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Jhansi News: रात दो बजे लाइन में लगे, फिर भी खाली हाथ लौटे
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिरगांव। मौसम साफ होने के बाद अब किसानों को रबी की बोआई की चिंता सताने लगी है। खाद के लिए किसान सहकारी समितियों से लेकर खाद की दुकानों तक के चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद, उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। इससे किसान परेशान हैं।
पीसीएफ केंद्र पर मंगलवार को पांच सौ बोरी खाद का ट्रक आया था। इसकी सूचना मिलने पर रात दो बजे से ही किसानों का केंद्र पर पहुंचना शुरू हो गया था। बुधवार की सुबह यहां किसानों की लंबी-लंबी कतारें नजर आने लगी थीं। किसानों की भीड़ के बीच शाम चार बजे तक खाद बांटी गई। इसके बावजूद, कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। ग्राम बरल के संजय राजपूत ने बताया कि पीसीएफ केंद्र पर जितनी लंबी लाइन पुरुष किसानों की थी। उतनी ही लंबी लाइन महिला किसानों की भी थी। स्थिति यह रही कि सुबह नौ बजे जो किसान खाद लेने पहुंचा, शाम को उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। क्योंकि, केंद्र पर रात से ही कतारें लगना शुरू हो गई थी।
केंद्र प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि मंगलवार को पांच सौ बोरी का एक ट्रक आया था। खाद का बुधवार की शाम चार बजे तक वितरण किया गया।
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चिरगांव। मौसम साफ होने के बाद अब किसानों को रबी की बोआई की चिंता सताने लगी है। खाद के लिए किसान सहकारी समितियों से लेकर खाद की दुकानों तक के चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद, उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। इससे किसान परेशान हैं।
पीसीएफ केंद्र पर मंगलवार को पांच सौ बोरी खाद का ट्रक आया था। इसकी सूचना मिलने पर रात दो बजे से ही किसानों का केंद्र पर पहुंचना शुरू हो गया था। बुधवार की सुबह यहां किसानों की लंबी-लंबी कतारें नजर आने लगी थीं। किसानों की भीड़ के बीच शाम चार बजे तक खाद बांटी गई। इसके बावजूद, कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। ग्राम बरल के संजय राजपूत ने बताया कि पीसीएफ केंद्र पर जितनी लंबी लाइन पुरुष किसानों की थी। उतनी ही लंबी लाइन महिला किसानों की भी थी। स्थिति यह रही कि सुबह नौ बजे जो किसान खाद लेने पहुंचा, शाम को उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। क्योंकि, केंद्र पर रात से ही कतारें लगना शुरू हो गई थी।
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केंद्र प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि मंगलवार को पांच सौ बोरी का एक ट्रक आया था। खाद का बुधवार की शाम चार बजे तक वितरण किया गया।