्डू समेत अन्य वस्तुएं बिखरी पड़ी थी। पिता मोहनलाल ने तांत्रिक क्रिया कर्म के चलतेहत्या किए जाने का आरोप लगाया।
परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने माधव की आढ़त पर आने-वाले कमल उर्फ मामा (34) पुत्र करंजू महाराज निवासी घुरारा टीकमगढ़ एवं किशोरीलाल (38) पुत्र बलगुट्टे कुशवाहा निवासी पठा को गिरफ्तार कर लिया। कमल खुद को तांत्रिक बताता था। अक्सर वह गांव में तंत्र क्रियाएं करता था। इसी दौरान उसकी माधव एवं राहुल से भी जान-पहचान हो गई। वह उसकी आढ़त पर आने लगा। माधव को उसने तंत्र विद्या के सहारे रकम दोगुना करने का झांसा दिया। उसकी बातों में माधव एवं राहुल फंस गए।
विज्ञापन
कमल ने 16 अप्रैल की रात राहुल और माधव को पठा के जंगलों में बुलाया। तंत्र कर्म के लिए पचास हजार रुपये भी लेकर आने को कहा। माधव ने अपनी मां से पचास हजार रुपये भी लिए। इसके बाद एक गाड़ी से चारों जंगल पहुंच गए। जहां कमल और किशोरी ने बहाने से राहुल और माधव की हत्या कर दी। वहां से पचास हजार रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ 11 जुलाई 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों ने खुद को गरीब एवं बेसहारा बताते हुए छोड़ने की अपील की। कोर्ट ने दोनों पर लगाई गई धाराओं को सही पाया। अपने आदेश में कोर्ट ने कमल उर्फ मामा एवं किशोरीलाल को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास समेत बीस-बीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल के मुताबिक थाना एरच के भस्नेह निवासी मोहन लाल के छोटे पुत्र माधव (21) एवं उसका दोस्त राहुल (20) की 17 अप्रैल 2017 को कुल्हाड़ी और दरांती से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। माधव भस्नेह में ही आढ़त चलाता था। दोनों का शव पठा रोड के जंगल में चार पहिया वाहन के पास पड़ा मिला। युवकों के शव के पास हवन वेदी बनी थी। वहां पूजन सामग्री के तौर पर नारियल, हवन सामग्री, नींबू, सिंदूर, सरसों, राई एवं बूंदी के लड्डू समेत अन्य वस्तुएं बिखरी पड़ी थी। पिता मोहनलाल ने तांत्रिक क्रिया कर्म के चलतेहत्या किए जाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने माधव की आढ़त पर आने-वाले कमल उर्फ मामा (34) पुत्र करंजू महाराज निवासी घुरारा टीकमगढ़ एवं किशोरीलाल (38) पुत्र बलगुट्टे कुशवाहा निवासी पठा को गिरफ्तार कर लिया। कमल खुद को तांत्रिक बताता था। अक्सर वह गांव में तंत्र क्रियाएं करता था। इसी दौरान उसकी माधव एवं राहुल से भी जान-पहचान हो गई। वह उसकी आढ़त पर आने लगा। माधव को उसने तंत्र विद्या के सहारे रकम दोगुना करने का झांसा दिया। उसकी बातों में माधव एवं राहुल फंस गए।
विज्ञापन
कमल ने 16 अप्रैल की रात राहुल और माधव को पठा के जंगलों में बुलाया। तंत्र कर्म के लिए पचास हजार रुपये भी लेकर आने को कहा। माधव ने अपनी मां से पचास हजार रुपये भी लिए। इसके बाद एक गाड़ी से चारों जंगल पहुंच गए। जहां कमल और किशोरी ने बहाने से राहुल और माधव की हत्या कर दी। वहां से पचास हजार रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ 11 जुलाई 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों ने खुद को गरीब एवं बेसहारा बताते हुए छोड़ने की अपील की। कोर्ट ने दोनों पर लगाई गई धाराओं को सही पाया। अपने आदेश में कोर्ट ने कमल उर्फ मामा एवं किशोरीलाल को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास समेत बीस-बीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।