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घर में रुका और गृह स्वामी का कर लिया अपहरण
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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार वर्मा - प्रथम की अदालत ने अपहरण के आरोपी को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया कि थाना टहरौली के ग्राम लौड़ी निवासी जगतराज उर्फ माते ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि वह अपने परिवार के साथ अपने नाना पंडवाहा निवासी बलराम उर्फ बली अहिरवार के यहां रहता है। 16 अगस्त 2013 को नाना का रिश्तेदार थाना टहरौली के रावतपुरा निवासी दशरथ आया और रात में घर में ही रुक गया। रात तकरीबन साढ़े दस बजे जब वो उठा तो नाना और दशरथ दोनों गायब मिले। पड़ोसियों की मदद से खोजबीन करने पर राजापुर के पुल के मोड़ पर एक चौपहिया वाहन पलटा मिला। देखा तो नाना घायलावस्था में उसमें पड़े हुए थे। उनका मुंह कपड़े से बंद था, जबकि हाथ पीछे बंधे हुए थे। उन्होंने बताया कि दशरथ अपने साथियों के साथ उनका अपहरण करके ले जा रहा था। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त दशरथ को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया कि थाना टहरौली के ग्राम लौड़ी निवासी जगतराज उर्फ माते ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि वह अपने परिवार के साथ अपने नाना पंडवाहा निवासी बलराम उर्फ बली अहिरवार के यहां रहता है। 16 अगस्त 2013 को नाना का रिश्तेदार थाना टहरौली के रावतपुरा निवासी दशरथ आया और रात में घर में ही रुक गया। रात तकरीबन साढ़े दस बजे जब वो उठा तो नाना और दशरथ दोनों गायब मिले। पड़ोसियों की मदद से खोजबीन करने पर राजापुर के पुल के मोड़ पर एक चौपहिया वाहन पलटा मिला। देखा तो नाना घायलावस्था में उसमें पड़े हुए थे। उनका मुंह कपड़े से बंद था, जबकि हाथ पीछे बंधे हुए थे। उन्होंने बताया कि दशरथ अपने साथियों के साथ उनका अपहरण करके ले जा रहा था। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
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अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त दशरथ को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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