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लागू हो 240 सीटों पर पांच शिक्षक का नियम: स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन
Sun, 06 Jan 2019 01:59 AM IST
Priyesh Mishra
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Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 06 Jan 2019 01:59 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विनय त्रिवेदी ने कहा कि 240 सीटों पर पांच शिक्षक का नियम है। वहीं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में छह शिक्षक का मानक तय किया गया है। इसके अलावा बीयू मनमाने तरीके से कॉलेजों को संबद्धता देता जा रहा है। यह ठीक नहीं है। वह शनिवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 96 फीसदी उच्च शिक्षा का निर्वहन स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत खुले कॉलेजों द्वारा किया जा रहा है। इसके बाद भी एसएफएस कॉलेजों के पास कोई अधिकार नहीं है। उल्टे उपेक्षा की जा रही है। विश्वविद्यालय की नीति निर्धारण समितियां कार्य परिषद, विद्या परिषद आदि में एसएफएस कॉलेजों का कोई भी प्रतिनिधिमंडल को शामिल नहीं किया जाता है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं के बारे में बताया। कुलपति ने 240 सीटों पर पांच शिक्षकों का ही नियम बुंदेलखंड में भी लागू करने के संबंध में सकारात्मक फैसला लेने की बात कही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हो रही हैं। ऐसे में अब उड़ाका दल को निरीक्षण पर भेजने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में मनमाने तरीके से कॉलेजों को संबद्धता दी जा रही है।
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मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। इस पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। इस दौरान बुंदेलखंड स्ववित्त पोषित कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण कुमार द्विवेदी, देवेंद्र बख्शी, अजय सिंह परिहार, वैभव गुप्ता, अरविंद यादव आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 96 फीसदी उच्च शिक्षा का निर्वहन स्ववित्त पोषित योजनांतर्गत खुले कॉलेजों द्वारा किया जा रहा है। इसके बाद भी एसएफएस कॉलेजों के पास कोई अधिकार नहीं है। उल्टे उपेक्षा की जा रही है। विश्वविद्यालय की नीति निर्धारण समितियां कार्य परिषद, विद्या परिषद आदि में एसएफएस कॉलेजों का कोई भी प्रतिनिधिमंडल को शामिल नहीं किया जाता है।
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उन्होंने बताया कि शनिवार को एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं के बारे में बताया। कुलपति ने 240 सीटों पर पांच शिक्षकों का ही नियम बुंदेलखंड में भी लागू करने के संबंध में सकारात्मक फैसला लेने की बात कही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हो रही हैं। ऐसे में अब उड़ाका दल को निरीक्षण पर भेजने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में मनमाने तरीके से कॉलेजों को संबद्धता दी जा रही है।
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मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। इस पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। इस दौरान बुंदेलखंड स्ववित्त पोषित कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण कुमार द्विवेदी, देवेंद्र बख्शी, अजय सिंह परिहार, वैभव गुप्ता, अरविंद यादव आदि मौजूद रहे।