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Jhansi News: आधी सदी गुजर गई, पुलिस नहीं ढूंढ़ पाई आरोपी
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सतीश उदैनिया
झांसी। तारीख पर तारीख गुजर रही है, लेकिन आरोपी अदालत की दहलीज तक नहीं पहुंच रहे। पुलिस की तलाश और न्यायालयों के स्थायी वारंट भी उन्हें पकड़ने में नाकाम साबित हुए हैं। झांसी में ऐसे 11 आरोपी हैं, जो वर्षों से फरार चल रहे हैं। इनमें दो के खिलाफ वर्ष 1975 में मामले दर्ज हुए थे। करीब 51 साल बाद भी उनका कोई पता नहीं है।
न्यायिक अभिलेखों के मुताबिक इनमें से पांच आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। लंबे समय से फरार कुछ आरोपियों के जीवित होने तक की स्थिति स्पष्ट नहीं है। कोई गैंगस्टर का आरोपी है तो कोई दहेज हत्या का। कई संगीन मामलों में आरोपियों की तलाश चल रही है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से संबंधित मुकदमों में न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
इन फरार आरोपियों में लखनऊ निवासी इफ्तिखार और मध्य प्रदेश के कटनी निवासी करण सिंह सबसे लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इफ्तिखार के खिलाफ पूंछ थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को बंधक बनाने का मामला अप्रैल 1975 में दर्ज हुआ था। वहीं, करण सिंह अवैध हथियार रखने के आरोप में उसी साल से फरार है। करीब पांच दशक बीतने के बाद भी दोनों का पता नहीं चल सका है। बबीना निवासी ज्ञान सिंह लोधी और रामस्वरूप लोधी के खिलाफ भी स्थायी वारंट जारी हैं।
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इटावा निवासी नीरज कुमार वर्ष 2009 से गैंगस्टर एक्ट के मामले में फरार है। हरियाणा के सिरसा निवासी अनिल खुराना के खिलाफ नवाबाद थाने में दहेज हत्या का मामला दर्ज है। बिहार के बक्सर निवासी मनोज कुमार प्रेमनगर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामले में वारंटी है। इन आरोपियों की गैरमौजूदगी में पुलिस और अभियोजन के सामने मुकदमों को आगे बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है।
मध्य प्रदेश के पांच वारंटी भी नहीं आए हाथ
झांसी पुलिस को मध्य प्रदेश के पांच आरोपियों की तलाश है। दतिया जिले के बड़ौनी निवासी रघुवीर वर्ष 1992 से अवैध हथियार रखने के मामले में फरार है। ग्वालियर निवासी सुधीर शाक्य मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में वांछित है। ग्वालियर के मुरार निवासी बाबूलाल गैर इरादतन हत्या के मामले में फरार है। ओरछा निवासी भज्जू काछी वर्ष 1997 में बरुआसागर थाना क्षेत्र में हुई हत्या के बाद से पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। ये आरोपी भी लंबे समय से न्यायालय में पेश नहीं हुए हैं।
पेशी के बाद ही आगे बढ़ेगी मुकदमों की कार्रवाई
संयुक्त निदेशक, अभियोजन अजय कुमार मिश्र के मुताबिक, जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों में 11 आरोपियों के खिलाफ स्थायी वारंट जारी हैं। आरोपियों के न्यायालय में पेश होने पर ही संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई और निर्णय संभव हो सकेगा। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के तीन मामले इन वारंटियों से संबंधित हैं, जबकि बाकी मामले अन्य थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद
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झांसी। तारीख पर तारीख गुजर रही है, लेकिन आरोपी अदालत की दहलीज तक नहीं पहुंच रहे। पुलिस की तलाश और न्यायालयों के स्थायी वारंट भी उन्हें पकड़ने में नाकाम साबित हुए हैं। झांसी में ऐसे 11 आरोपी हैं, जो वर्षों से फरार चल रहे हैं। इनमें दो के खिलाफ वर्ष 1975 में मामले दर्ज हुए थे। करीब 51 साल बाद भी उनका कोई पता नहीं है।
न्यायिक अभिलेखों के मुताबिक इनमें से पांच आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। लंबे समय से फरार कुछ आरोपियों के जीवित होने तक की स्थिति स्पष्ट नहीं है। कोई गैंगस्टर का आरोपी है तो कोई दहेज हत्या का। कई संगीन मामलों में आरोपियों की तलाश चल रही है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से संबंधित मुकदमों में न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
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इन फरार आरोपियों में लखनऊ निवासी इफ्तिखार और मध्य प्रदेश के कटनी निवासी करण सिंह सबसे लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इफ्तिखार के खिलाफ पूंछ थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को बंधक बनाने का मामला अप्रैल 1975 में दर्ज हुआ था। वहीं, करण सिंह अवैध हथियार रखने के आरोप में उसी साल से फरार है। करीब पांच दशक बीतने के बाद भी दोनों का पता नहीं चल सका है। बबीना निवासी ज्ञान सिंह लोधी और रामस्वरूप लोधी के खिलाफ भी स्थायी वारंट जारी हैं।
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इटावा निवासी नीरज कुमार वर्ष 2009 से गैंगस्टर एक्ट के मामले में फरार है। हरियाणा के सिरसा निवासी अनिल खुराना के खिलाफ नवाबाद थाने में दहेज हत्या का मामला दर्ज है। बिहार के बक्सर निवासी मनोज कुमार प्रेमनगर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामले में वारंटी है। इन आरोपियों की गैरमौजूदगी में पुलिस और अभियोजन के सामने मुकदमों को आगे बढ़ाने की चुनौती बनी हुई है।
मध्य प्रदेश के पांच वारंटी भी नहीं आए हाथ
झांसी पुलिस को मध्य प्रदेश के पांच आरोपियों की तलाश है। दतिया जिले के बड़ौनी निवासी रघुवीर वर्ष 1992 से अवैध हथियार रखने के मामले में फरार है। ग्वालियर निवासी सुधीर शाक्य मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में वांछित है। ग्वालियर के मुरार निवासी बाबूलाल गैर इरादतन हत्या के मामले में फरार है। ओरछा निवासी भज्जू काछी वर्ष 1997 में बरुआसागर थाना क्षेत्र में हुई हत्या के बाद से पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। ये आरोपी भी लंबे समय से न्यायालय में पेश नहीं हुए हैं।
पेशी के बाद ही आगे बढ़ेगी मुकदमों की कार्रवाई
संयुक्त निदेशक, अभियोजन अजय कुमार मिश्र के मुताबिक, जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों में 11 आरोपियों के खिलाफ स्थायी वारंट जारी हैं। आरोपियों के न्यायालय में पेश होने पर ही संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई और निर्णय संभव हो सकेगा। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के तीन मामले इन वारंटियों से संबंधित हैं, जबकि बाकी मामले अन्य थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद