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हिट एंड रन : छह माह में 13 की मौत, एक को भी नहीं मिला मुआवजा
Sun, 07 Apr 2024 01:09 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Sun, 07 Apr 2024 01:09 AM IST
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जानकारी के अभाव में आवेदन नहीं कर पा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जानकारी के अभाव में लोगों को हिट एंड रन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक अज्ञात वाहनों की टक्कर से छह माह में 13 की मौत हो चुकी है, लेकिन किसी ने भी योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता के लिए आवेदन नहीं किया है। अब परिवहन विभाग इनके परिजनों से संपर्क कर योजना का लाभ दिलाएगा।
हिट एंड रन मामले में घायल होने पर साढ़े बारह हजार तथा मौत होने पर पच्चीस हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती थी। लेकिन वर्ष 2022 में सरकार ने मुआवजे की रकम घायल को 50 हजार तथा मृतक आश्रित को दो लाख रुपये कर दी थी। इसके तहत पीड़ित अथवा उसके परिजनों द्वारा पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के साथ ही तहसील में आवेदन करने का नियम है।
तहसील प्रशासन द्वारा जांच के बाद घायल अथवा मृतक आश्रित के खाते में मुआवजे की रकम को स्थानांतरित कर दिया जाता है, लेकिन जानकारी नहीं होने के कारण पीड़ित आवेदन करने से वंचित रह जाते हैं। पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक अज्ञात वाहनों से छह माह में 13 लोगों की मौत हो गई है। लेकिन किसी ने भी आर्थिक मदद के लिए आवेदन नहीं किया है। अब जिला प्रशासन ने सभी के पतों पर संपर्क करना शुरू कर दिया है, ताकि उनको आर्थिक मदद दिलाई जा सके।
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संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रर्वतन) प्रभात पांडेय ने बताया कि अज्ञात वाहनों की टक्कर से छह माह में 13 की मौत हुई है। लेकिन आर्थिक मदद के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं किया है। अब पीड़ित के परिजनों से संपर्क शुरू कर दिया है। इससे उन्हें आर्थिक मदद दिलाई जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जानकारी के अभाव में लोगों को हिट एंड रन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक अज्ञात वाहनों की टक्कर से छह माह में 13 की मौत हो चुकी है, लेकिन किसी ने भी योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता के लिए आवेदन नहीं किया है। अब परिवहन विभाग इनके परिजनों से संपर्क कर योजना का लाभ दिलाएगा।
हिट एंड रन मामले में घायल होने पर साढ़े बारह हजार तथा मौत होने पर पच्चीस हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती थी। लेकिन वर्ष 2022 में सरकार ने मुआवजे की रकम घायल को 50 हजार तथा मृतक आश्रित को दो लाख रुपये कर दी थी। इसके तहत पीड़ित अथवा उसके परिजनों द्वारा पुलिस में एफआईआर दर्ज करने के साथ ही तहसील में आवेदन करने का नियम है।
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तहसील प्रशासन द्वारा जांच के बाद घायल अथवा मृतक आश्रित के खाते में मुआवजे की रकम को स्थानांतरित कर दिया जाता है, लेकिन जानकारी नहीं होने के कारण पीड़ित आवेदन करने से वंचित रह जाते हैं। पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक अज्ञात वाहनों से छह माह में 13 लोगों की मौत हो गई है। लेकिन किसी ने भी आर्थिक मदद के लिए आवेदन नहीं किया है। अब जिला प्रशासन ने सभी के पतों पर संपर्क करना शुरू कर दिया है, ताकि उनको आर्थिक मदद दिलाई जा सके।
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संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रर्वतन) प्रभात पांडेय ने बताया कि अज्ञात वाहनों की टक्कर से छह माह में 13 की मौत हुई है। लेकिन आर्थिक मदद के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं किया है। अब पीड़ित के परिजनों से संपर्क शुरू कर दिया है। इससे उन्हें आर्थिक मदद दिलाई जा सके।