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अगर कोई कर रहा छेड़छाड़ तो बेझिझक बताएं, हल होगी समस्या
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झांसी। मिशन शक्ति अभियान के तहत बुधवार को हक की बात जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें महिलाएं, बालिकाएं स्थानीय मुद्दों से लेकर समस्याओं पर सीधे डीएम से बात करेंगी। साथ ही जरूरी सुझाव भी देंगी। डीएम की तरफ से पर ही समस्याओं के समाधान के लिए संबधित विभाग, अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे।
निदेशक महिला कल्याण व मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी मनोज कुमार राय ने कहा कि जिलाधिकारी से सीधे हक की बात करने के लिए जिलों में वेबिनार, डेडिकेटेड फोन लाइन, वीसी आदि माध्यमों का प्रयोग किया जाएगा। आयोजन से महिलाओं को अपनी समस्याओं को उचित फोरम पर उठाने का मौका मिलेगा। साथ ही अपनी समस्या बताने में हिचक भी दूर होगी। महिलाएं, बालिकाएं घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, शारीरिक व मानसिक शोषण, लैंगिक असमानता, बाल विवाह, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, यौन हिंसा, छेड़छाड़ आदि मुद्दों पर बात करने के साथ ही इससे निपटने का सुझा भी डीएम के सामने रख सकती हैं। पोषण और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों, अगर किसी महिला या बच्चे की किसी प्रकरण में कहीं सुनवाई नहीं हो रही तो भी डीएम को सीधे बता सकेंगी।
इन असुरक्षित स्थानों की भी दे सकतीं हैं सूचना
- विद्यालय के पास शराब की दुकान
- स्कूल के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
- किसी घर में महिला या बच्चे के साथ हिंसा होना
- आने.जाने वाले रास्ते में लाइट न होने से अंधेरे में असुरक्षित माहौल
- स्कूल में चहारदीवारी, शौचालय, भेदभाव रहित वातावरण का न होना
- घरों में शौचालय की व्यवस्था का न होना
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निदेशक महिला कल्याण व मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी मनोज कुमार राय ने कहा कि जिलाधिकारी से सीधे हक की बात करने के लिए जिलों में वेबिनार, डेडिकेटेड फोन लाइन, वीसी आदि माध्यमों का प्रयोग किया जाएगा। आयोजन से महिलाओं को अपनी समस्याओं को उचित फोरम पर उठाने का मौका मिलेगा। साथ ही अपनी समस्या बताने में हिचक भी दूर होगी। महिलाएं, बालिकाएं घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, शारीरिक व मानसिक शोषण, लैंगिक असमानता, बाल विवाह, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, यौन हिंसा, छेड़छाड़ आदि मुद्दों पर बात करने के साथ ही इससे निपटने का सुझा भी डीएम के सामने रख सकती हैं। पोषण और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों, अगर किसी महिला या बच्चे की किसी प्रकरण में कहीं सुनवाई नहीं हो रही तो भी डीएम को सीधे बता सकेंगी।
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इन असुरक्षित स्थानों की भी दे सकतीं हैं सूचना
- विद्यालय के पास शराब की दुकान
- स्कूल के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
- किसी घर में महिला या बच्चे के साथ हिंसा होना
- आने.जाने वाले रास्ते में लाइट न होने से अंधेरे में असुरक्षित माहौल
- स्कूल में चहारदीवारी, शौचालय, भेदभाव रहित वातावरण का न होना
- घरों में शौचालय की व्यवस्था का न होना