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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने में शुरू हुई मुनाफाखोरी
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नम्बर प्लेट की खबर में ..... नम्बर प्लेट।
झांसी। जिले में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नाम पर मुनाफाखोरी का खेल शुरू हो गया है। नए आदेश के बाद दलाल सक्रिय हो गए हैं। कई जगहों पर तय फीस से अधिक दाम वसूल किए जा रहे हैं, तो कुछ दुकानों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नाम पर फर्जी प्लेट लगाई जा रही है। वहीं परिवहन विभाग ने अब तक इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है।
शासन ने हाल ही में 2019 से पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के निर्देश दिए हैं। इस प्लेट को लगवाने का काम 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना है। इसे लेकर शासन स्तर से डीलरों को निर्देशित किया गया है। वहीं महानगर में कार और दोपहिया वाहन में नंबर प्लेट लगवाने के नाम पर जमकर मुनाफाखोरी की जा रही है। शासन स्तर से दो पहिया वाहन के लिए 350 रुपये तय किए गए हैं, जबकि चार पहिया वाहन के लिए 600 रुपये तय किए गए हैं।
महानगर में तय दामों से अधिक की वसूली की जा रही है। तमाम दुकानों पर दो पहिया वाहन के लिए 500 रुपये और चार पहिया वाहनों की प्लेट के लिए 800 रुपये लिए जा रहे हैं। साथ ही कई दुकानों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नाम पर फर्जी प्लेट लगाई जा रही है। इसे लेकर परिवहन विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
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आवेदन में देरी का बना रहे बहाना
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा रहा है। ऐसे में कई जगहों पर वेबसाइट पर तकनीकी खामी होने का बहाना बनाकर आवेदकों को टरकाया जा रहा है। आवेदकों को केवल रसीद थमाकर लौटा दिया जाता है। प्लेट लगवाने के लिए तीन दिन बाद आने को कहा जाता है।
असली और नकली प्लेट की ऐसे करें पहचान
नंबर प्लेट के असली और नकली होने की पहचान की जा सकती है। असली नंबर प्लेट पर ही एक बार कोड होता है। हर गाड़ी का बार कोड अलग-अलग होता है। फ र्जी तरीके से इस नंबर प्लेट को लगाने वाले बार कोड नहीं लिखते हैं क्योंकि इस बार कोड के लगे होने पर पकड़े जाने पर उन पर कानूनी कार्रवाई हो जाएगी।
अधिकृत डीलरों से ही लगवाएं प्लेट
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर एआरटीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि वाहन चालक अपने अधिकृत डीलर से ही नंबर प्लेट लगवाएं। शासन स्तर से डीलरों को ही प्लेट लगाने के लिए नामित किया गया है। वहीं नकली नंबर प्लेट लगाने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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शासन ने हाल ही में 2019 से पुराने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के निर्देश दिए हैं। इस प्लेट को लगवाने का काम 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना है। इसे लेकर शासन स्तर से डीलरों को निर्देशित किया गया है। वहीं महानगर में कार और दोपहिया वाहन में नंबर प्लेट लगवाने के नाम पर जमकर मुनाफाखोरी की जा रही है। शासन स्तर से दो पहिया वाहन के लिए 350 रुपये तय किए गए हैं, जबकि चार पहिया वाहन के लिए 600 रुपये तय किए गए हैं।
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महानगर में तय दामों से अधिक की वसूली की जा रही है। तमाम दुकानों पर दो पहिया वाहन के लिए 500 रुपये और चार पहिया वाहनों की प्लेट के लिए 800 रुपये लिए जा रहे हैं। साथ ही कई दुकानों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के नाम पर फर्जी प्लेट लगाई जा रही है। इसे लेकर परिवहन विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
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आवेदन में देरी का बना रहे बहाना
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा रहा है। ऐसे में कई जगहों पर वेबसाइट पर तकनीकी खामी होने का बहाना बनाकर आवेदकों को टरकाया जा रहा है। आवेदकों को केवल रसीद थमाकर लौटा दिया जाता है। प्लेट लगवाने के लिए तीन दिन बाद आने को कहा जाता है।
असली और नकली प्लेट की ऐसे करें पहचान
नंबर प्लेट के असली और नकली होने की पहचान की जा सकती है। असली नंबर प्लेट पर ही एक बार कोड होता है। हर गाड़ी का बार कोड अलग-अलग होता है। फ र्जी तरीके से इस नंबर प्लेट को लगाने वाले बार कोड नहीं लिखते हैं क्योंकि इस बार कोड के लगे होने पर पकड़े जाने पर उन पर कानूनी कार्रवाई हो जाएगी।
अधिकृत डीलरों से ही लगवाएं प्लेट
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर एआरटीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि वाहन चालक अपने अधिकृत डीलर से ही नंबर प्लेट लगवाएं। शासन स्तर से डीलरों को ही प्लेट लगाने के लिए नामित किया गया है। वहीं नकली नंबर प्लेट लगाने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।