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अधर में लटक गए चार करोड़ के निर्माण कार्य
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झांसी। महानगर में चार करोड़ रुपये के निर्माण कार्य अधर में लटक गए हैं। तय तिथि तक निर्माण कार्य पूरे न हो पाने से भुगतान में दिक्कत आड़े आ रही है। हालांकि नगर निगम अधिकारी 14वें वित्त के कामों को पूरा करने की तिथि आगे बढ़ने की राह देख रहे हैं। लेकिन अब तक केंद्र सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं आए हैं। ऐसे में निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं।
केंद्र सरकार ने 14वें वित्त आयोग के तहत नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2019-20 में 70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इस मद में मिले धन को नगर निगम को 31 मार्च 2020 तक खर्च करना था। इस दौरान कोरोना काल और लॉकडाउन के चलते केंद्र सरकार ने निर्माण कार्य और धन खर्च करने की तिथि 31 जुलाई तक आगे बढ़ा दी। इसके बाद एक बार फिर से 31 दिसंबर तक तिथि को बढ़ाकर काम पूरे करने के लिए कहा। नगर निगम ने अंतिम तिथि को देखते हुए निर्माण कार्य तेजी से पूरे कराने पर जोर दिया। कई निर्माण कार्यों को अंतिम समय तक पूरा करा दिया गया, लेकिन करीब सात निर्माण फिर भी अधूरे रह गए हैं। चार करोड़ रुपये की लागत के निर्माण कार्यों को पूरा कराने के लिए नगर निगम तिथि एक बार फिर से बढ़ने का इंतजार कर रहा है। अगर तिथि आगे नहीं बढ़ी, तो नगर निगम को राज्य वित्त आयोग की निधि से भुगतान करना होगा। निगम अधिकारियों के मुताबिक कोरोना काल और फिर मजदूर न मिलने से कई काम पिछड़ गए थे। चीफ इंजीनियर एलएन सिंह का कहना है कि निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। कोई काम अटका नहीं है। 15वें वित्त आयोग के कामों के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
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केंद्र सरकार ने 14वें वित्त आयोग के तहत नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2019-20 में 70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इस मद में मिले धन को नगर निगम को 31 मार्च 2020 तक खर्च करना था। इस दौरान कोरोना काल और लॉकडाउन के चलते केंद्र सरकार ने निर्माण कार्य और धन खर्च करने की तिथि 31 जुलाई तक आगे बढ़ा दी। इसके बाद एक बार फिर से 31 दिसंबर तक तिथि को बढ़ाकर काम पूरे करने के लिए कहा। नगर निगम ने अंतिम तिथि को देखते हुए निर्माण कार्य तेजी से पूरे कराने पर जोर दिया। कई निर्माण कार्यों को अंतिम समय तक पूरा करा दिया गया, लेकिन करीब सात निर्माण फिर भी अधूरे रह गए हैं। चार करोड़ रुपये की लागत के निर्माण कार्यों को पूरा कराने के लिए नगर निगम तिथि एक बार फिर से बढ़ने का इंतजार कर रहा है। अगर तिथि आगे नहीं बढ़ी, तो नगर निगम को राज्य वित्त आयोग की निधि से भुगतान करना होगा। निगम अधिकारियों के मुताबिक कोरोना काल और फिर मजदूर न मिलने से कई काम पिछड़ गए थे। चीफ इंजीनियर एलएन सिंह का कहना है कि निर्माण कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। कोई काम अटका नहीं है। 15वें वित्त आयोग के कामों के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
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