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असंटित क्षेत्र के मजदूरों के बनेंगे आईकार्ड
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झांसी। ऐसे कामगार / मजदूर जो अब तक श्रम विभाग में पंजीकृत नहीं हैं, उनका जनसेवा केंद्रों (सीएचसी) पर निशुल्क पंजीकरण होगा और यूनिक आईडी कार्ड बनाया जाएगा। इससे उन्हें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिलेगा। प्रीमियम पर आने वाले एक साल का खर्च भी सरकार उठाएगी।
छोटे किसान, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, पशुपालक, मछली विक्रेता, मोची, ईंट भट्टा पर काम करने वाले, रेहड़ी पटरी वाले, घरों में काम करने वाले, समाचार पत्र वितरक, बढ़ईगीरी करने वाले, नलों की फिटिंग करने वाले, रिक्शा और आटो रिक्शा संचालक, मनरेगा मजदूर, दूध विक्रेता, एक शहर से दूसरे शहर में स्थानांतरित मजदूर, हेयर सैलून कारीगार, आशा वर्कर, चाय विक्रेता और ऐसे मजदूर जो किसी संगठन के साथ नहीं जुड़े हैं, वह यूनिक आईडी बनवा सकते हैं।
इसके लिए किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। सीएचसी से असंगठित श्रमिकों के यूनिक आईडी कार्ड ई- श्रम पोर्टल से बनाए जाएंगे। जिले में हजारों असंगठित श्रमिक हैं, लेकिन उनको श्रम मंत्रालय की योजनाओं का लाभ नहीं मिलता है। यदि यह लोग पंजीकरण कराएंगे तो उन्हें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिलेगा तथा इसका एक साल का खर्च (12 रुपये) भी सरकार ही उठाएगी। पंजीकरण होने के बाद श्रमिकाें की गतिविधियों और वह किस राज्य से किस किस में जा रहे हैं, यूनिक आईडी के माध्यम से आसानी से ट्रैक हो जाएगा।
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पंजीकरण के लिए योग्यता
आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए, आवेदक का पीएफ (ईपीएफओ) और ईएसआई (ईएसआईसी) खाता नहीं होना चाहिए, आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए। साथ ही आवेदक किसी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए, आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर , बैंक का खाता और मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का निशुल्क पंजीकरण किया जा रहा है। किसी भी जनसेवा केंद्र पर यह सुविधा निशुल्क दी जा रही है। पंजीकरण के बाद यूनिक आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। - आजम अली, जिला प्रबंधक, जनसेवा केंद्र
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छोटे किसान, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, पशुपालक, मछली विक्रेता, मोची, ईंट भट्टा पर काम करने वाले, रेहड़ी पटरी वाले, घरों में काम करने वाले, समाचार पत्र वितरक, बढ़ईगीरी करने वाले, नलों की फिटिंग करने वाले, रिक्शा और आटो रिक्शा संचालक, मनरेगा मजदूर, दूध विक्रेता, एक शहर से दूसरे शहर में स्थानांतरित मजदूर, हेयर सैलून कारीगार, आशा वर्कर, चाय विक्रेता और ऐसे मजदूर जो किसी संगठन के साथ नहीं जुड़े हैं, वह यूनिक आईडी बनवा सकते हैं।
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इसके लिए किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। सीएचसी से असंगठित श्रमिकों के यूनिक आईडी कार्ड ई- श्रम पोर्टल से बनाए जाएंगे। जिले में हजारों असंगठित श्रमिक हैं, लेकिन उनको श्रम मंत्रालय की योजनाओं का लाभ नहीं मिलता है। यदि यह लोग पंजीकरण कराएंगे तो उन्हें प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिलेगा तथा इसका एक साल का खर्च (12 रुपये) भी सरकार ही उठाएगी। पंजीकरण होने के बाद श्रमिकाें की गतिविधियों और वह किस राज्य से किस किस में जा रहे हैं, यूनिक आईडी के माध्यम से आसानी से ट्रैक हो जाएगा।
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पंजीकरण के लिए योग्यता
आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए, आवेदक का पीएफ (ईपीएफओ) और ईएसआई (ईएसआईसी) खाता नहीं होना चाहिए, आवेदक आयकर दाता नहीं होना चाहिए। साथ ही आवेदक किसी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए, आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर , बैंक का खाता और मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का निशुल्क पंजीकरण किया जा रहा है। किसी भी जनसेवा केंद्र पर यह सुविधा निशुल्क दी जा रही है। पंजीकरण के बाद यूनिक आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। - आजम अली, जिला प्रबंधक, जनसेवा केंद्र