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हर बार पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे मानवेंद्र
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कुंवर मानवेंद्र सिंह।
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बीजेपी : हर बार पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे मानवेंद्र
झांसी। भारतीय जनता पार्टी ने बुंदेलखंड के कद्दावर नेता कुंवर मानवेंद्र सिंह को तीसरी बार विधान परिषद (एमएलसी) का प्रत्याशी बनाया है। पार्टी का यह निर्णय जिला पंचायत चुनाव और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जातिगत समीकरण बिठाने से जोड़कर देखा जा रहा है। जनप्रतिनिधि के तौर उनकी मौजूदगी से हमेशा पार्टी को फायदा हुआ है। वर्तमान में वह बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वह पहले सभापति भी रह चुके हैं। पार्टी संगठन को मजबूत करने में उनका हमेशा से ही अहम योगदान रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से मानवेंद्र सिंह ने छात्र राजनीति की शुरूआत की थी। लखनऊ विश्वविद्यालय से छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ा। भाजपा ने 1985 में गरौठा विधानसभा से उनको टिकट दिया, जिसमें जीत हासिल कर उन्होंने पार्टी का भरोसा जीत लिया। इसके बाद वह राजनीति में आगे बढ़ते चले गए। उनकी राजनीतिक परख देख पार्टी ने उनको 1987 में भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। पहली बार वह 1990 में एमएलसी चुने गए। उनका कार्यकाल 1996 तक रहा। इसके बाद वह 1996 से 2000 तक जल विद्युत निगम के अध्यक्ष रहे। दूसरी बार वह साल 2000 में एमएलसी बने। वरिष्ठता के आधार पर उनको साल 2002 में विधान परिषद सदन का कार्यवाहक सभापति चुना गया। 2004 से 2006 तक वह उप सभापति भी रहे। पार्टी ने साल 2016 में उनको कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र में क्षेत्रीय अध्यक्ष का दायित्व सौंपा। यह दायित्व निभाने में वह खरे साबित हुए। पार्टी को उनके नेतृत्व में साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बुंदेलखंड की सभी 19 सीटों पर जीत हासिल हुई। 2019 में उनको बुंदेलखंड विकास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। एमएलसी प्रत्याशी बनाए जाने पर उनका कहना है कि यह पार्टी का आदेश है जिसमें मुझे खरा साबित होना है।
शनिवार को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा होते ही सदर बाजार मार्ग पर सिविल लाइन स्थित आवास पर उनको बधाई देने के लिए पार्टी नेताओं का तांता लगा रहा।
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झांसी। भारतीय जनता पार्टी ने बुंदेलखंड के कद्दावर नेता कुंवर मानवेंद्र सिंह को तीसरी बार विधान परिषद (एमएलसी) का प्रत्याशी बनाया है। पार्टी का यह निर्णय जिला पंचायत चुनाव और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जातिगत समीकरण बिठाने से जोड़कर देखा जा रहा है। जनप्रतिनिधि के तौर उनकी मौजूदगी से हमेशा पार्टी को फायदा हुआ है। वर्तमान में वह बुंदेलखंड विकास बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वह पहले सभापति भी रह चुके हैं। पार्टी संगठन को मजबूत करने में उनका हमेशा से ही अहम योगदान रहा है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से मानवेंद्र सिंह ने छात्र राजनीति की शुरूआत की थी। लखनऊ विश्वविद्यालय से छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ा। भाजपा ने 1985 में गरौठा विधानसभा से उनको टिकट दिया, जिसमें जीत हासिल कर उन्होंने पार्टी का भरोसा जीत लिया। इसके बाद वह राजनीति में आगे बढ़ते चले गए। उनकी राजनीतिक परख देख पार्टी ने उनको 1987 में भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। पहली बार वह 1990 में एमएलसी चुने गए। उनका कार्यकाल 1996 तक रहा। इसके बाद वह 1996 से 2000 तक जल विद्युत निगम के अध्यक्ष रहे। दूसरी बार वह साल 2000 में एमएलसी बने। वरिष्ठता के आधार पर उनको साल 2002 में विधान परिषद सदन का कार्यवाहक सभापति चुना गया। 2004 से 2006 तक वह उप सभापति भी रहे। पार्टी ने साल 2016 में उनको कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र में क्षेत्रीय अध्यक्ष का दायित्व सौंपा। यह दायित्व निभाने में वह खरे साबित हुए। पार्टी को उनके नेतृत्व में साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बुंदेलखंड की सभी 19 सीटों पर जीत हासिल हुई। 2019 में उनको बुंदेलखंड विकास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। एमएलसी प्रत्याशी बनाए जाने पर उनका कहना है कि यह पार्टी का आदेश है जिसमें मुझे खरा साबित होना है।
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शनिवार को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा होते ही सदर बाजार मार्ग पर सिविल लाइन स्थित आवास पर उनको बधाई देने के लिए पार्टी नेताओं का तांता लगा रहा।