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सरकारी पर्चे पर निजी सेंटर का नाम लिखने वाले डॉक्टर की होगी जांच
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर द्वारा सरकारी पर्चे पर निजी सेंटर का नाम लिखने की जांच होगी। कॉलेज प्राचार्य ने मामले की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। जांच में पुष्टि होने पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्सरे मशीन को खराब हुए एक महीने होने को आ रहा है। मशीन ठीक न होने पर मरीजों को निजी सेंटरों पर जाकर जेब ढीली कर जांच करानी पड़ रही है। मशीन खराब होने की आड़ में डॉक्टर भी कमीशन के चक्कर में सेटिंग वाले निजी सेंटरों का नाम सरकारी पर्चे पर लिख रहे हैं। अमर उजाला ने 21 फरवरी को ‘मशीनें खराब, डॉक्टर सरकारी पर्चे पर लिख रहे निजी सेंटर पर नाम’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। डॉक्टर ने जालौन निवासी अफसाना पत्नी असलम के पर्चे पर एक सेंटर का नाम लिखकर वहां से जांच कराने के लिए कहा था। शनिवार को ही कॉलेज प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने खबर का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दे दिए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि शनिवार को जांच समिति बना दी जाएगी। जांच में पुष्टि होने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्राचार्य खुद भी औचक निरीक्षण कर मरीजों के पर्चे की जांच करेंगी।
30 दिन, 4.5 लाख की हो चुकी जांच
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 50 मरीज डिजिटल एक्सरे कराने आते हैं। मेडिकल कॉलेज में 115 रुपये में डिजिटल एक्सरे होता है, जबकि निजी सेंटर इसके 300 रुपये वसूलते हैं। ऐसे में प्रतिदिन 15 हजार रुपये की जांचें मरीज कराते हैं। ऐसे में पिछले 30 दिन में साढ़े चार लाख रुपये की जांच मरीज निजी केंद्रों से करा चुके हैं।
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मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्सरे मशीन को खराब हुए एक महीने होने को आ रहा है। मशीन ठीक न होने पर मरीजों को निजी सेंटरों पर जाकर जेब ढीली कर जांच करानी पड़ रही है। मशीन खराब होने की आड़ में डॉक्टर भी कमीशन के चक्कर में सेटिंग वाले निजी सेंटरों का नाम सरकारी पर्चे पर लिख रहे हैं। अमर उजाला ने 21 फरवरी को ‘मशीनें खराब, डॉक्टर सरकारी पर्चे पर लिख रहे निजी सेंटर पर नाम’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। डॉक्टर ने जालौन निवासी अफसाना पत्नी असलम के पर्चे पर एक सेंटर का नाम लिखकर वहां से जांच कराने के लिए कहा था। शनिवार को ही कॉलेज प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने खबर का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दे दिए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि शनिवार को जांच समिति बना दी जाएगी। जांच में पुष्टि होने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्राचार्य खुद भी औचक निरीक्षण कर मरीजों के पर्चे की जांच करेंगी।
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30 दिन, 4.5 लाख की हो चुकी जांच
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 50 मरीज डिजिटल एक्सरे कराने आते हैं। मेडिकल कॉलेज में 115 रुपये में डिजिटल एक्सरे होता है, जबकि निजी सेंटर इसके 300 रुपये वसूलते हैं। ऐसे में प्रतिदिन 15 हजार रुपये की जांचें मरीज कराते हैं। ऐसे में पिछले 30 दिन में साढ़े चार लाख रुपये की जांच मरीज निजी केंद्रों से करा चुके हैं।
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