फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   If the child is surrounded by serious illness, then Korean can be dead

बच्चा गंभीर बीमारियों से घिरा, तो कोरोना हो सकता जानलेवा

Wed, 26 Jan 2022 12:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jan 2022 12:30 AM IST
विज्ञापन
If the child is surrounded by serious illness, then Korean can be dead
झांसी। यदि बच्चा गंभीर बीमारियों का शिकार है तो कोरोना होना उसके लिए घातक साबित हो सकता है। झांसी और ललितपुर में हुई एक-एक बच्ची की मौत भी इसी कारण से हुई कि वो निमोनिया से लेकर विभिन्न बीमारियों की चपेट में थीं। ऐसे में डॉक्टर कोरोना से बचाव करने और संक्रमित होने पर बच्चे का तुरंत इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन

नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस) की रिपोर्ट के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा एनीमिया के शिकार बच्चे हैं। 67 प्रतिशत बच्चों का हीमोग्लोबिन 11 से कम रहता है। कम वजन के बच्चों की संख्या भी 25 से 30 फीसदी है। वहीं, कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे भी काफी हैं। ऐसी ही कई बीमारियों का बच्चे शिकार हो जाते हैं, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। 22 जनवरी को ललितपुर की तीन महीने और अगले ही दिन झांसी की एक महीने की कोरोना संक्रमित बच्ची की मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। लगातार दो मौतों से सनसनी फैल गई। शासन तक ने बिंदुवार विस्तृत रिपोर्ट मांग ली। डॉक्टरों के मुताबिक मरने वाले दोनों ही बच्ची पहले से बीमार थीं। उन्हें निमोनिया था। एक बच्ची का वजन नहीं बढ़ रहा था। एक तरफ का फेफड़ा भी सिकुड़ गया था। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि जन्म के बाद प्रतिरोधक क्षमता कमजोर करने वाली बीमारियों का शिकार बच्चों को कोरोना से बचाकर रखें। यदि बच्चा चपेट में आ जाता है तो फिर इलाज में देरी न करें।
विज्ञापन

कौन सा रोग कितना फैला
एनीमिया 67 फीसदी
कम वजन 25-30 फीसदी
कुपोषित 40 फीसदी
अति कुपोषण 17 फीसदी
प्री मैच्योर 12-15 फीसदी
अस्थमा 6-7 फीसदी
निमोनिया 3 फीसदी
(नोट: देश का ये आंकड़ा एनएफएचएस-5 सर्वे में सामने आया।)
ये भी जानें
- प्रति एक लाख जन्म में 5-7 बच्चों को ब्लड कैंसर होता है।
- प्रति एक लाख जन्म में दिमाग के ट्यूमर वाले तीन से पांच बच्चे होते हैं।
- नेफ्रोटिक सिड्रोंम (किडनी की समस्या) का शिकार प्रति एक लाख में दो से 17 होते हैं।
- प्रति एक हजार बच्चों में चार से दस तक ह्रदय रोग का शिकार हो सकते हैं।
जन्म के बाद कई बच्चे बीमारियों से घिर जाते हैं। ऐसे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। यदि ये बच्चे कोरोना की चपेट में आ जाएं तो हालत गंभीर हो सकती है। जो दो मौतें मेडिकल कॉलेज में बच्चियों की हुई हैं, वो भी पहले से बीमारियों का शिकार थीं। - डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed