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ईमानदार को ‘ए’ और टैक्स चोर को ‘सी’
amarujala
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:50 AM IST
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incom tex, jhansi news
- फोटो : demo
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वाणिज्य कर विभाग व्यापारियों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए जल्द ही उनको ग्रेड में बांटेगा। समय पर टैक्स जमा कर अन्य जानकारियां देने वाले को एक, कभी कभीर लेटलतीफी करने और कुछ जानकारियां छिपाने वाले को बी ग्रेड दिया जाएगा। जिन व्यापारियों की टैक्स चोरी की नियमित शिकायतें आती हैं उन्हें सी ग्रेड दिया जाएगा।
झांसी जोन के सात जिलों में (झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा व चित्रकूट) में 48 हजार पंजीकृत व्यापारी हैं। इनसे साल में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलता है। विभाग अभी सभी व्यापारियों को एक ही नजर से देखता है। इससे पहचान करना मुश्किल हो जाता है कि कौन से व्यापारी ईमानदार है और कौन से व्यापारी टैक्स चोरी करके अपने व्यापार को बढ़ा रहे हैं। इस समस्या के हल के लिए व्यापारियों को ग्रेड सिस्टम में लाया जा रहा है। ए ग्रेड में उन व्यापारियों को रखा जाएगा जो समय पर अपना टैक्स जमा और अन्य जानकारियां दाखिल कर रहे हैं। बी ग्रेड में ऐसे व्यापारियों को रखा जाएगा जो टैक्स तो जमा कर रहे हैं, मगर कभी-कभार लेटलतीफ हो जाते हैं। जानकारियां छुपाने की कोशिश करते हैं। सी ग्रेड में उन व्यापारियों को रखा जाएगा जिनके खिलाफ टैक्स चोरी की शिकायतें आ रही हैं और टैक्स भी व्यापार के हिसाब से जमा नहीं कर रहे हैं। सी ग्रेड के व्यापारी वाणिज्य कर अधिकारियों की जांच के घेरे में रहेंगे। डिप्टी कमिश्नर विमल कुमार ने बताया कि यह व्यवस्था जल्द ही लागू होगी।
ईमेल जरूर चेक करें
जीएसटी पंजीयन में व्यापारी को ईमेल आईडी डालना आवश्यक है। विभाग व्यापारी को अब हर जानकारी ईमेल पर भेज देता है। पहले चपरासी कार्यस्थल पर नोटिस देने जाता था। हर नोटिस और आर्डर ईमेल पर ही भेजा जा रहा है। जवाब भी ईमेल पर देना है। इसके लिए व्यापारियों को जागरूक होना जरूरी हैं। वह हफ्ते में एक दिन अपने ईमेल जरूर जांच लें। अन्यभा जवाब न देने पर विभाग उन पर एक तरफा कार्रवाई भी कर सकता है।
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पंजीयन लेने से लाभ
- जीएसटी में सभी तरह अन्य टैक्स खत्म हो गए हैं। कारोबारी को सिर्फ जीएसटी व इनकम टैक्स को ब्यौरा देना है।
- पूरे देश में एक टैक्स होने से कारोबारी केंद्रीयकृत हो गए।
- पंजीयन लेकर कारोबारी चेकिंग, सर्वे आदि से बच सकते हैं।
- ऑनलाइन रिटर्न करने एवं अन्य सभी प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा।
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झांसी जोन के सात जिलों में (झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा व चित्रकूट) में 48 हजार पंजीकृत व्यापारी हैं। इनसे साल में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलता है। विभाग अभी सभी व्यापारियों को एक ही नजर से देखता है। इससे पहचान करना मुश्किल हो जाता है कि कौन से व्यापारी ईमानदार है और कौन से व्यापारी टैक्स चोरी करके अपने व्यापार को बढ़ा रहे हैं। इस समस्या के हल के लिए व्यापारियों को ग्रेड सिस्टम में लाया जा रहा है। ए ग्रेड में उन व्यापारियों को रखा जाएगा जो समय पर अपना टैक्स जमा और अन्य जानकारियां दाखिल कर रहे हैं। बी ग्रेड में ऐसे व्यापारियों को रखा जाएगा जो टैक्स तो जमा कर रहे हैं, मगर कभी-कभार लेटलतीफ हो जाते हैं। जानकारियां छुपाने की कोशिश करते हैं। सी ग्रेड में उन व्यापारियों को रखा जाएगा जिनके खिलाफ टैक्स चोरी की शिकायतें आ रही हैं और टैक्स भी व्यापार के हिसाब से जमा नहीं कर रहे हैं। सी ग्रेड के व्यापारी वाणिज्य कर अधिकारियों की जांच के घेरे में रहेंगे। डिप्टी कमिश्नर विमल कुमार ने बताया कि यह व्यवस्था जल्द ही लागू होगी।
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ईमेल जरूर चेक करें
जीएसटी पंजीयन में व्यापारी को ईमेल आईडी डालना आवश्यक है। विभाग व्यापारी को अब हर जानकारी ईमेल पर भेज देता है। पहले चपरासी कार्यस्थल पर नोटिस देने जाता था। हर नोटिस और आर्डर ईमेल पर ही भेजा जा रहा है। जवाब भी ईमेल पर देना है। इसके लिए व्यापारियों को जागरूक होना जरूरी हैं। वह हफ्ते में एक दिन अपने ईमेल जरूर जांच लें। अन्यभा जवाब न देने पर विभाग उन पर एक तरफा कार्रवाई भी कर सकता है।
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पंजीयन लेने से लाभ
- जीएसटी में सभी तरह अन्य टैक्स खत्म हो गए हैं। कारोबारी को सिर्फ जीएसटी व इनकम टैक्स को ब्यौरा देना है।
- पूरे देश में एक टैक्स होने से कारोबारी केंद्रीयकृत हो गए।
- पंजीयन लेकर कारोबारी चेकिंग, सर्वे आदि से बच सकते हैं।
- ऑनलाइन रिटर्न करने एवं अन्य सभी प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा।