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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Holding the door open for all departments

सभी विभागों के लिए खुले मनरेगा के द्वार

Sat, 21 Nov 2015 01:36 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Sat, 21 Nov 2015 01:36 AM IST
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झांसी। अब मनरेगा से कच्चे कार्यों के अलावा पक्के काम भी कराए जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई नई नीति से सभी विभागों के लिए मनरेगा के द्वार खुल गए हैं। नये नियमों से मजदूरों को अधिक काम मिलने के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
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मनरेगा में अब तक मजदूरी और सामग्री में 60:40 के अनुपात से व्यय किया जाता रहा है। कुल लागत की साठ फीसदी राशि मजदूरी में और चालीस प्रतिशत राशि सामग्री में खर्च किए जाने का प्रावधान था। नियमानुसार मजदूरी व्यय को तो बढ़ाया जा सकता था, लेकिन सामग्री व्यय में 40 फीसदी से अधिक का व्यय नहीं किया जा सकता था।
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इस कठिन नियम के कारण मनरेगा से पक्के काम न के बराबर ही होते थे। अनुपात की बाध्यता के कारण अन्य कार्यदायी संस्थाएं भी मनरेगा से कार्य कराने से बचती थीं। अब सरकार ने सभी विभागों के लिए मनरेगा के द्वार खोल दिए हैं। भारत सरकार ने नया गजट जारी करते हुए कार्यदायी संस्थाओं के लिए अनुपात की बाध्यता समाप्त कर दी है।
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नये नियमों के अनुसार यदि कोई विभाग अपने कार्य के लिए मनरेगा के मजदूर लेना चाहता है तो उसे प्रोजेक्ट की साठ फीसदी राशि मजदूरी पर खर्च नहीं करनी होगी। वह दस फीसदी राशि भी मजदूरी के मद में खर्च कर सकेगा। हालांकि ग्राम पंचायत द्वारा कराए जाने वाले कार्यों में 60:40 के अनुपात की बाध्यता जारी रहेगी।
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